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ग्रामीणों ने फर्जी विजिलेंस रेड का पर्दाफाश किया, जबरन वसूली के प्रयास में 4 गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, आरोपी सरकारी नंबर प्लेट वाली एक बोलेरो एसयूवी में आए और खुद को एक आधिकारिक बिजली सतर्कता अभियान का हिस्सा बताया। ग्रामीणों ने जब पहचान पत्र दिखाने के लिए कहा, तो वे भागने लगे, जिससे संदेह और बढ़ गया।

प्रतीकात्मक तस्वीर
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उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के एक गांव के लोगों ने एक फर्जी छापेमारी को नाकाम कर बिजली विभाग की सतर्कता टीम के अधिकारी बनकर आए चार लोगों को पकड़ लिया। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार, यह समूह कथित तौर पर बिजली चोरी की जांच की आड़ में स्थानीय लोगों से पैसे वसूल रहा था। यह घटना 30 जुलाई को फरौली गांव में हुई।

पुलिस के अनुसार, आरोपी सरकारी नंबर प्लेट वाली एक बोलेरो एसयूवी में आए और खुद को एक आधिकारिक बिजली सतर्कता अभियान का हिस्सा बताया। ग्रामीणों ने जब पहचान पत्र दिखाने के लिए कहा, तो वे भागने लगे, जिससे संदेह और बढ़ गया।

सतर्क स्थानीय लोगों ने उनका पीछा किया, उन्हें हिरासत में लिया तथा अधिकारियों को सूचित किया।

पुलिस ने कहा कि उन्होंने चारों व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनकी पहचान बाद में हाथरस जिले के सासनी इलाके के निवासियों के रूप में हुई। इनमें वाहन चालक प्रवीण शर्मा भी शामिल था, जिसने एसयूवी राज्य विद्युत विभाग को लीज पर दी थी।

आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता अधिनियम के तहत जबरन वसूली और छद्मवेश धारण करने का आरोप लगाया गया है।

पुलिस का कहना है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

पीटीआई के इनपुट के साथ


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