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oi-Bhavna Pandey
India Bangladesh ties: बांग्लादेश की राजनीति में दो दशकों से अधिक समय बाद बड़ा बदलाव आया है। 12 फरवरी को हुए आम चुनावों में बांग्लादेश नेशनल पार्टी (BNP) को दो-तिहाई बहुमत मिला है और पार्टी प्रमुख तारिक रहमान (Tarique Rahman) की सत्ता में वापसी तय मानी जा रही है। मीडिया रिपोट के अनुसार पार्टी अध्यक्ष तारिक रहमान अगले चार दिनों के भीतर प्रधानमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।
अपनी जीत के बाद पहले संबोधन में तारिक रहमान ने जहां राष्ट्रीय एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर जोर दिया, वहीं भारत के साथ संबंधों को “बांग्लादेश पहले” की नीति और आपसी सम्मान के आधार पर आगे बढ़ाने की बात कही। साथ ही, पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना (Sheikh Hasina) के प्रत्यर्पण के सवाल पर उन्होंने इसे “कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर” बताया।

भारत-बांग्लादेश संबंध पर क्या बोले तारिक रहमान?
भारत के साथ संबंधों पर पूछे गए सवाल के जवाब में तारिक रहमान ने स्पष्ट किया कि उनकी विदेश नीति का निर्धारण “बांग्लादेश और उसके लोगों के हित” करेंगे। उन्होंने पहले भी संकेत दिया था कि बीएनपी सरकार भारत, चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसियों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखेगी और किसी भी देश को “स्वामी” नहीं मानेगी।
वहीं बीएनपी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि वह भारत के साथ आपसी सम्मान, एक-दूसरे की चिंताओं के प्रति संवेदनशीलता और क्षेत्रीय शांति व स्थिरता की साझा प्रतिबद्धता के आधार पर रचनात्मक संबंध आगे बढ़ाना चाहती है।
पीएम मोदी ने तारिक रहमान को दी बधाई
बीएनपी की जीत के तुरंत बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को फोन कर बधाई दी। पीएम मोदी ने दोनों देशों के “गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों” का उल्लेख करते हुए शांति, प्रगति और समृद्धि के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।
बीएनपी ने भी इस संदेश का स्वागत किया और संकेत दिया कि नई सरकार भारत के साथ बहुआयामी संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने उम्मीद जताई है कि पीएम मोदी को तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया जा सकता है।
आजतक को दिए इंटरव्यू में तारिक रहमान के दो प्रमुख सलाहकारों, ज़ियाउद्दीन हैदर और हुमायूं कबीर ने ज़ियाउद्दीन हैदर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल को भारत-बांग्लादेश संवाद के लिए अहम अवसर बताया और एस जयशंकर के हालिया दौरे और खालिदा जिय के निधन पर भारत के शोक संदेश को सकारात्मक संकेत माना।
बांग्लादेश के नागरिकों के हित सर्वोपरि होंगे
उन्होंने कहा कि नई सरकार की ‘बांग्लादेश फर्स्ट’ नीति के तहत नागरिकों के हित सर्वोपरि होंगे, जबकि स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, जलवायु परिवर्तन और खाद्य सुरक्षा पर खास ध्यान दिया जाएगा। साथ ही भारत और अन्य पड़ोसियों के साथ सम्मानजनक संबंध मजबूत करने तथा South Asian Association for Regional Cooperation (सार्क) को पुनः सक्रिय कर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा।
शेख हसीना का प्रत्यर्पण पर क्या बोले तारिक?
बीएनपी की जीत के साथ ही सबसे बड़ा सवाल पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के भविष्य को लेकर उठ रहा है। नवंबर 2025 में बांग्लादेश के अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने 2024 के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में उन्हें अनुपस्थिति में दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई थी। ढाका ने भारत से द्विपक्षीय प्रत्यर्पण संधि के तहत उन्हें वापस सौंपने की मांग की है।
बीएनपी के वरिष्ठ नेता सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि पार्टी कानून के अनुसार प्रत्यर्पण पर जोर देती है और यह दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के बीच का विषय है। वहीं, तारिक रहमान ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “यह कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करता है।”
अवामी लीग का बहिष्कार और हसीना की प्रतिक्रिया
इस चुनाव में अवामी लीग को भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया था। शेख हसीना ने चुनाव को “सुनियोजित मजाक” करार दिया और कम मतदान को आम चुनाव के प्रति अस्वीकृति का प्रमाण बताया।
19 महीने के राजनीतिक शून्य का अंत
2024 में छात्र-नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों के बाद अवामी लीग सरकार के पतन से पैदा हुआ 19 महीने का राजनीतिक शून्य अब समाप्त होता दिख रहा है। चुनाव आयोग के अनुसार 300 में से 299 सीटों पर हुए मतदान में लगभग 59 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। बीएनपी ने 209 सीटें जीतीं, जबकि उसके सहयोगियों ने तीन और सीटें अपने नाम कीं।

























