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Viral Video: पैंट्री मैनेजर ने की केटरिंग कर्मचारी की पिटाई! बस 5 रुपये है इसका कारण

5 रुपये के लिए गजब पिटा बंदा Image Credit source: Social Media

आमतौर पर लोग रेलवे की पेंट्री कार को अपनी यात्रा का सुरक्षित हिस्सा मानते हैं. वहां काम करने वाले कर्मचारियों पर हम भरोसा करते हैं कि वे हमारे खाने पीने का ध्यान रखेंगे और माहौल भी शांत रहेगा. लेकिन इस वायरल क्लिप ने उस भरोसे को गहरी चोट पहुंचाई है. कुछ ही सेकंड का यह वीडियो दिखाता है कि बंद डिब्बों के भीतर कभी-कभी हालात कितने भयावह हो सकते हैं.

वीडियो की शुरुआत में दिखता है कि पेंट्री कार में मौजूद मैनेजर अपने ही कर्मचारी को जमीन पर बैठाकर डांट रहा है. शुरुआत में लगता है कि शायद सिर्फ झगड़ा चल रहा है, लेकिन धीरे धीरे मामला हिंसा में बदल जाता है. मैनेजर बार बार कर्मचारी की कॉलर पकड़ लेता है, उसके बाल खींचता है और लगातार थप्पड़ मारता है. कुछ क्षणों बाद वह उसे लात मारते भी दिखाई देता है. इन सबके बीच कर्मचारी कुछ नहीं कर पाता. वह घबराकर हाथ जोड़ लेता है और बार बार खुद को बचाने की कोशिश करता है, लेकिन मैनेजर किसी भी बात की परवाह किए बिना उस पर टूट पड़ा है.

क्या दिखा इस वीडियो में?

क्लिप में मौजूद एक और व्यक्ति की आवाज साफ सुनाई देती है. वह बार बार मैनेजर से शांत रहने की अपील करता है. वह कहता है कि इतनी मारपीट का कोई मतलब नहीं है, गलती हुई होगी तो बात करके सुलझाई जा सकती है. फिर भी मैनेजर की हरकतें थमने का नाम नहीं लेतीं. वह जैसे हर नियम और सीमाएं भूल चुका हो. उसकी नाराजगी इस हद तक बढ़ जाती है कि वह कर्मचारी को इंसान समझने की बजाय उसे अपमानित करने का साधन बना लेता है. पेंट्री कार जैसे पेशेवर माहौल में इस तरह का व्यवहार देखकर कोई भी सन्न रह जाए.

वीडियो में बताया जाता है कि इस विवाद की वजह सिर्फ पांच रुपये की ओवरचार्जिंग थी. मैनेजर चिल्लाता है कि इस गलती के कारण कंपनी पर भारी जुर्माना लग सकता है और उसी तनाव में वह अपना आपा खो बैठा है. हालांकि ऐसा कोई भी कारण यह हिंसा सही नहीं ठहरा सकता. कंपनी के नियमों का हवाला देकर किसी कर्मचारी पर हाथ उठाना बिल्कुल गलत है. हर संगठन में शिकायत और जांच की एक तय प्रक्रिया होती है, लेकिन यहां गुस्से में अंधा हो चुका मैनेजर किसी प्रक्रिया का पालन नहीं करता. उसकी हरकतें यह दिखाती हैं कि वह जिम्मेदारी से ज्यादा अपनी सत्ता दिखाने में लगा था.

यहां देखिए वीडियो

पूरे वीडियो को देखकर एक बात और ध्यान खींचती है कि वहां मौजूद लोग खुद को सिर्फ रिकॉर्डिंग तक सीमित रखते हैं. वे रोकने की कोशिश तो करते हैं, लेकिन मैनेजर की नाराजगी इतनी तीखी है कि कोई आगे बढ़कर कर्मचारी को उसके कब्जे से छुड़ाने का साहस नहीं करता. ऐसी स्थितियों में यह डर भी समझ में आता है कि कहीं वह गुस्सा किसी और पर न टूट पड़े. फिर भी यह सोचने की बात है कि कई बार किसी को बचाने के लिए सिर्फ कैमरा खुला रखना काफी नहीं होता.



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