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Viral: शादी का मंडप और लैपटॉप खोलकर बैठी दुल्हन, आखिर क्यों इस वायरल तस्वीर पर छिड़ गई बहस?

शादी के मंडप में लैपटॉप खोले दुल्हन की फोटो वायरलImage Credit source: X/@meh_agarwal

हाल ही में लोकसभा में एक बिल पेश हुआ था ‘राइट टू डिस्कनेक्ट’ बिल, जिसे लेकर अभी भी देशभर में चर्चा चल रही है. इस बिल का साफ-साफ मतलब है कि कर्मचारियों को ऑफिस के बाद या छुट्टी के दिन मैनेजर का कॉल ना उठाने और काम से संबंधित ईमेल का जवाब ना देने का अधिकार होगा, लेकिन इस बीच सोशल मीडिया पर एक तस्वीर धड़ल्ले से वायरल हो रही है, जिससे ‘वर्किंग कल्चर’ को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है. दरअसल, इस तस्वीर में एक दुल्हन अपने दूल्हे के साथ शादी के मंडप में बैठी नजर आती है और उसने इस दौरान अपना लैपटॉप खोल रखा था.

अगर कोई पहली बार ये तस्वीर देखे तो उसके मन में बहुत सारे ख्याल आएंगे कि आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी आ गई कि दुल्हन को अपनी शादी के दिन लैपटॉप खोलकर बैठना पड़ा. अगर आप सोच रहे हैं कि दुल्हन लैपटॉप पर ऑफिस का काम कर रही है, तो आप बिल्कुल सही हैं, लेकिन इस कहानी में थोड़ा ट्विस्ट है. दरअसल, ये दुल्हन KoyalAI के सीईओ मेहुल अग्रवाल की बहन गौरी अग्रवाल है, जो कंपनी की को-फाउंडर भी हैं. मेहुल अग्रवाल ने खुद अपनी बहन की इस तस्वीर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर शेयर किया है और शादी के खास मौके पर भी लैपटॉप खोलकर काम करने की पूरी हकीकत बयां की है.

गौरी ने ठीक किया ऑफिस के सॉफ्टवेयर का बग

मेहुल ने अपनी पोस्ट में लिखा है, ‘लोग स्टार्टअप्स को बहुत रोमांटिक समझते हैं, लेकिन इसमें बहुत काम होता है. यह मेरी बहन और को-फाउंडर गौरी अग्रवाल हैं, जो अपनी शादी में, सेरेमनी के 10 मिनट बाद KoyalAI में एक जरूरी बग ठीक कर रही है. यह कोई फोटो ऑप नहीं था, माता-पिता हम दोनों पर नाराज भी हुए थे. जब लोग पूछेंगे कि हम क्यों जीते, तो मैं उन्हें ये दिखाऊंगा’.

सोशल मीडिया यूजर्स ने क्या कहा?

अब जब मेहुल की ये पोस्ट सोशल मीडिया पर आई, तो लोगों ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दी. एक यूजर ने लिखा, ‘मुझे ऐसी कंपनी में इन्वेस्ट करना बिल्कुल पसंद नहीं होगा (अगर मेरे पास पैसे होते तो) जहां कर्मचारी एक जरूरी बग ठीक नहीं कर पाते और को-फाउंडर को अपनी शादी के दिन बीच में आना पड़ता है. मुझे लगता है कि फाउंडर्स की तरफ से यह बहुत बड़ी नाकामी है कि उन्होंने अपने कर्मचारियों को जरूरी समस्याओं को संभालने के लिए अच्छी तरह से ट्रेन नहीं किया, यह एक तरह की पावर-होर्डिंग वाली सोच है. कुल मिलाकर यह एक नाकाम दिखावा लगता है’.

वहीं, एक अन्य यूजर ने भी इसी तरह से लिखा है, ‘मैं अपने करियर को लेकर बहुत सीरियस हूं, लेकिन उन पलों को छोड़ने की कीमत पर नहीं जो मेरे लिए सबसे ज्यादा मायने रखते हैं’. हालांकि कई यूजर्स ऐसे भी हैं, जिन्होंने गौरी के काम के प्रति इस समर्पण और जुनून की तारीफ भी की है.

देखें वायरल पोस्ट

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