International
oi-Siddharth Purohit
Year
Ender
2025:
इस
साल
के
अंत
तक
दुनिया
में
घूमने
की
आज़ादी
काफी
हद
तक
इस
बात
पर
निर्भर
करती
है
कि
आपके
पास
किस
देश
का
पासपोर्ट
है।
आज
के
दौर
में
पासपोर्ट
सिर्फ
पहचान
का
दस्तावेज़
नहीं,
बल्कि
आपकी
ग्लोबल
मोबिलिटी
की
चाबी
बन
चुका
है।
हेनले
पासपोर्ट
इंडेक्स
2025
के
मुताबिक,
किसी
देश
का
पासपोर्ट
जितना
मजबूत
होता
है,
उसके
नागरिक
उतने
ही
ज़्यादा
देशों
में
बिना
वीज़ा
या
वीज़ा
ऑन
अराइवल
यात्रा
कर
सकते
हैं।
यही
वजह
है
कि
हर
साल
इस
रैंकिंग
पर
पूरी
दुनिया
की
नज़र
रहती
है।
हेनले
पासपोर्ट
इंडेक्स
क्या
बताता
है?
हेनले
पासपोर्ट
इंडेक्स
दुनिया
की
सबसे
भरोसेमंद
रैंकिंग
मानी
जाती
है,
जो
यह
बताती
है
कि
किसी
देश
का
पासपोर्ट
धारक
कितने
देशों
में
बिना
पहले
से
वीज़ा
लिए
जा
सकता
है।
इसमें
केवल
वही
गंतव्य
गिने
जाते
हैं,
जहां
वीज़ा-फ्री
या
वीज़ा
ऑन
अराइवल
की
सुविधा
मिलती
है।
जितनी
ज्यादा
पहुंच,
उतना
ही
ताकतवर
पासपोर्ट
माना
जाता
है।

सिंगापुर
बना
दुनिया
का
सबसे
ताकतवर
पासपोर्ट
2025
में
भी
सिंगापुर
ने
अपना
नंबर-1
स्थान
बरकरार
रखा
है।
सिंगापुर
पासपोर्ट
रखने
वाले
लोग
दुनिया
के
193
देशों
में
बिना
किसी
पूर्व
वीज़ा
के
यात्रा
कर
सकते
हैं।
यह
आंकड़ा
दिखाता
है
कि
सिंगापुर
की
अंतरराष्ट्रीय
छवि,
कूटनीतिक
रिश्ते
और
आर्थिक
ताकत
कितनी
मजबूत
है।
एशिया
और
यूरोप
का
दबदबा
दूसरे
स्थान
पर
दक्षिण
कोरिया
रहा,
जिसके
नागरिक
190
देशों
में
वीज़ा-मुक्त
यात्रा
कर
सकते
हैं।
जापान
ने
189
गंतव्यों
के
साथ
तीसरा
स्थान
हासिल
किया।
इसके
बाद
यूरोप
की
एंट्री
होती
है।
जर्मनी
188
देशों
तक
पहुंच
के
साथ
चौथे
स्थान
पर
रहा,
जबकि
इटली
भी
188
गंतव्यों
के
साथ
पांचवें
पायदान
पर
मौजूद
है।
इससे
साफ
है
कि
एशिया
और
यूरोप
अब
भी
ग्लोबल
ट्रैवल
फ्रीडम
में
सबसे
आगे
हैं।
भारत
की
रैंकिंग:
सुधार
की
गुंजाइश
बाकी
हेनले
पासपोर्ट
इंडेक्स
2025
में
भारत
को
83वां
स्थान
मिला
है।
भारतीय
पासपोर्ट
धारक
57
देशों
में
बिना
वीज़ा
या
वीज़ा
ऑन
अराइवल
यात्रा
कर
सकते
हैं।
भले
ही
यह
आंकड़ा
बीते
सालों
के
मुकाबले
बेहतर
हुआ
हो,
लेकिन
टॉप
देशों
से
तुलना
करें
तो
अभी
भारत
को
लंबा
सफर
तय
करना
है।
पाकिस्तान
की
स्थिति
और
भी
कमजोर
पाकिस्तान
इस
सूची
में
102वें
स्थान
पर
है।
पाकिस्तानी
नागरिक
सिर्फ
31
देशों
में
बिना
वीज़ा
यात्रा
कर
सकते
हैं।
यह
रैंकिंग
पाकिस्तान
की
कमजोर
कूटनीति
और
अंतरराष्ट्रीय
भरोसे
की
कमी
को
भी
दर्शाती
है।
क्यों
मायने
रखता
है
मजबूत
पासपोर्ट?
मजबूत
पासपोर्ट
का
मतलब
सिर्फ
घूमना
नहीं,
बल्कि
पढ़ाई,
नौकरी,
बिज़नेस
और
ग्लोबल
एक्सपोज़र
के
ज्यादा
मौके
भी
होते
हैं।
2025
की
यह
रैंकिंग
साफ
दिखाती
है
कि
आने
वाले
समय
में
देशों
की
सॉफ्ट
पावर
और
अंतरराष्ट्रीय
रिश्ते
नागरिकों
की
जिंदगी
पर
सीधा
असर
डालते
रहेंगे।
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