International
oi-Sumit Jha
Indian
origin
men
jailed
UK:
ब्रिटेन
के
डर्बी
शहर
में
2023
की
गर्मियों
के
दौरान
एक
कबड्डी
प्रतियोगिता
में
भड़की
हिंसा
ने
पूरे
समुदाय
को
झकझोर
कर
रख
दिया
था।
अल्वास्टन
इलाके
में
आयोजित
इस
खेल
उत्सव
में
दो
गुटों
के
बीच
खूनी
संघर्ष
हुआ,
जिससे
वहां
भगदड़
मच
गई।
अब
इस
मामले
में
डर्बी
क्राउन
कोर्ट
ने
कड़ा
रुख
अपनाते
हुए
भारतीय
मूल
के
तीन
व्यक्तियों
को
जेल
की
सजा
सुनाई
है।
पुलिस
जांच
और
वीडियो
फुटेज
ने
दोषियों
की
संलिप्तता
को
स्पष्ट
कर
दिया,
जिसके
बाद
कानून
ने
सार्वजनिक
सुरक्षा
और
शांति
भंग
करने
के
आरोप
में
यह
बड़ा
फैसला
सुनाया।

(AI
Image)
खेल
के
मैदान
में
खूनी
संघर्ष
अगस्त
2023
के
एक
रविवार
को
जब
लोग
कबड्डी
का
आनंद
ले
रहे
थे,
तभी
अचानक
माहौल
हिंसक
हो
गया।
एल्वास्टन
लेन
स्थित
मैदान
पर
दो
समूहों
के
बीच
झड़प
शुरू
हो
गई
और
गोलीबारी
की
अफवाहों
ने
स्थिति
को
और
डरावना
बना
दिया।
देखते
ही
देखते
खेल
का
मैदान
रणक्षेत्र
में
तब्दील
हो
गया
और
लोग
अपनी
जान
बचाकर
भागने
लगे।
पुलिस
के
अनुसार,
इस
घटना
ने
न
केवल
आयोजन
को
प्रभावित
किया
बल्कि
स्थानीय
नागरिकों
के
मन
में
गहरा
डर
पैदा
कर
दिया।
वीडियो
फुटेज
से
बेनकाब
हुए
दोषी
डर्बीशायर
पुलिस
ने
जांच
के
दौरान
मौके
के
कई
वीडियो
फुटेज
खंगाले,
जिनमें
अपराधियों
की
पहचान
उजागर
हुई।
फुटेज
में
बूटा
सिंह,
दमनजीत
सिंह
और
राजविंदर
टकहर
सिंह
को
हथियारों
के
साथ
हिंसा
में
शामिल
होते
हुए
देखा
गया।
बूटा
सिंह
की
कार
से
पुलिस
ने
दो
बड़े
चाकू
भी
बरामद
किए।
इन
ठोस
डिजिटल
सबूतों
ने
अदालत
में
अभियोजन
पक्ष
के
मामले
को
बेहद
मजबूत
कर
दिया,
जिससे
दोषियों
के
पास
बचने
का
कोई
रास्ता
नहीं
बचा
और
उनकी
गिरफ्तारी
सुनिश्चित
हुई।
ये
भी
पढ़ें:
England:
क्यों
बंद
किया
जा
रहा
40
साल
पुराना
हिंदू
मंदिर?
कौन
है
मोहम्मद
जमीन
जो
बने
विवाद
की
जड़?
अदालत
का
सख्त
फैसला
और
सजा
डर्बी
क्राउन
कोर्ट
ने
इस
मामले
को
जन
सुरक्षा
के
लिए
गंभीर
खतरा
माना।
कोर्ट
ने
बूटा
सिंह
को
चार
साल,
राजविंदर
सिंह
को
तीन
साल
दस
महीने
और
दमनजीत
सिंह
को
तीन
साल
चार
महीने
की
जेल
की
सजा
सुनाई।
न्यायाधीश
ने
स्पष्ट
किया
कि
खेल
आयोजनों
में
हथियारों
का
उपयोग
और
हिंसक
उपद्रव
अक्षम्य
है।
इस
मामले
में
पहले
भी
सात
लोगों
को
जेल
भेजा
जा
चुका
है,
जो
यह
दर्शाता
है
कि
कानून
व्यवस्था
ऐसे
अपराधों
पर
कितनी
सख्त
है।
सार्वजनिक
सुरक्षा
और
पुलिस
का
संदेश
डर्बीशायर
पुलिस
ने
सजा
के
बाद
जारी
बयान
में
कड़ा
संदेश
दिया
कि
सार्वजनिक
स्थानों
पर
हिंसा
और
हथियारों
के
प्रदर्शन
को
किसी
भी
कीमत
पर
बर्दाश्त
नहीं
किया
जाएगा।
पुलिस
अधिकारियों
ने
कहा
कि
कबड्डी
जैसे
सांस्कृतिक
और
खेल
आयोजनों
का
उद्देश्य
भाईचारा
बढ़ाना
होता
है,
न
कि
खौफ
पैदा
करना।
इस
कार्रवाई
का
मकसद
भविष्य
में
ऐसी
घटनाओं
को
रोकना
और
समाज
में
यह
विश्वास
पैदा
करना
है
कि
कानून
तोड़ने
वालों
को
उनके
किए
की
सजा
जरूर
मिलेगी।
ये
भी
पढ़ें:
Britain:
कैंसर
जीन
वाले
स्पर्म
ने
बांटी
मौत!
एक
ही
व्यक्ति
से
जन्मे
197
बच्चे,
14
देशों
तक
फैल
गया
मामला

























