International
oi-Sumit Jha
Donald
Trump
Venezuela
conflict:
दक्षिण
अमेरिका
में
गहराते
राजनीतिक
और
सैन्य
तनाव
के
बीच
ब्राजील
के
राष्ट्रपति
लूला
डी
सिल्वा
ने
अत्यंत
महत्वपूर्ण
रुख
अपनाया
है।
मर्कोसुर
शिखर
सम्मेलन
में
बोलते
हुए
उन्होंने
अमेरिका
द्वारा
वेनेजुएला
पर
बनाए
जा
रहे
सैन्य
दबाव
और
आर्थिक
नाकेबंदी
की
कड़ी
निंदा
की।
लूला
ने
स्पष्ट
किया
कि
किसी
भी
प्रकार
का
सशस्त्र
हस्तक्षेप
न
केवल
वेनेजुएला,
बल्कि
पूरे
लैटिन
अमेरिका
के
लिए
विनाशकारी
सिद्ध
होगा।
यह
बयान
ऐसे
समय
में
आया
है
जब
डोनाल्ड
ट्रंप
प्रशासन
ने
वेनेजुएला
के
तेल
व्यापार
पर
कड़े
प्रतिबंध
लगाकर
क्षेत्रीय
स्थिरता
को
चुनौती
दी
है।

सैन्य
हस्तक्षेप
की
कड़ी
चेतावनी
राष्ट्रपति
लूला
ने
अंतरराष्ट्रीय
समुदाय
को
आगाह
किया
कि
वेनेजुएला
के
विरुद्ध
बल
प्रयोग
एक
मानवीय
आपदा
को
जन्म
देगा।
उन्होंने
जोर
देकर
कहा
कि
बाहरी
शक्तियों
की
सैन्य
मौजूदगी
और
नौसैनिक
नाकेबंदी
दक्षिण
अमेरिका
की
शांति
के
लिए
बड़ा
खतरा
है।
लूला
के
अनुसार,
इस
तरह
की
दखलअंदाजी
अंतरराष्ट्रीय
कानून
की
सीमाओं
का
उल्लंघन
करती
है।
उन्होंने
चेतावनी
दी
कि
यदि
युद्ध
की
स्थिति
बनती
है,
तो
इसके
परिणाम
पूरे
महाद्वीप
को
भुगतने
होंगे,
जिससे
विकास
और
स्थिरता
का
मार्ग
पूरी
तरह
अवरुद्ध
हो
जाएगा।
वेनेजुएला
पर
अमेरिका
का
बड़ा
एक्शन
डोनाल्ड
ट्रंप
प्रशासन
ने
वेनेजुएला
पर
दबाव
बढ़ाते
हुए
वहां
के
तेल
टैंकरों
की
आवाजाही
पर
पूर्ण
प्रतिबंध
लगा
दिया
है।
अमेरिका
ने
निकोलस
मादुरो
की
सरकार
को
‘विदेशी
आतंकवादी
संगठन’
घोषित
कर
सैन्य
तनाव
को
चरम
पर
पहुंचा
दिया
है।
इसके
अतिरिक्त,
अमेरिकी
नौसेना
द्वारा
तेल
टैंकरों
की
जब्ती
जारी
रखने
के
फैसले
ने
लैटिन
अमेरिकी
देशों
में
असुरक्षा
का
भाव
पैदा
कर
दिया
है।
लूला
ने
इसे
क्षेत्रीय
संप्रभुता
पर
बाहरी
हमला
बताते
हुए
इसे
तुरंत
रोकने
की
मांग
की
है।
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39
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के
लोगों
को
अमेरिका
में
No
Entry,
1
जनवरी
से
लागू
होगा
नया
प्रतिबंध
ब्राजील
के
राष्ट्रपति
ने
दिया
शांति
का
प्रस्ताव
ब्राजील
के
राष्ट्रपति
ने
कूटनीतिक
समाधान
का
समर्थन
करते
हुए
हाल
ही
में
अमेरिकी
राष्ट्रपति
ट्रंप
से
फोन
पर
चर्चा
की।
लूला
ने
ट्रंप
को
स्पष्ट
सुझाव
दिया
कि
सैन्य
टकराव
की
तुलना
में
बातचीत
और
समझौता
अधिक
प्रभावशाली
और
कम
नुकसानदेह
साबित
होता
है।
उनका
मानना
है
कि
दक्षिण
अमेरिका
के
पास
शांति
और
समृद्धि
के
अलावा
कोई
दूसरा
विकल्प
नहीं
होना
चाहिए।
लूला
ने
वैश्विक
मंच
से
अपील
की
है
कि
वेनेजुएला
संकट
को
हथियारों
के
बजाय
मेज
पर
बैठकर
सुलझाया
जाए।
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ने
क्यों
कहा
कि
भारतीय
छात्रों
को
लौटना
पड़ता
है?
लैटिन
अमेरिकी
देशों
ने
अमेरिका
के
खिलाफ
दिखाई
एकजुटता
वेनेजुएला
पर
अमेरिकी
कार्रवाई
के
खिलाफ
कई
लैटिन
अमेरिकी
देशों
और
क्षेत्रीय
संगठनों
ने
एकजुटता
दिखाई
है।
इन
देशों
ने
संयुक्त
राष्ट्र
और
अंतरराष्ट्रीय
समुदाय
से
तत्काल
हस्तक्षेप
की
मांग
की
है
ताकि
क्षेत्र
को
युद्ध
की
आग
से
बचाया
जा
सके।
राष्ट्रपति
लूला
का
यह
कड़ा
रुख
दर्शाता
है
कि
ब्राजील
इस
संकट
में
एक
मध्यस्थ
की
भूमिका
निभाना
चाहता
है।
क्षेत्रीय
नेताओं
का
मानना
है
कि
बाहरी
दबाव
के
बजाय
आंतरिक
संवाद
ही
वेनेजुएला
में
शांति
का
एकमात्र
स्थायी
समाधान
है।

























