International
oi-Divyansh Rastogi
Iran
Protests
13
Days
Timeline:
ईरान
में
बढ़ती
महंगाई
और
आर्थिक
संकट
के
खिलाफ
विरोध
प्रदर्शन
13वीं
रात
भी
थमने
का
नाम
नहीं
ले
रहे।
लाखों
लोग
सड़कों
पर
उतर
आए
हैं,
और
सुरक्षा
बलों
के
साथ
झड़पों
में
अब
तक
42
लोगों
की
मौत
हो
चुकी
है।
सर्वोच्च
नेता
अली
खामेनेई
(Ali
Khamenei)
ने
अमेरिकी
राष्ट्रपति
डोनाल्ड
ट्रंप
(Donald
Trump)
को
चेतावनी
दी
कि
उन्हें
‘सत्ता
से
बेदखल’
कर
दिया
जाएगा।
देश
में
इंटरनेट
और
फोन
सेवाएं
ठप
हैं,
जिससे
संचार
बाधित
है।
निर्वासित
राजकुमार
रजा
पहलवी
(Exiled
Iran
Prince
Reza
Pahlavi)
ने
प्रदर्शनकारियों
का
समर्थन
किया
और
ट्रंप
से
मदद
मांगी।
आइए,
इस
समझते
हैं
–
विरोध
कैसे
शुरू
हुए,
12
दिनों
में
कैसे
फैले,
मौतों
का
आंकड़ा,
इंटरनेट
ब्लैकआउट
का
प्रभाव
और
अंतरराष्ट्रीय
प्रतिक्रियाएं।
यह
कहानी
आर्थिक
दबाव,
राजनीतिक
दमन
और
जनाक्रोश
की
है,
जो
ईरान
की
स्थिरता
को
चुनौती
दे
रही
है…

Iran
Protests
Reason:
आर्थिक
संकट
से
भड़की
चिंगारी
ईरान
में
विरोध
प्रदर्शन
27
दिसंबर
2025
को
शुरू
हुए,
जब
महंगाई
और
बेरोजगारी
के
खिलाफ
लोग
सड़कों
पर
उतरे।
अमेरिकी
प्रतिबंधों
और
जून
2025
में
हुए
12
दिवसीय
युद्ध
से
हुए
नुकसान
ने
अर्थव्यवस्था
को
चरमरा
दिया।
रुपये
की
गिरावट,
आयात
महंगा
होने
से
खाद्य
पदार्थों
की
कीमतें
आसमान
छू
रही
हैं।
कई
लोग
दिन
में
एक
बार
ही
खाना
खा
पा
रहे
हैं।
सर्वोच्च
नेता
खामेनेई
ने
इसे
‘विदेशी
साजिश’
बताया,
लेकिन
प्रदर्शनकारियों
का
कहना
है
कि
यह
सरकार
की
विफलताओं
का
नतीजा
है।
निर्वासित
राजकुमार
रजा
पहलवी
(शाह
रेजा
पहलवी
के
पुत्र)
ने
विरोध
को
‘National
Rally’
का
नाम
दिया
और
लोगों
से
हर
रात
8
बजे
सड़कों
पर
उतरने
की
अपील
की।
पहलवी
अमेरिका
में
रहते
हैं
और
शासन
परिवर्तन
की
मांग
करते
हैं।
उनके
आह्वान
से
प्रदर्शन
तेज
हुए।
Iran
Protests
12
Days
Timeline:
12
दिनों
में
कैसे
फैली
आग?
टाइमलाइन
से
समझें
यहां
विरोध
प्रदर्शनों
की
क्रोनोलॉजिकल
टाइमलाइन
(Chronological
Timeline)
है,
जो
दिखाती
है
कि
चिंगारी
कैसे
आग
बनी:-
-
27
दिसंबर
2025
(दिन
1):
तेहरान
और
अन्य
शहरों
में
महंगाई
के
खिलाफ
छोटे
प्रदर्शन
शुरू।
सुरक्षा
बलों
ने
दमन
किया,
2
मौतें। -
28-30
दिसंबर
(दिन
2-4):
विरोध
तेहरान
से
शिराज,
मशहद
जैसे
शहरों
में
फैला।
इंटरनेट
ब्लैकआउट
शुरू,
10
मौतें। -
31
दिसंबर-2
जनवरी
2026
(दिन
5-7):
निर्वासित
राजकुमार
पहलवी
की
अपील
से
लाखों
सड़कों
पर।
कुद्स
फोर्स
कमांडर
सुलेमानी
की
मूर्तियां
तोड़ी
गईं।
20
मौतें। -
3-5
जनवरी
(दिन
8-10):
प्रदर्शन
राष्ट्रव्यापी।
सुरक्षा
बलों
ने
गोलीबारी
की,
आंसू
गैस
छोड़ी।
पूर्वी
तेहरान
में
अस्पतालों
में
शवों
के
वीडियो
वायरल।
30
मौतें। -
6-7
जनवरी
(दिन
11-12):
इंटरनेट
पूरी
तरह
ठप।
तेहरान
में
आगजनी,
वाहन
जलाए
गए।
खामेनेई
ने
ट्रंप
को
धमकी
दी।
कुल
मौतें
42। -
8
जनवरी
(दिन
13):
फरदिस
इलाके
में
गोलीबारी,
कई
घायल।
सुन्नी
धर्मगुरु
अब्दोलहमीद
ने
समर्थन
किया,
कहा
‘
भूख
से
कब्रिस्तान
बन
सकते
हैं’
।
यह
टाइमलाइन
दिखाती
है
कि
विरोध
आर्थिक
मुद्दों
से
शुरू
होकर
शासन
विरोधी
आंदोलन
में
बदल
गया।
Iran
Protests
Death
Rate
List:
42
की
मौत,
2000
गिरफ्तार
मानवाधिकार
समूह
HRANA
के
अनुसार,
42
मौतें
हुईं
–
34
प्रदर्शनकारी
और
2
सुरक्षा
बल।
2,000
से
ज्यादा
गिरफ्तार।
तेहरान
के
अलघदिर
अस्पताल
(Alaghadir
Hospital)
में
शवों
के
वीडियो
वायरल
हुए।
ईरान
के
अभियोजक
अली
सालेही
(Ali
Salehi)
ने
कहा
कि
आगजनी
और
सशस्त्र
झड़प
‘
मोहारे
बा’
(ईश्वर
के
खिलाफ
युद्ध)
है,
जो
मौत
की
सजा
योग्य
है।
सुरक्षा
बलों
ने
गोलीबारी
की,
जिससे
मौतें
हुईं।
Iran
Internet
Blackout:
सरकार
की
साजिश
या
दमन?
ईरान
में
इंटरनेट
और
फोन
सेवाएं
7
जनवरी
से
ठप
हैं।
नेटवर्क
मॉनिटरिंग
ग्रुप्स
के
अनुसार,
यह
ब्लैकआउट
प्रदर्शन
दबाने
के
लिए
है।
सरकारी
मीडिया
वेबसाइट्स
भी
डाउन
हैं।
UN
मानवाधिकार
प्रमुख
वोल्कर
तुर्क
ने
इसे
‘
अभिव्यक्ति
की
स्वतंत्रता
का
उल्लंघन’
बताया।
सीपीजे
(कमिटी
टू
प्रोटेक्ट
जर्नलिस्ट्स)
ने
इंटरनेट
बहाली
की
मांग
की।
खामेनेई
का
X
अकाउंट
ब्लैकआउट
के
दौरान
भी
एक्टिव
रहा,
जो
विडंबना
है।
X
ने
ईरान
फ्लैग
इमोजी
को
शेर
और
सूर्य
(पुराना
प्रतीक)
में
बदल
दिया,
जो
विरोध
का
समर्थन
है।
Iran
Protests
Ali
Khamenei
Warns
Trump:
खामेनेई
की
ट्रंप
को
धमकी-
‘सत्ता
से
बेदखल’
होगे
खामेनेई
ने
9
जनवरी
को
सरकारी
टीवी
पर
कहा
कि
ट्रंप
को
‘सत्ता
से
बेदखल’
कर
दिया
जाएगा।
उन्होंने
विरोध
को
‘विदेशी
साजिश’
बताया
और
अमेरिका
पर
आरोप
लगाया।
खामेनेई
ने
ट्रंप
को
‘फिरौन,
निमरूद
और
रजा
शाह’
से
तुलना
की,
जिन्हें
सत्ता
से
हटाया
गया।
उन्होंने
कहा
कि
ईरान
‘पीछे
नहीं
हटेगा’।
यह
धमकी
ट्रंप
की
विरोध
समर्थन
वाली
टिप्पणियों
का
जवाब
है।
ट्रंप
ने
ईरानियों
को
‘
बहादुर’
कहा
और
हिंसा
की
निंदा
की।
अंतरराष्ट्रीय
प्रतिक्रियाएं:
ट्रंप
से
समर्थन,
UN
की
चिंता
-
ट्रंप:
विरोधकारियों
की
सराहना
की,
कहा
‘सत्ता
परिवर्तन
ईरानियों
का
फैसला’
। -
UN:
तुर्क
ने
हिंसा
और
ब्लैकआउट
की
निंदा
की,
जांच
की
मांग। -
अमेरिका:
एक्सियोस
रिपोर्ट
–
अमेरिकी
इंटेलिजेंस
विरोध
की
निगरानी
कर
रही,
शासन
को
खतरा
आंका
जा
रहा
है। -
पहलवी
की
अपील:
ट्रंप
से
मदद
मांगी,
कहा
ब्लैकआउट
से
रक्तपात
हो
सकता
है। -
अन्य:
अमेरिकी
सीनेटर
बिल
हेगर्टी
ने
ईरानियों
का
समर्थन
किया।
ईरान
की
आंतरिक
प्रतिक्रिया:
सुन्नी
धर्मगुरु
का
समर्थन,
IRGC
की
धमकी
सुन्नी
धर्मगुरु
मोलावी
अब्दोलहमीद
(Abdolhamid
Ismaeelzahi)
ने
विरोध
का
समर्थन
किया,
कहा-
‘भूख
से
कब्रिस्तान
बन
सकते
हैं’।
IRGC
(रिवोल्यूशनरी
गार्ड्स)
ने
प्रदर्शनकारियों
को
धमकी
दी,
स्थिति
को
‘अस्वीकार्य’
बताया।
विदेश
मंत्री
ने
अमेरिका
और
इजराइल
पर
‘विरोध
को
अराजकता
में
बदलने’
का
आरोप
लगाया।
Iran
Protests
Impact-
Airlines
Cancelled,
Schools
Online:
एयरलाइंस
रद्द,
स्कूल
ऑनलाइन
फ्लाईदुबई
ने
ईरान
जाने
वाली
उड़ानें
रद्द
की।
दुबई
एयरपोर्ट्स
की
वेबसाइट
के
अनुसार,
दुबई
और
तेहरान,
शिराज
और
मशहद
सहित
कई
ईरानी
शहरों
के
बीच
निर्धारित
कम
से
कम
छह
उड़ानें
रद्द
कर
दी
गई
हैं।
एएफपी
की
रिपोर्ट
के
अनुसार,
टर्किश
एयरलाइंस
ने
भी
9
जनवरी
को
इस्तांबुल
से
तेहरान
जाने
वाली
पांच
उड़ानें
रद्द
कर
दीं।
ईरानी
एयरलाइंस
द्वारा
संचालित
पांच
अन्य
उड़ानें
भी
रद्द
कर
दी
गईं,
जबकि
सात
निर्धारित
समय
पर
ही
रहीं।
स्कूल
ऑनलाइन
शिफ्ट
हो
गए।
ब्लैकआउट
से
अर्थव्यवस्था
प्रभावित।
Iran
Political
Crisis:
ईरान
का
संकट
गहराया
ईरान
में
13
रातों
से
जारी
विरोध
आर्थिक
संकट
से
शुरू
होकर
शासन
विरोधी
आंदोलन
बन
गया।
42
मौतें,
2000
गिरफ्तारियां
–
यह
संख्या
बढ़
सकती
है।
खामेनेई
की
धमकी
और
ब्लैकआउट
दमन
का
हिस्सा
लगते
हैं।
अंतरराष्ट्रीय
समर्थन
बढ़
रहा
है,
लेकिन
ईरान
‘
पीछे
नहीं
हटेगा’
कह
रहा
है।
अगर
प्रदर्शन
जारी
रहे,
तो
बड़ा
बदलाव
आ
सकता
है।
भारत
जैसे
देशों
को
भी
नजर
रखनी
चाहिए,
क्योंकि
ईरान
में
बड़ी
भारतीय
कम्युनिटी
है।
(नोट:
मौतों
का
आंकड़ा
HRANA
रिपोर्ट
पर
आधारित।
स्थिति
बदल
सकती
है।)

Trump Tariff: ‘हमारी नीति किसी के दवाब में नहीं बदलेगी’, ट्रंप की धमकी पर भारत का करारा जवाब

Trump Greenland: पैसे के बल पर इस देश को खरीदेगा अमेरिका, हर व्यक्ति को 1 लाख डॉलर देने का प्लान

Pakistan के लिए काल का साल बना 2025! सैकड़ों फौजियों की मौत, शरीफ ने की दबाने की कोशिश लेकिन बाहर आई रिपोर्ट

America: कौन हैं वो 2 इंडियन ड्राइवर जो US में डेढ़ क्विंटल कोकीन के साथ हुए अरेस्ट, इस राज्य से है कनेक्शन

US Vs Denmark: ‘पहले गोली मारेंगे, बाद में बात करेंगे’, डेनमार्क ने ट्रंप को सिखाई तमीज, दिया तगड़ा डोज

US Senate vote: वेनेजुएला मुद्दे पर ट्रंप को झटका,अमेरिकी सीनेट ने सैन्य कार्रवाई के अधिकार पर लगाई लगाम

US Military Budget: ‘ड्रीम मिलिट्री’ के लिए ट्रंप का बड़ा दांव, अमेरिकी रक्षा बजट को 50% बढ़ाने का ऐलान

Iran Protests: कौन हैं रजा पहलवी? जो अमेरिका से आकर संभालेंगे ईरान की सत्ता, क्या है ट्रंप का प्लान

Modi Trump Call: ‘मोदी ने कॉल नहीं किया, इसलिए अटकी डील’ अमेरिकी नेता ने लगाया बड़ा आरोप- Video

Venezuela Crisis: संप्रभुता का अपहरण और अमेरिकी साम्राज्यवाद का नंगा नाच, दंतहीन यूएन की समीक्षा का समय

छत्तीसगढ़ अपार आईडी निर्माण में अग्रणी: बड़े राज्यों में सर्वाधिक प्रतिशत उपलब्धि दर्ज

Saurabh Dwivedi की नई पारी की शुरुआत, इस्तीफे के 2 दिन बाद किया बड़ा धमाका, जानिए अब कहां आएंगे नजर?

























