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Epstein Files में Dalai Lama का 169 बार जिक्र, तिब्बती आध्यात्मिक नेता ने सफाई में किए बड़े खुलासे | Epstein Files Dalai Lama Mentioned In 169 Instances, Clarification from His Office Explainer News Hindi

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oi-Divyansh Rastogi

Epstein Files Dalai Lama Case Update News Hindi: जेफरी एपस्टीन से जुड़े अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) के हालिया दस्तावेजों में तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा का नाम 169 बार आने की खबरों ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। दलाई लामा के कार्यालय ने इन दावों का जोरदार खंडन करते हुए कहा है कि उनका एपस्टीन से कोई संबंध नहीं था और कभी कोई मुलाकात नहीं हुई।

यह विवाद ईमेल्स, किताब की इंडेक्स और नेम-ड्रॉपिंग से जुड़ा लगता है, लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। मीडिया रिपोर्ट्स में इसे ‘सनसनीखेज’ बताया जा रहा है, लेकिन दलाई लामा के ऑफिस ने इसे ‘झूठा’ करार दिया। आइए इस पूरे मामले को Explainer के जरिए समझते हैं…

Epstein Files Dalai Lama

What Is Epstein File-Why Discussed: क्या हैं एपस्टीन फाइल्स और क्यों हो रही चर्चा?

जेफरी एपस्टीन एक अमेरिकी फाइनेंसर थे, जो यौन अपराधों के दोषी ठहराए गए थे। उनकी मौत 2019 में हुई, लेकिन उनके केस से जुड़े लाखों दस्तावेज हाल ही में अमेरिकी DoJ ने जारी किए हैं। इनमें 30 लाख से ज्यादा फाइलें, 2,000 वीडियो और 1.8 लाख तस्वीरें शामिल हैं। इन दस्तावेजों में राजनीतिक नेता, बिजनेसमैन और सेलिब्रिटी के नाम आते हैं, जैसे डोनाल्ड ट्रम्प, बिल क्लिंटन, बिल गेट्स और एलोन मस्क। दलाई लामा का नाम भी 169 बार सर्च करने पर मिलता है, ज्यादातर ईमेल्स में। लेकिन ये मेंशन नेम-ड्रॉपिंग या शेयर्ड आर्टिकल्स से लगते हैं, न कि किसी डायरेक्ट कनेक्शन से।

Dalai Lama Name In Epstein Files Reason : दलाई लामा का नाम कैसे और क्यों आया?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, दलाई लामा का नाम ज्यादातर ईमेल्स में आता है, जैसे 2012 के एक ईमेल में जहां उनकी एपस्टीन के साथ मीटिंग या इवेंट का जिक्र है। एक किताब ‘मसाज फॉर डमीज’ की इंडेक्स में भी नाम है, जो फाइल्स में स्कैन डॉक्यूमेंट के रूप में शामिल थी। यूरोपीय मीडिया ‘नेक्स्टा टीवी’ ने दावा किया कि दलाई लामा के फॉलोअर्स ने एपस्टीन से मुलाकात की हो सकती है। पत्रकार माइकल वोल्फ ने एक पॉडकास्ट में कहा कि दलाई लामा एपस्टीन के मैनहट्टन हाउस में ‘सैलून’ इवेंट्स में शामिल हुए हो सकते हैं, शायद फंडरेजिंग के लिए। लेकिन ये दावे अनुमान पर आधारित हैं। एक यूट्यूब वीडियो में दीपक चोपड़ा के ईमेल्स का जिक्र है, जहां दलाई लामा का नाम 169 बार आया क्योंकि चोपड़ा ने आर्टिकल्स शेयर किए थे। कोई सबूत नहीं कि दलाई लामा खुद शामिल थे।

Dalai Lama Clarification: दलाई लामा के ऑफिस की सफाई: क्या कहा गया?

दलाई लामा के कार्यालय ने रविवार (8 फरवरी 2026) को बयान जारी कर सभी दावों को खारिज किया। बयान में कहा गया, ‘हालिया मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट्स में दलाई लामा को जेफरी एपस्टीन से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। हम स्पष्ट रूप से कहते हैं कि दलाई लामा ने कभी एपस्टीन से मुलाकात नहीं की और न ही किसी को ऐसी मीटिंग की अनुमति दी।’ ऑफिस ने इसे ‘झूठा और भ्रामक’ बताया और अनवेरिफाइड क्लेम्स से सावधान रहने की सलाह दी। पहले भी, 2025 में काउंटरपंच आर्टिकल में इसी तरह के दावे उठे थे, लेकिन ऑफिस ने इनकार किया। रेडिट पर भी यूजर्स ने इसे ‘स्मियर कैंपेन’ बताया।

क्या है विवाद का राजनीतिक कोण?

कुछ मीडिया (जैसे CGTN और ECNS, जो चीन से जुड़े हैं) ने इस पर जोर दिया, शायद तिब्बत मुद्दे से लिंक करके। दलाई लामा तिब्बत के एक्साइल्ड लीडर हैं, और चीन उन्हें अलगाववादी मानता है। इसलिए, कुछ रिपोर्ट्स में बायस हो सकता है। लेकिन इंडियन मीडिया ने दलाई लामा के कार्यालय के बयान को हाइलाइट किया, दावों को अनवेरिफाइड बताया। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि नेम-ड्रॉपिंग से रेपुटेशन डैमेज करने की कोशिश हो सकती है, क्योंकि एपस्टीन के सर्कल में कई लोग फंडिंग के लिए जाते थे।

क्या कहते हैं फैक्ट-चेकर्स और आगे क्या?

फैक्ट-चेकिंग साइट्स और इंडिपेंडेंट जर्नलिस्ट्स ने पुष्टि की कि मेंशन हैं, लेकिन कोई प्रूफ नहीं कि दलाई लामा एपस्टीन से मिले। यह नेम-ड्रॉपिंग का मामला लगता है, जैसे दीपक चोपड़ा के ईमेल्स में। दलाई लामा के ऑफिस ने दान या कनेक्शन से इनकार किया। अगर नए डॉक्यूमेंट्स आएं, तो और खुलासे हो सकते हैं।

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