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oi-Bhavna Pandey
Bangladesh Election Results 2026: बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के तख्तापलट के डेढ़ साल बाद 13वें राष्ट्रीय संसद चुनावों के लिए 12 फरवरी (गुरुवार)को वोटिंग हुई और वोटों की गिनती के बाद अब परिणाम आना शुरू हो गए हैं। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के प्रमुख तारिक रहमान, जिन्हें प्रधानमंत्री पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा है, उन्होंने ढाका-17 और बोगुरा-6 की दोनों महत्त्वपूर्ण सीटों पर जीत हासिल कर ली है।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के प्रमुख तारिक रहमान ने 17 साल के निर्वासन के बाद इस बार के चुनाव में धमाकेदार वापसी की है। ‘प्रोथोम आलो’ की रिपोर्ट के अनुसार, बोगुरा-6 (सदर) सीट से चुनाव लड़ रहे 60 वर्षीय रहमान, गुरुवार रात 9:30 बजे तक आए आंशिक नतीजों में दो के मुकाबले एक के अंतर से बढ़त से आगे चल रहे थे और बाद में वो दोनों ही सीटों पर चुनाव जीत गए हैं।

तारिक रहमान की बड़ी जीत, पीएम पद की दावेदारी मजबूत
डिया सेल के सदस्य शायरुल कबीर खान ने ढाका ट्रिब्यून को अनौपचारिक नतीजों की पुष्टि करते हुए बताया कि बीएनपी नेता तारिक रहमान ने दो महत्वपूर्ण सीटों पर बड़े अंतर से जीत दर्ज की है। इस जीत को उनकी बढ़ती राजनीतिक ताकत का संकेत माना जा रहा है, जिससे वे प्रधानमंत्री पद के प्रमुख दावेदार बनकर उभरे हैं।
ढाका-17 में निर्णायक बढ़त
ढाका-17 सीट, जिसमें गुलशन, बारिदारा, बनानी और कैंटोनमेंट जैसे अहम क्षेत्र शामिल हैं, पर तारिक ने जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार एस.एम. खालिकुज्जमान को स्पष्ट अंतर से पराजित किया। बीएनपी के अनुसार, तारिक को 60,215 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी को 24,524 मत प्राप्त हुए। यह जीत राजधानी क्षेत्र में बीएनपी की मजबूत पकड़ का प्रमाण है।
बोगुरा-6 में भी शानदार प्रदर्शन
बोगुरा-6 (बोगुरा सदर) सीट पर भी तारिक ने जमात के मोहम्मद अब्दुर रहमान को दो गुने से अधिक मतों से हराया। प्रोथोम आलो की रिपोर्ट के अनुसार, 27 केंद्रों के परिणामों में तारिक को 37,465 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी को 17,428 मत ही मिल सके। बोगुरा जिले की सातों सीटों पर बीएनपी उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए हैं।
छात्र आंदोलन के बाद पहला बड़ा चुनाव
यह आम चुनाव 2024 के छात्र आंदोलन के बाद पहला बड़ा राजनीतिक मुकाबला था। पूर्व सत्ताधारी अवामी लीग, जिसका नेतृत्व शेख हसीना करती हैं, पंजीकरण निलंबन के कारण चुनाव में शामिल नहीं हो सकी। मुख्य मुकाबला बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी गठबंधन के बीच रहा।
शुरुआती रुझानों में बीएनपी आगे
प्रारंभिक रुझानों के अनुसार, बीएनपी 50 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि जमात 18 सीटों पर आगे चल रही है। कुल 299 सीटों पर मतदान हुआ, क्योंकि एक सीट पर चुनाव रद्द कर दिया गया था। मतदान प्रतिशत लगभग 48 प्रतिशत रहा। जुलाई में नेशनल चार्टर पर हुए जनमत संग्रह के परिणाम नई सरकार को संविधान में बड़े बदलाव करने का अधिकार दे सकते हैं।

























