viral

अमेरिका में इलाज का बिल 22 लाख, भारत में सिर्फ 47 हजार! वायरल कहानी ने छेड़ी बहस

अमेरिका की हेल्थकेयर पर उठे सवाल
Image Credit source: Pexels

अमेरिका में रहना, डॉलर्स में कमाना और एक शानदार लाइफस्टाइल…यह सपना हर साल लाखों भारतीय देखते हैं. लेकिन जब बात हेल्थकेयर यानी स्वास्थ्य सेवाओं की आती है, तो यही अमेरिकी सपना कई बार किसी बुरे सपने जैसा लगने लगता है. हाल ही में सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही वीडियो वायरल हो रहा है, जिसने भारत और अमेरिका की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है. इस वायरल वीडियो में एक भारतीय युवक युवान इबानेज ने दोनों देशों में अपनी मेडिकल इमरजेंसी के जो कड़वे-मीठे अनुभव शेयर किए हैं, उन्हें जानकर आपके भी होश उड़ जाएंगे.

अमेरिका में सीने में दर्द और 22 लाख का भारी-भरकम बिल

वीडियो में युवान इबानेज ने अपनी कहानी शेयर करते हुए बताया कि कैसे अमेरिका की मेडिकल व्यवस्था आम आदमी के लिए किसी आर्थिक संकट से कम नहीं है. युवान के मुताबिक, एक बार जब वह बॉस्केटबॉल खेल रहे थे, तब उनके सीने में तेज दर्द उठा. दर्द इतना भयंकर था कि उनका चलना-फिरना भी मुश्किल हो गया था. लेकिन चौंकाने वाली बात यह थी कि उन्होंने एंबुलेंस बुलाने से तौबा कर ली, क्योंकि अमेरिका में एंबुलेंस का खर्च ही हजारों डॉलर बैठता है.

वह खुद गाड़ी चलाकर अस्पताल पहुंचे, जहां उन्हें डेढ़ घंटे तक सिर्फ कागजी कार्रवाई और फॉर्म भरने के नाम पर वेटिंग रूम में बैठना पड़ा. जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें मिनी हार्ट अटैक आया था. इसके बावजूद उन्हें डॉक्टर से मिलने के लिए भी लंबा इंतजार करना पड़ा. जब अस्पताल का फाइनल बिल आया, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. कुल बिल 23,000 डॉलर (करीब 22 लाख रुपए) आया. हैरानी की बात यह है कि उनके पास टॉप-लेवल का हेल्थ इंश्योरेंस था, जिसके लिए वह हर महीने हजारों डॉलर भरते हैं, फिर भी उन्हें अपनी जेब से 7,000 डॉलर (लगभग 6.67 लाख रुपए) चुकाने पड़े.

भारत में इलाज का खर्च सिर्फ 47 हजार रुपये

इसके उलट युवान ने भारत में अपनी मेडिकल इमरजेंसी का अनुभव भी शेयर किया. उन्होंने बताया कि कुछ साल पहले भारत में जब वह कई बार बेहोश हुए थे, तो उनका परिवार उन्हें तुरंत एक प्राइवेट अस्पताल ले गया था. वहां बिना किसी लंबी कागजी कार्रवाई के तुरंत प्राइवेट रूम मिल गया. डॉक्टरों ने उनकी कई बड़ी जांचें कीं, जिनमें ECG, MRI और CT Scan शामिल थीं. जरूरत पड़ने पर वह आसानी से डॉक्टरों से खुलकर बात कर पा रहे थे और इलाज का पूरा प्लान उन्हें कुछ ही दिनों में समझा दिया गया. भारत में इस पूरे प्रीमियम इलाज का बिल महज 500 डॉलर (करीब 47 हजार रुपए) आया था. इस बड़े अंतर ने युवान की सोच पूरी तरह बदलकर रख दी है.

अब भारत लौटने का बना रहे हैं मन

अमेरिका के महंगे और ठंडे हेल्थकेयर सिस्टम से तंग आकर युवान अब स्थायी रूप से अमेरिका में बसने के बजाय भारत लौटने की योजना बना रहे हैं. उनका कहना है कि भले ही अमेरिका का इन्फ्रास्ट्रक्चर और मौसम बहुत अच्छा हो, लेकिन वहां की स्वास्थ्य व्यवस्था सचमुच बेहद जर्जर और आम आदमी की जेब पर भारी पड़ने वाली है. मूल रूप से पुणे में 16 साल बिताने वाले युवान का यह वीडियो अब इंटरनेट पर आग की तरह फैल चुका है और लोग इस पर जमकर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. यह भी पढ़ें:जो दवा US में 94,000 रुपए की थी, भारत में उसकी कीमत जान दंग रह जाएंगे आप; वायरल हुई अमेरिकी महिला की कहानी

अभिषेक राय

अभिषेक राय

अभिषेक राय (Abhishek Roy) अभी TV9 भारतवर्ष के डिजिटल विंग में असिस्टेंट न्यूज एडिटर (Assistant News Editor) हैं. पत्रकारिता में उन्हें 14 साल से ज्यादा का अनुभव है और इस फील्ड में उनकी अपनी एक अलग पहचान है. अपने करियर में उन्होंने कई बड़े मीडिया संस्थानों में काम किया है.

शुरुआत में वे भोपाल के ‘पीपुल्स समाचार’ अखबार (Peoples Samachar) से जुड़े. यहां उन्होंने प्रिंट मीडिया का काम सीखा. इसके बाद वे दैनिक भास्कर (Dainik Bhaskar) ग्रुप में लंबे समय तक रहे. खास बात ये कि उन्होंने भास्कर के अखबार और वेबसाइट, दोनों जगह काम किया. इससे उन्हें पुरानी और नई, दोनों तरह की पत्रकारिता का अनुभव मिला. अभिषेक ने अहमदाबाद के ‘जानो दुनिया’ (Jano Duniya) न्यूज चैनल में भी काम किया. यहां उन्होंने टीवी मीडिया में अपनी काबिलियत दिखाई.

अभिषेक को राजनीति और विदेशी मामलों की अच्छी समझ है. वे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक घटनाक्रमों और वैश्विक कूटनीति को बहुत ही बारीकी से समझते हैं. हालांकि, वर्तमान में डिजिटल मीडिया की बदलती मांग को देखते हुए वे अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं. इन दिनों वे ट्रेंडिंग खबरों, वायरल टॉपिक्स और हटके कंटेंट पर काम कर रहे हैं.

अभिषेक के लिए पत्रकारिता महज एक पेशा या सिर्फ पाठकों तक सूचनाएं या खबरें पहुंचाना नहीं है. उनका विजन और उद्देश्य इससे कहीं अधिक व्यापक है. वे मानते हैं कि एक पत्रकार के रूप में उनकी जिम्मेदारी है कि पाठकों को हर बार कुछ नया और अनूठा पढ़ने को मिले. कंटेंट ऐसा हो जो पाठकों की सोच के दायरे को विस्तृत करे और उन्हें एक नया नजरिया दे.

अभिषेक को पत्रकारिता के साथ-साथ ट्रैवलिंग का भी शौक है. भागदौड़ भरी जिंदगी से जब भी फुर्सत मिलती है, वे पहाड़ों की तरफ निकल जाते हैं और सुकून के पल बिताते हैं.

Read More



What's your reaction?

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts