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oi-Bhavna Pandey
Bangladesh: बांग्लादेश के अंतरिम प्रमुख मुहम्मद यूनुस ने सोमवार को त्यागपत्र दे दिया। यह ढाका में तारिक रहमान की बीएनपी सरकार के गठन से ठीक एक दिन पहले हुआ। यूनुस ने बीएनपी की “जबरदस्त जीत” पर बधाई देकर तारिक को औपचारिक रूप से सत्ता सौंप दी।
शेख हसीना के हटने के बाद बनी अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार यूनुस ने निर्वाचित सरकार को सत्ता सौंपने से पूर्व राष्ट्र को संबोधित किया। अपने विदाई संदेश में उन्होंने कहा, “आज अंतरिम सरकार पद छोड़ रही है। लेकिन लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों का जो अभ्यास शुरू हुआ है, उसे रुकना नहीं चाहिए।”

मोहम्मद यूनुस के विशेष सहायक देश छोड़ कर भागे
वहीं मोहम्मद यूनुस प्रशासन के एक प्रमुख अधिकारी, फैज अहमद तैयब, चुनाव संपन्न होते ही देश छोड़कर चले गए हैं। मोहम्मद यूनुस सरकार में विशेष सहायक रहे फैज अहमद तैयब डाक, दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का प्रभार संभालते थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने चीफ एडवाइजर मोहम्मद यूनुस द्वारा समन भेजे जाने के बाद देश छोड़ा है। बांग्लादेशी अखबार ‘प्रथम आलो’ की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार रात उनके व्हाट्सएप पर संपर्क करने पर तैयब ने कॉल काट दिया।
मोहम्मद यूनुस ने लिखा ये मैसेज
बाद में उन्होंने एक मैसेज में लिखा, “मैंने 9 और 10 तारीख को ऑफिस से छुट्टी ली थी। मिनिस्ट्री ने मुझे फॉर्मली विदाई दे दी है।” हालांकि, उन्होंने सीधे तौर पर यह नहीं बताया कि क्या वे देश छोड़कर चले गए हैं, लेकिन उनके एक करीबी सूत्र ने पुष्टि की कि वे शनिवार को ढाका के हजरत शाहजलाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से विदेश चले गए।
यूनुस अगस्त 2024 में बांग्लादेश लौटे थे, हसीना सरकार के पतन के कुछ दिनों बाद ही अंतरिम शासन बना। उन्होंने इस पतन को “महान मुक्ति का दिन” कहा: “क्या खुशी का दिन था! दुनिया भर के बांग्लादेशियों ने खुशी के आंसू बहाए। युवाओं ने देश को एक दानव की पकड़ से मुक्त कराया।”
यूनुस ने स्पष्ट किया कि बांग्लादेश अब “दब्बू” नहीं रहेगा। उसके संबंध आपसी सम्मान व राष्ट्रीय हित पर आधारित होंगे। द डेली स्टार के अनुसार, उनके प्रशासन ने संप्रभुता, राष्ट्रीय हित व गरिमा सहित बाहरी जुड़ाव के मौलिक सिद्धांतों को बहाल किया।
तारिक रहमान मंगलवार को बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनकी बीएनपी ने हालिया आम चुनावों में 297 में से 209 सीटें जीतकर शानदार बहुमत प्राप्त किया। शपथ ग्रहण समारोह बंगबंधु भवन के बजाय संसद परिसर के दक्षिण प्लाजा में होगा।
चुनाव में इस्लामी पार्टी जमात-ए-इस्लामी को 68 सीटें मिलीं। वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग को चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर दिया गया था।
13वीं जातीय संसद के लिए 299 सांसदों को शपथ लेनी है, पर अनिश्चितता है कि क्या वे प्रस्तावित संवैधानिक सुधार परिषद के सदस्यों के रूप में दूसरी शपथ भी लेंगे। बांग्लादेश के मौजूदा कानून केवल सांसदों के शपथ का प्रावधान करते हैं, संवैधानिक सुधार परिषद का जिक्र नहीं है।
हालांकि, जुलाई चार्टर के कार्यान्वयन आदेश के मुताबिक, “हां” जनमत संग्रह के बाद, 13वें संसदीय चुनाव के सांसदों से मिलकर एक संवैधानिक सुधार परिषद बनेगी।

























