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Jaguar Fighter Jet Crash : सगाई के 7 दिन बाद फाइटर पायलट बलिदान

Jaguar Fighter Jet Crash : गुजरात के जामनगर में भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) का एक लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव (Sidharth Yadav) बलिदान हो गए। सिद्धार्थ हरियाणा के रेवाड़ी के रहने वाले थे और भारतीय वायुसेना के एक काबिल पायलट थे। इस दर्दनाक हादसे में एक अन्य पायलट घायल हो गया, जिसका इलाज अस्पताल में चल रहा है।

अपने साथी की जान बचाने में गंवाई अपनी जिंदगी

फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव ने अपने साथी को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता प्राप्त की, लेकिन खुद की जान नहीं बचा सके। (Jaguar Fighter Jet Crash) उन्होंने विमान को घनी आबादी वाले इलाके से दूर ले जाकर बड़ा हादसा टाल दिया। उनके इस साहसिक निर्णय ने कई लोगों की जान बचा ली, लेकिन उनके परिवार के लिए ये एक अपूरणीय क्षति बन गई।

पिता ने दी भावुक श्रद्धांजलि (Jaguar Fighter Jet Crash)

सिद्धार्थ यादव के पिता सुशील यादव, जो खुद भी भारतीय वायुसेना में रह चुके हैं, ने मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान कहा, “वो एक मेधावी छात्र था। हमें उस पर हमेशा गर्व रहेगा। मेरे पिता और दादा भी सेना में थे। उसने दूसरों की जान बचाते हुए अपनी जान गंवा दी। दुख इस बात का है कि वो मेरा इकलौता बेटा था।” सिद्धार्थ की एक छोटी बहन भी है, जो अपने भाई को खोने के सदमे में है।

शादी की खुशियां बदलीं मातम में

इस दर्दनाक हादसे से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पिछले हफ्ते ही, 23 मार्च को सिद्धार्थ की सगाई हुई थी और परिवार शादी की तैयारियों में व्यस्त था। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. 31 मार्च को वे जामनगर एयरबेस पहुंचे थे, जहां ये हादसा हुआ। उनके पिता ने बताया कि आज शुक्रवार (04 अप्रैल, 2025) की सुबह उनका पार्थिव शरीर रेवाड़ी पहुंचेगा, जहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

भारतीय वायुसेना ने जताया शोक

भारतीय वायुसेना ने इस हादसे पर शोक व्यक्त किया है और दुर्घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। IAF ने एक्स हैंडल पर लिखा, “जामनगर एयरफील्ड से उड़ान भरने वाला भारतीय वायुसेना का जगुआर दो सीटों वाला विमान नाइट मिशन के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पायलटों को तकनीकी खराबी का सामना करना पड़ा और उन्होंने विमान से बाहर निकलने की कोशिश की। इस प्रयास में एयरफील्ड और स्थानीय आबादी को कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन दुर्भाग्यवश एक पायलट की मौत हो गई।”

वीरता और बलिदान की मिसाल

फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव की शहादत न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे देश के लिए एक बड़ी क्षति है। वे अपने साहस और कर्तव्यपरायणता के लिए हमेशा याद किए जाएंगे। उनकी ये वीरता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी। इस हादसे ने एक होनहार युवा को छीन लिया, जिसकी आंखों में देश की सेवा के सपने थे, लेकिन नियति ने उनके जीवन को असमय समाप्त कर दिया।

पूरे देश में शोक की लहर

इस घटना के बाद पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। सोशल मीडिया पर लोग उनके बलिदान को नमन कर रहे हैं और श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। सरकार और भारतीय वायुसेना ने उनके परिवार को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।

फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव की वीरता और बलिदान को राष्ट्र कभी नहीं भूलेगा। उनकी ये बलिदान हमेशा हमारे दिलों में जीवित रहेगी। जय हिंद!

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