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Munich Security Conference: ‘जब दुनिया जल रही थी तब कहां था’, अमेरिकी विदेश मंत्री ने UN पर उठाया सवाल | munich security conference 2026 marco rubio criticizes un failure global conflicts hindi news

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oi-Sumit Jha

Marco Rubio Munich Security Conference 2026: म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संयुक्त राष्ट्र (UN) को जमकर आड़े हाथों लिया है। उनका साफ कहना है कि जहां दुनिया जल रही है, वहां UN तमाशबीन बना बैठा है। यूक्रेन से लेकर गाजा तक, रुबियो ने दावा किया कि शांति की मेज सजाने और बंधकों को छुड़ाने का काम अमेरिका ने किया, जबकि UN सिर्फ कागजी कार्रवाई में उलझा रहा।

रुबियो का यह बयान ग्लोबल पॉलिटिक्स में अमेरिका की बढ़ती ‘धमक’ और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की ‘बेबसी’ को बड़े ही बेबाक अंदाज में बयां करता है।

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UN की ‘नो आंसर’ वाली क्लास: रुबियो का तीखा प्रहार

मार्को रुबियो ने दो-टूक कहा कि आज की सबसे बड़ी वैश्विक समस्याओं पर संयुक्त राष्ट्र के पास कोई जवाब नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब यूक्रेन और गाजा में भीषण युद्ध चल रहे थे, तब यह वैश्विक संस्था कहां थी? रुबियो के मुताबिक, UN ने इन विवादों को सुलझाने में लगभग ‘जीरो’ भूमिका निभाई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भले ही इसमें ‘भलाई का टूल’ बनने की क्षमता हो, लेकिन हकीकत में यह अपनी प्रासंगिकता खोता जा रहा है।

Russia Ukraine War:’अमेरिका ही है असली संकटमोचक’

रुबियो ने गर्व से कहा कि 2025 के अंत और 2026 की शुरुआत में रूस और यूक्रेन को बातचीत की मेज पर लाना अमेरिका की कामयाबी थी, UN की नहीं। गाजा के मामले में भी उन्होंने सीधा हमला बोला कि ‘बर्बर लोगों’ के चंगुल से बंधकों को छुड़ाने का काम अमेरिका ने किया। उनका संदेश साफ था जब दुनिया संकट में होती है, तो लोग न्यूयॉर्क (UN हेडक्वार्टर) की तरफ नहीं, बल्कि वॉशिंगटन की तरफ मदद के लिए देखते हैं।

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ईरान पर बमबारी और अंतरराष्ट्रीय कानून की हकीकत

जून 2026 में ईरान के साथ हुए 12 दिनों के संघर्ष का जिक्र करते हुए रुबियो ने कहा कि तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने में UN पूरी तरह ‘शक्तिहीन’ रहा। उन्होंने याद दिलाया कि यह अमेरिकी B-2 बमवर्षकों की सटीक बमबारी थी, जिसने खतरे को खत्म किया। रुबियो ने चेतावनी दी कि तानाशाह और अपराधी अब ‘अंतरराष्ट्रीय कानून’ की आड़ लेकर नहीं छिप सकते, क्योंकि वे खुद उन नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं। अमेरिका अपनी सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने से नहीं हिचकेगा।

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यूरोप के साथ दोस्ती का नया वादा: ‘हम यूरोप की ही संतान हैं’

पिछली बार के कड़वे भाषणों के उलट, इस बार रुबियो का अंदाज बदला हुआ था। उन्होंने यूरोप को गले लगाते हुए कहा कि अमेरिका ट्रांसअटलांटिक गठबंधन से पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने दिल जीतने वाली बात कही कि “भले ही हमारा घर पश्चिमी गोलार्ध में है, लेकिन हम हमेशा यूरोप की संतान रहेंगे।” जेडी वेंस के पुराने तीखे रुख को पीछे छोड़ते हुए, रुबियो ने साफ कर दिया कि भविष्य की चुनौतियों में अमेरिका और यूरोप कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे।

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