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oi-Sumit Jha
Pakistani soldiers captured by BLA: पाकिस्तान के बलूचिस्तान से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने ‘ऑपरेशन हीरोफ़ 2.0’ के बाद दावा किया है कि उनके कब्जे में पाकिस्तानी सेना के 7 जवान हैं। संगठन ने इन सैनिकों का वीडियो जारी कर पाकिस्तान सरकार के सामने एक बड़ी शर्त रख दी है।
BLA का कहना है कि अगर सेना इन जवानों को जिंदा वापस चाहती है, तो उसे अपनी जेलों में बंद बलूच लड़ाकों को रिहा करना होगा। इस ‘कैदी अदला-बदली’ की मांग ने पाकिस्तान में हड़कंप मचा दिया है और हालात एक बार फिर तनावपूर्ण हो गए हैं।

7 दिनों का अल्टीमेटम और मौत की सजा
BLA ने पाकिस्तानी सेना को चेतावनी देते हुए सिर्फ 7 दिनों की मोहलत दी है। संगठन का साफ कहना है कि अगर एक हफ्ते के भीतर उनके साथियों को नहीं छोड़ा गया, तो इन सातों सैनिकों को ‘सजा-ए-मौत’ दे दी जाएगी। वीडियो में जवान बेबस नजर आ रहे हैं और अपनी सरकार से जान बचाने की गुहार लगा रहे हैं। आतंकियों ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान उन्होंने 17 लोगों को पकड़ा था, जिनमें से प्रशासनिक अधिकारियों को छोड़ दिया गया, लेकिन सैनिकों को बंधक बना लिया गया।
Pakistan ISI was busy spreading Misinformation about Manipur while their soldiers are under custody of Baloch fighters. pic.twitter.com/IreGYpEpqQ
— Maj Digvijay Singh Rawat, Kirti Chakra (Retd) (@Dig_raw21) February 14, 2026 “>
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सैनिकों की पहचान और वीडियो संदेश
जारी किए गए वीडियो में दो सैनिकों की पहचान पुख्ता हो गई है, जिनमें एक जमील और दूसरा नाइक रैंक का सैनिक शम्स तबरेज है। शम्स तबरेज, जो खैबर पख्तूनख्वाह का रहने वाला है, वीडियो में अपना आईडी कार्ड दिखाते हुए पाकिस्तान सेना से भावुक अपील कर रहा है। वह कह रहा है कि सरकार और सेना को BLA की शर्तें मान लेनी चाहिए ताकि वे सभी सुरक्षित अपने घर लौट सकें। इस वीडियो ने सैनिकों के परिवारों की चिंता को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।
पुराना है खूनी इतिहास
पाकिस्तानी सेना के लिए यह स्थिति नई नहीं है, क्योंकि BLA पहले भी ऐसा कर चुका है। 2013 और 2015 में भी बलूच लड़ाकों ने जवानों को बंधक बनाया था और अपनी मांगें पूरी न होने पर उन्हें बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया था। बलूचिस्तान में ‘गायब’ किए गए लोगों की रिहाई को लेकर BLA हमेशा से कड़ा रुख अपनाता रहा है। इतिहास गवाह है कि जब-जब बातचीत नाकाम हुई है, तब-तब पाकिस्तान को अपने जवानों के शव ही नसीब हुए हैं।
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क्या झुकेगी पाकिस्तानी सेना?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि खुद को ताकतवर बताने वाली पाकिस्तान की सेना क्या इन उग्रवादियों के सामने घुटने टेकेगी? साल 2025 में भी तुर्बत में ऐसी ही स्थिति बनी थी, तब पहली बार पाकिस्तान सरकार ने ‘बैक चैनल’ यानी चोरी-छिपे BLA से बात की थी और कैदियों की अदला-बदली हुई थी। अब देखना यह होगा कि सरेंडर के इतिहास वाली पाक सेना इन 7 जवानों की जान बचाने के लिए कोई सैन्य ऑपरेशन करती है या फिर चुपचाप समझौता कर लेती है।

























