International
oi-Sumit Jha
India
China
direct
flights
Resume:
5
साल
के
लंबे
अंतराल
के
बाद,
भारत
और
चीन
ने
एक
बार
फिर
सीधी
उड़ान
सेवाओं
को
बहाल
कर
दिया
है।
यह
कदम
दोनों
देशों
के
बीच
संबंधों
के
सामान्यीकरण
की
दिशा
में
एक
महत्वपूर्ण
संकेत
है।
चाइना
ईस्टर्न
की
पहली
उड़ान
रविवार
को
दिल्ली
से
शंघाई
के
लिए
रवाना
होगी,
जबकि
इंडिगो
पहले
ही
कोलकाता
से
गुआंगझोउ
के
लिए
सेवा
शुरू
कर
चुका
है।
ये
उड़ानें
व्यापार,
पर्यटन
और
लोगों
के
बीच
संपर्क
को
मजबूत
करेंगी।
इस
बहाली
का
स्वागत
शंघाई
में
भारत
के
महावाणिज्यदूत
प्रतीक
माथुर
ने
किया
है,
जिन्होंने
इसे
बेहतर
कनेक्टिविटी
का
नया
युग
बताया
है।

(AI
Image)
महत्वपूर्ण
उड़ानों
का
विवरण
चाइना
ईस्टर्न
की
दिल्ली-शंघाई
उड़ान
वैकल्पिक
दिनों
में
संचालित
होगी।
यह
दिल्ली
से
रात
8
बजे
उड़ान
भरेगी
और
अगले
दिन
सुबह
शंघाई
पहुंचेगी।
वापसी
की
उड़ान
शंघाई
से
दोपहर
12:30
बजे
रवाना
होकर
शाम
6
बजे
दिल्ली
पहुंचेगी।
वहीं,
इंडिगो
10
नवंबर
से
दिल्ली
से
गुआंगझोउ
के
लिए
दैनिक
फ्लाइट
शुरू
करेगा,
जिसकी
शुरुआत
26
अक्टूबर
को
कोलकाता-गुआंगझोउ
सेवा
के
साथ
हो
चुकी
थी।
इन
सेवाओं
से
दोनों
देशों
के
प्रमुख
व्यापारिक
और
सांस्कृतिक
केंद्रों
के
बीच
आवागमन
आसान
होगा।
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की
हड्डी?
गलवान
घाटी
संघर्ष
के
बाद
हवाई
सेवा
बंद
था
उड़ान
सेवाओं
को
2020
में
गलवान
घाटी
संघर्ष
के
बाद
निलंबित
कर
दिया
गया
था,
जिससे
भारत-चीन
संबंध
सबसे
निचले
स्तर
पर
पहुंच
गए
थे।
हालांकि,
कूटनीतिक
और
सैन्य
वार्ताओं
की
एक
लंबी
प्रक्रिया
के
बाद,
दोनों
पक्षों
ने
लद्दाख
में
LAC
के
संघर्ष
पॉइंट्स
से
सेनाओं
की
वापसी
पर
सहमति
व्यक्त
की।
इस
समझौते
के
बाद,
प्रधान
मंत्री
नरेंद्र
मोदी
और
चीनी
राष्ट्रपति
शी
जिनपिंग
ने
रूस
के
कजान
में
बातचीत
की।
उड़ान
सेवाओं
की
बहाली
और
कैलाश
मानसरोवर
यात्रा
को
फिर
से
शुरू
करना,
संबंधों
को
सामान्य
बनाने
की
दिशा
में
उठाए
गए
सकारात्मक
कदम
हैं।
(98
शब्द)
भारत
की
कनेक्टिविटी
बेहतर
होगी
शंघाई
में
भारत
के
महावाणिज्यदूत,
प्रतीक
माथुर
ने
कहा
है
कि
उड़ान
सेवाओं
के
फिर
से
शुरू
होने
से
पूर्वी
चीन
क्षेत्र,
जिसमें
हांग्जो
(AI
केंद्र)
और
यिवू/केकियाओ
(कपड़ा
और
व्यापार
केंद्र)
शामिल
हैं,
के
साथ
भारत
की
कनेक्टिविटी
बेहतर
होगी।
भारत,
जो
दुनिया
की
सबसे
तेजी
से
बढ़ती
अर्थव्यवस्था
है,
को
शंघाई
के
नेतृत्व
वाले
पूर्वी
चीन
के
विशाल
बाजार
और
व्यापारिक
केंद्र
के
करीब
लाने
में
यह
कदम
महत्वपूर्ण
साबित
होगा।
इससे
द्विपक्षीय
व्यापार,
निवेश
और
पर्यटन
को
बढ़ावा
मिलने
की
प्रबल
संभावना
है।
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