Javed Mansoori murder case : इंदौर कोर्ट ने जावेद मंसूरी मर्डर केस में 3 साल बाद फैसला सुनाते हुए मृतक की पत्नी और प्रेमी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों ने अवैध संबंध की राह में बाधा बनने पर जावेद को मौत के घाट उतार दिया था।
मध्य प्रदेश में इंदौर जिले के चंदननगर थाना क्षेत्र में वर्ष 2023 में हुए चर्चित जावेद मंसूरी हत्याकांड में जिला अदालत ने मृतक की पत्नी, उसके प्रेमी और एक अन्य आरोपी को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश विवेक कुमार चंदेल की अदालत ने आरोपी रुखसाना मंसूरी, उसके प्रेमी सद्दाम हुसैन और उसके साथी शाकिर खान को हत्या, साक्ष्य मिटाने और आपराधिक षड्यंत्र सहित अन्य धाराओं में दोषी मानते हुए उम्रकैद के साथ 12 हजार और 15 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
विशेष लोक अभियोजक सुरेंद्र सिंह वास्केल ने बताया कि 22 अप्रैल 2023 को रुखसाना मंसूरी ने चंदननगर थाने पहुंचकर अपने पति जावेद मंसूरी की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उसने पुलिस को बताया था कि जावेद 21 अप्रैल की दोपहर काम की तलाश में घर से निकले थे। रात करीब 9:30 बजे उन्होंने फोन पर सब्जी लेकर घर लौटने की बात कही थी, लेकिन इसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया और वे घर नहीं पहुंचे।
कॉल डिटेल से खुली साजिश
जांच के दौरान पुलिस को जावेद के परिजनों से जानकारी मिली कि रुखसाना के सद्दाम हुसैन से अवैध संबंध थे। इसी आधार पर पुलिस ने रुखसाना और सद्दाम की कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन खंगाली। जांच में सामने आया कि घटना वाले दिन दोनों लगातार संपर्क में थे और उनके साथ शाकिर खान भी मौजूद था। संदेह गहराने पर पुलिस ने सद्दाम को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने हत्या की पूरी साजिश का खुलासा कर दिया।
प्रेम संबंध बना हत्या की वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि सद्दाम और रुखसाना के बीच प्रेम संबंध थे। जावेद को इस रिश्ते की जानकारी हो गई थी, जिसके बाद पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था। अभियोजन के अनुसार इसी कारण रुखसाना, सद्दाम और शाकिर ने मिलकर जावेद की हत्या की साजिश रची।
21 अप्रैल 2023 की रात तीनों ने मिलकर जावेद की हत्या कर दी और पहचान छिपाने के उद्देश्य से उसका शव ग्रीन पार्क कॉलोनी के एक खाली मैदान में ले जाकर छुपा दिया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने शव बरामद किया और मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए।
तीन साल बाद आया फैसला
मामले की विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश किया। करीब तीन वर्ष तक चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों, कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोप सिद्ध किए। सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयान का परीक्षण करने के बाद अदालत ने रुखसाना मंसूरी, सद्दाम हुसैन और शाकिर खान को हत्या, साक्ष्य मिटाने और षड्यंत्र रचने का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
रिपोर्ट – हेमंत
