कानपुर दवा कारोबारी हत्याकांड: 112 मिनट में रची साजिश, 72 मिनट इंतजार के बाद पुराने नौकर ने किया कत्ल, Uttar-pradesh Hindi News

कानपुर के दवा कारोबारी  की हत्या पुराने नौकर ने अपने साथी के साथ मिलकर की। पूरी वारदात में उसे 112 में लगे। फिर डुप्लिकेट चाभी की मदद से फ्लैट में घुसकर मालिक को मार डाला। वहीं, पुलिस ने 24 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया।

UP News: यूपी के कानपुर में रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में 63 वर्षीय दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। उनके फ्लैट में ही रक्तरंजित शव मिला। शहर के सबसे पॉश अपार्टमेंट में शुमार इस फ्लैट में हुई वारदात से सनसनी फैल गई। पुलिस ने पूर्व नौकर विशाल और उसके साथी राजकिशोर को मुठभेड़ में दबोच लिया जो वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए थे। इनमें से एक पुराना नौकर जबकि दूसरा उसका साथी है। मुठभेड़ के दौरान दोनों आरोपितों के पैर में गोली लगी है, इलाज के लिए उन्हें अस्पताल भेजा गया है। पकड़े गए पुराने नौकर ने मीडिया से कहा कि कारोबारी की बहू ने उससे हत्या के एवज में पैसा देने की बात कही है।

विनीत मिनोचा इस अपार्टमेंट के फर्स्ट फ्लोर पर सी-104 नंबर फ्लैट में रहते थे। बिरहाना रोड में वह पिछले 45 सालों से फार्मा ट्रेडर्स के नाम से दवा की फर्म चला रहे थे। परिवार में पत्नी पुनीता, बेटा सुब्रत, बहू शालू और छह वर्षीय पौत्र श्रीजय है। पूरा कारोबार विनीत अपने इकलौते बेटे सुब्रत मिनोचा के साथ मिलकर संभालते थे। पत्नी पुनीता गाजियाबाद में मैरिज काउंसलर हैं। वह पिछले महीने ही गाजियाबाद गई थीं। उनकी बेटी सुभानी और उसके पति गुरुग्राम में रहते हैं और दोनों इंजीनियर हैं। शनिवार रात बेटा सुब्रत, पत्नी शालू और बेटी के बेटे के साथ तिलक नगर के रेस्टोरेंट में दोस्तों की एक पार्टी में गए थे। सुबह करीब चार बजे वह लौटे तो पिता विनीत का शव उनके बेडरूम में खून से लथपथ पड़ा मिला। चाकू से गोदकर उनकी हत्या की गई थी। उनके गले और सीने समेत शरीर के अन्य हिस्सों पर छोटे बड़े 20 घाव के निशान थे। घर से नकदी या जेवर समेत लाॅकर व अन्य कोई भी सामान गायब नहीं था। पूरे कमरे में खून बिखरा पड़ा था।

112 मिनट में वारदात को दिया अंजाम

रतन आर्बिट में रहने वाले दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या के पीछे जो भी हो लेकिन यह तय है कि वारदात के लिए सुनियोजित साजिश रची गई थी। अभी तक जुटाए गए सबूतों, फुटेज और मौका-ए-वारदात की फोरेंसिक जांच ने काफी कुछ कहानी का खुलासा कर दिया है। पूरी वारदात में कुल 112 मिनट लगे। कारोबारी के बेटे और बहू जब पार्टी में जाने के लिए फ्लैट से निकले उसके ठीक 10 मिनट बाद हरवंश मोहाल निवासी पुराना नौकर विशाल अपने साथी राजकिशोर के साथ फ्लैट में दाखिल हुआ। वहां उन दोनों ने 72 मिनट तक विनीत मिनोचा के आने इंतजार किया। घर के अंदर घुसे विनीत के कपड़ा बदलकर निकलने के बाद ही उनपर हमला शुरू कर दिया। 30 मिनट के भीतर हत्या करके बाहर निकल गए।

बेटा और बहू रविवार की सुबह चार बजे पार्टी से फ्लैट में लौटे थे। फ्लैट का दरवाजा खुला होने के बाद पति-पत्नी और बच्ची बाहर गेस्ट रूम में पड़े सोफे में बैठ गए। इसी दौरान शालू ने पति सुमित से पानी मांगा। पानी लेने रसोई घर में गए सुमित अपने कमरे के बाहर खून पड़ा चीख पड़े। चीखने पर पत्नी दौड़कर आई। बेटा सुब्रत के मुताबिक पिता लहूलुहान फर्श पर पड़े थे। गले, हार्ट, सीने और चेहरे से खून बह रहा था।

पैसा चुराने पर नौकर को निकाला था

साल 2021 में रुपये चुराने पर विनीत ने नौकर विशाल को निकाल दिया था। इसके बाद भी विशाल बेटे और बहू के संपर्क में रहता था। उनका बेटा कई बार विशाल को काम करने के लिए घर पर भी बुला लेता था। विशाल को ज्यादा पसंद नहीं करते थे। जन्माष्टमी के दिन भी विशाल दो घंटे तक विनीत के फ्लैट में आकर मंदिर और पूरे घर की सजावट करता रहा। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की तो पता चला दोनों आरोपितों ने फ्लैट में एंट्री करते समय अपने चेहरे को अंगौछे से ढक रखा था। दोनों आराम से फ्लैट में दाखिल हो गए। वारदात को अंजाम देने के बाद राज किशोर अपना चेहरा नहीं ढके था। इसके बाद दोनों आराम से अपार्टमेंट परिसर के बाहर निकल गए।

डोर की बनाव रखी थी डुप्लीकेट चाभी

पूछताछ में विशाल ने पुलिस को बताया कि उसने घर आते जाते समय में डोर की डुप्लीकेट चाभी बनवा ली थी। इसी चाबी का इस्तेमाल कर दोनों फ्लैट में वारदात के पहले दाखिल हुए। हालांकि पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि कहीं यह दरवाजा पहले से खुला तो नहीं था। आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने वारदात में विनीत के फ्लैट में रखे चाकू का इस्तेमाल किया है। इसी चाकू से उन्होंने ताबड़तोड़ वार कर विनीत की हत्या की। विनीत की हत्या के बाद आरोपितों ने कपड़े बदले। पुलिस ने आलाकत्ल बरामद कर लिया है।

पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि कहीं आरोपित चाकू को फ्लैट में घुसने से पहले ही अपने साथ तो नहीं लाए थे। जवाहरपुरम के पास दोनों खून से सने कपड़े और चाकू फेंकने गए थे इसी दौरान उनकी पुलिस से मुठभेड़ हो गई। पूछताछ में दोनों आरोपितों ने बताया कि साल 2020 में विशाल राज किशोर के साथ हरबंस मोहाल में मारपीट में 14 दिन की जेल में गया था। जेल में ही दोनों की दोस्ती हो गई। दोनों साथ में कल्याणपुर से आर्म्स एक्ट में भी जेल जा चुके हैं।

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