चीन में पुरुषों से खून क्यों मांगा जा रहा है? जिनपिंग सरकार के तुगलगी फरमान से मची सनसनी | china men blood samples mandatory jilinhuot dna database xi jinping order controversy

International

oi-Sumit Jha


China
blood
Sample:

चीन
में
एक
अजीबोगरीब
सरकारी
कदम
ने
देश
और
दुनिया
दोनों
को
चौंका
दिया
है।
खबर
है
कि
अब
चीन
के
उत्तर
में
स्थित
जिलिनहोत
शहर
की
पुलिस
ने
सभी
पुरुषों
से
खून
के
नमूने
अनिवार्य
रूप
से
देने
का
आदेश
जारी
किया
है।
बताया
जा
रहा
है
कि
इस
डेटा
को
एक
बड़े
DNA
डेटाबेस
से
जोड़ा
जाएगा।

सरकार
का
दावा
है
कि
यह
सार्वजनिक
सुरक्षा
और
नागरिकों
की
पहचान
मजबूत
करने
के
लिए
जरूरी
है,
लेकिन
विशेषज्ञ
इसे
प्राइवेसी
और
मानवाधिकारों
का
सीधा
उल्लंघन
बता
रहे
हैं।
आखिर
जिनपिंग
सरकार
इस
विवादित
कदम
से
क्या
हासिल
करना
चाहती
है?

China blood Sample

(AI
Image)

खून
के
नमूने
लेने
के
पीछे
क्या
तर्क
है?

जिलिनहोत
पुलिस
के
नोटिस
में
कहा
गया
है
कि
खून
के
नमूने
सीधे
पासपोर्ट,
पहचान
पत्र
और
अन्य
आधिकारिक
दस्तावेजों
से
जुड़े
होंगे।
सरकार
का
कहना
है
कि
यह
व्यवस्था
गुमशुदा
लोगों
को
ढूंढने
और
पहचान
सत्यापित
करने
में
मदद
करेगी।
लेकिन
इस
प्रक्रिया
को
लेकर
सबसे
बड़ा
सवाल
यह
है
कि
डेटा
कितने
समय
तक
सुरक्षित
रहेगा
और
नागरिकों
के
अधिकार
कहां
फिट
होते
हैं।
चीन
के
पर्सनल
इन्फॉर्मेशन
प्रोटेक्शन
लॉ
के
मुताबिक,
इस
तरह
की
संवेदनशील
जानकारी
लेने
के
लिए
लिखित
अनुमति
और
साफ
वजह
जरूरी
होती
है,
लेकिन
इस
आदेश
में
इसकी
कोई
स्पष्टता
नहीं
है।


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क्षेत्रों
में
भारत
करेगा
मदद


क्यों
बढ़
रही
हैं
चिंताएं?

सबसे
बड़ा
विवाद
इस
योजना
के
केवल
पुरुषों
पर
केंद्रित
होने
से
जुड़ा
है।
विशेषज्ञों
का
कहना
है
कि
यह
Y-STR
टेस्टिंग
का
हिस्सा
हो
सकता
है,
जिसमें
पिता
की
लाइन
और
पूरे
परिवार
का
जेनेटिक
डेटा
जांच
में

जाता
है।
यानी
यह
सिर्फ
अपराधियों
की
पहचान
तक
सीमित
नहीं
है,
बल्कि
आने
वाली
पीढ़ियों
तक
निगरानी
फैल
सकती
है।
यही
नहीं,
इतने
बड़े
पैमाने
पर
DNA
डेटा
से
जैविक
और
सैन्य
हथियारों
के
लिए
खतरा
बढ़
सकता
है।
Y-क्रोमोसोम
डेटा
स्थिर
होता
है
और
इसे
टार्गेटेड
बायोलॉजिकल
हथियार
बनाने
में
भी
इस्तेमाल
किया
जा
सकता
है।

क्या
पहले
भी
हुआ
है
ऐसा
विवाद?

यह
पहला
मौका
नहीं
है
जब
चीन
में
इस
तरह
के
कदम
ने
सवाल
खड़े
किए
हों।
2006
में
इलेक्ट्रॉनिक्स
कंपनी
Foxconn
पर
कर्मचारियों
से
ब्लड
सैंपल
लेने
को
लेकर
बड़ा
विवाद
खड़ा
हुआ
था।
अब
जब
जीनोम
सिक्वेंसिंग
पहले
से
सस्ता
और
तेज
हो
चुका
है,
तो
लोकल
सरकारों
के
लिए
ऐसे
डेटाबेस
बनाना
और
आसान
हो
गया
है।
जानकार
मानते
हैं
कि
यह
कदम
चीन
के
बायोटेक
और
फोरेंसिक
जेनेटिक्स
उद्योग
को
बढ़ावा
देगा।
लेकिन
साथ
ही
यह
बहुराष्ट्रीय
कंपनियों
और
वैश्विक
समुदाय
के
लिए
खतरे
की
घंटी
भी
है
कि
चीन
जैविक
डेटा
संग्रहण
को
किस
दिशा
में
ले
जा
रहा
है।


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English summary

china men blood samples mandatory jilinhuot dna database xi jinping order controversy

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