दिल्ली बना साइबर अपराध का गढ!, 2025 में धोखाधड़ी से 1,000 करोड़ रुपये किया साफ, ऐसे बनाया निशाना

निवेश घोटालों में, धोखेबाज अक्सर सोशल मीडिया पर महिलाओं के रूप में प्रस्तुत होकर, पीड़ितों को आकर्षक रिटर्न का वादा करके ऑनलाइन समूहों में शामिल होने के लिए लुभाते हैं। छोटे शुरुआती निवेशों पर नकली लाभ दिखाने के बाद, वे पीड़ितों को लाखों या करोड़ों की बड़ी रकम निवेश करने के लिए राजी करते हैं।

डीसीपी कुमार ने कहा, ‘‘ये धोखेबाज अक्सर कंबोडिया, लाओस और वियतनाम जैसे दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से काम करते हैं, जहां चीनी संचालकों द्वारा संचालित बड़े पैमाने पर ‘घोटाला परिसर’ दुनिया भर के लोगों को निशाना बनाते हैं।’’

भारत में स्थित धोखेबाज चोरी के धन को वैध बनाने के लिए नकली बैंक खाते और सिम कार्ड उपलब्ध कराकर इन घोटालों को अंजाम देने में मदद करते हैं।

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