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दोस्त नहीं, दादा-चाचा ने किया कत्ल, गाजियाबाद में अश्विनी मर्डर मिस्ट्री सॉल्व; जानिए क्या वजह, Ncr Hindi News

गाजियाबाद में 3 दिन पहले हुए 35 वर्षीय अश्वनी मर्डर केस को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस हत्याकांड में पुलिस ने मृतक के दादा और चाचा को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हुआ हथियार भी बरामद कर लिया है।

गाजियाबाद के नंदग्राम थाना क्षेत्र के नूरनगर में युवक अश्विनी की हत्या के आरोप में पुलिस ने दादा और चाचा को गिरफ्तार कर लिया।

गाजियाबाद के नंदग्राम थाना क्षेत्र के नूरनगर में 12 सितंबर की रात हुई एक युवक 35 वर्षीय अश्वनी उर्फ आशु की हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, युवक की हत्या किसी दोस्त ने नहीं, बल्कि उसके दादा और चाचा ने मिलकर की थी। दोनों ने उसकी नशे की लत और उसकी हरकतों तंग आकर पहले गला घोंटकर उसकी हत्या का प्रयास किया, लेकिन विरोध करने पर धारदार दांव और डंडे से सिर पर वार कर मार डाला। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त दांव और डंडा बरामद कर लिया।

एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन अहमद ने बताया कि 13 सितंबर को नूरनगर निवासी मुकेश कुमार ने अपने बेटे अश्वनी उर्फ आशु की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। आशु अविवाहित था और नशे का आदी था। वह घर से कुछ दूरी पर रहने वाले अपने दादा भीम सिंह के साथ पुश्तैनी मकान में रहता था। भीम सिंह ने पुलिस को बताया था कि शनिवार देर रात तीन दोस्त आशु को कंधे पर लादकर घर लाए थे। उन्होंने तबीयत खराब होने की बात कहकर उसे छत पर पड़ी चारपाई पर लिटा दिया और चले गए। सुबह आशु चारपाई पर मृत मिला। बताया कि रात में बिजली नहीं थी, इसलिए वह दोस्तों की पहचान नहीं कर सके। पुलिस को दादा की सुनाई कहानी पर शक हुआ।

आशु के दोस्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, लेकिन सुराग नहीं मिला। इसके बाद आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इसमें आशु देर रात अकेले घर आता दिखाई दिया। फुटेज से पता चला कि एक दोस्त उसे बाइक पर लेकर आया था, लेकिन घर से कुछ दूरी पर उतारकर चला गया था। सख्ती से पूछताछ में भीम सिंह ने गुनाह कबूल कर लिया।

हत्या के बाद पुलिस को गुमराह किया

एसीपी नंदग्राम का कहना है कि हत्या के बाद आरोपी दादा और चाचा पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। भीम सिंह ने सुबह छत पर जाकर आशु की हत्या होने का हल्ला मचाया, जबकि राजेश ने खुद यूपी-112 पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। दोनों ने हत्या का आरोप आशु के दोस्तों पर लगाने का प्रयास किया, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ में कहानी झूठी निकली।

एसीपी ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर 79 वर्षीय भीम सिंह और 48 वर्षीय राजेश निवासी नूरनगर को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त दांव और डंडा बरामद किया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

रुपये न देने पर दादा के साथ करता था मारपीट

एसीपी के मुताबिक, भीम सिंह ने बताया कि आशु की नशे की लत से परिवार परेशान था। नशे के लिए रुपये न देने पर वह अक्सर दादा के साथ मारपीट करता था। आशु ने नशे के लिए मोटा कर्ज भी कर लिया था। कर्ज और लोन चुकाने के लिए उन्हें पुश्तैनी मकान का आधा हिस्सा तक बेचना पड़ा था। मकान का आधा हिस्सा नौ लाख रुपये में बेचा गया था। इसमें छह लाख रुपये का लोन और डेढ़ लाख रुपये आशु का कर्ज चुकाया गया। लगातार बढ़ती परेशानी के चलते भीम सिंह ने बेटे राजेश के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई थी।

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