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दो बीवियों का चक्कर! पंचायत ने की मदद, कहा- 3 दिन एक के साथ, 3 दिन दूसरी के साथ और संडे को…

AI जेनरेटेड इमेज.

उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर आप भी कहेंगे- ऐसा भी होता है क्या? यहां ‘एक म्यान में दो तलवारें’ रहने की कहावत को सुलझाने के लिए पंचायत ने एक ऐसा फैसला सुनाया है, जो अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है. मामला दो पत्नियों के बीच पति के बंटवारे का है, जिसके लिए सप्ताह के सातों दिनों का बकायदा लिखित शेड्यूल तैयार किया गया है.

मामला अजीमनगर थाना क्षेत्र के नगलिया आकिल गांव का है. यहां मुस्लिम समुदाय के एक युवक ने दो शादियां की थीं. पहली पत्नी अरेंज मैरिज के जरिए घर आई थी. जबकि दूसरी पत्नी के साथ युवक ने लव मैरिज की थी. शुरुआत में सब कुछ ठीक रहा, लेकिन धीरे-धीरे दोनों पत्नियों के बीच पति को अपने पास रखने को लेकर होड़ शुरू हो गई. विवाद इतना बढ़ा कि घर का सुकून छीन गया और मामला थाने तक जा पहुंचा.

पंचायत का ‘संडे हॉलिडे’ फॉर्मूला

पुलिस तक शिकायत पहुंचने के बाद मामले को सामाजिक स्तर पर सुलझाने के लिए गांव की पंचायत बुलाई गई. पंचों ने दोनों पत्नियों और पति की बात सुनी. विवाद खत्म करने के लिए पंचायत ने ‘दिनों के बंटवारे’ का नायाब रास्ता निकाला.

शुरुआती 3 दिन: सोमवार, मंगलवार और बुधवार पति पहली पत्नी के साथ रहेगा,

अगले 3 दिन: गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार का समय दूसरी पत्नी के लिए सुरक्षित किया गया.

रविवार को छुट्टी: सबसे दिलचस्प हिस्सा यह रहा कि रविवार के दिन पति को ‘छुट्टी’ दी गई है. इस दिन वह दोनों पत्नियों से दूर एकांत में रहेगा या अपनी मर्जी से समय बिताएगा.

विशेष परिस्थितियों के लिए पंचायत ने एक दिन आगे-पीछे करने की छूट भी दी है. भविष्य में विवाद न हो, इसके लिए इस समझौते को लिखित रूप में दर्ज कर तीनों के हस्ताक्षर कराए गए हैं.

पूर्णिया में भी हुआ था ऐसा ही ‘इंसाफ’

पति के बंटवारे का यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले बिहार के पूर्णिया में भी एक ऐसा ही वाक्या चर्चा में रहा था. वहां भी एक युवक ने पहली पत्नी को बिना तलाक दिए दूसरी शादी कर ली थी. जब मामला परिवार परामर्श केंद्र पहुंचा, तो वहां भी सप्ताह के सात दिनों को दोनों पत्नियों के बीच बांटकर विवाद का निपटारा किया गया था.

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