नोएडा के 1 करोड़ के फ्लैट में छत से गिरा मलबा, बाल-बाल बचा बच्चा…महिला ने शेयर किया वीडियो

नोएडा में महंगे फ्लैट की खुली पोल!Image Credit source: Instagram/akshitabansal604

नोएडा की एक रिहायशी सोसाइटी में फ्लैट की छत से अचानक मलबा गिरने का मामला सामने आया है. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया गया है, जिसे देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि उस वक्त घर में मौजूद परिवार किस डर से गुजरा होगा. वीडियो बनाने वाली महिला अक्षिता बंसल ने बताया कि जिस समय छत का हिस्सा नीचे गिरा, उनका बेटा ठीक उसी जगह खड़ा था. गनीमत रही कि बच्चे को कोई गंभीर चोट नहीं आई. वीडियो में कमरे की हालत भी साफ नजर आ रही है. छत से टूटकर गिरा प्लास्टर और मलबा बिस्तर के साथ-साथ फर्श पर फैला हुआ दिखाई देता है.

अक्षिता बताती हैं कि छत गिरने से पहले वहां किसी तरह का बड़ा क्रैक, निशान या ऐसी कोई चेतावनी नहीं थी, जिससे उन्हें अंदाजा हो सके कि ऐसा कुछ होने वाला है. अचानक हुई इस घटना ने पूरे परिवार को डरा दिया. अक्षिता का आरोप है कि इस तरह की घटना खराब कंस्ट्रक्शन क्वालिटी की वजह से हुई है. वह वीडियो में छत से गिरे प्लास्टर का एक हिस्सा उठाकर दिखाती हैं और उसे हाथ से तोड़कर बताती हैं कि मलबा कितना कमजोर है. उनका कहना है कि जिस घर के लिए लोगों की पूरी जिंदगी की कमाई खर्च हो जाती है, वहां इस तरह की लापरवाही बिल्कुल स्वीकार नहीं की जा सकती.

सिर्फ आश्वासन ही मिला

वीडियो में अक्षिता अपने बेटे के सिर पर गिरा मलबा भी दिखाती हैं. वह कहती हैं कि भगवान का शुक्र है कि उनका बच्चा सेफ है, लेकिन अगर मलबा थोड़ा ज्यादा या गलत जगह गिरता तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी. यही बात उन्हें सबसे ज्यादा परेशान कर रही है. अक्षिता का कहना है कि जब उन्होंने बिल्डर से इस मामले को लेकर बात करने की कोशिश की, तो उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला. उनके मुताबिक, जवाब में यही कहा जाता है कि देखेंगे, करते हैं या मामले को जल्द ठीक कर दिया जाएगा. लेकिन सवाल यह है कि जब घर की छत से मलबा गिर रहा हो, तब केवल आश्वासन से परिवार खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करे?

महिला ने इस घटना को खराब निर्माण गुणवत्ता का गंभीर उदाहरण बताया है. उनका सवाल है कि अगर किसी रिहायशी सोसाइटी में बिना किसी चेतावनी के छत का हिस्सा गिर जाए और उसकी चपेट में कोई बच्चा या परिवार का सदस्य आ जाए, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी?

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अक्षिता ने यह भी बताया कि जिस फ्लैट में यह घटना हुई, उसकी कीमत करीब 1 करोड़ रुपये है. इस जानकारी के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने भी बिल्डिंग की क्वालिटी और सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए. कमेंट सेक्शन में कई लोगों ने बच्चे की सलामती की उम्मीद जताई.

यहां देखिए वीडियो

आयुष कुमार

आयुष कुमार, टीवी9 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं. अशोक और चाणक्य की धरती बिहार से हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की तालीम हासिल की है. पत्रकारिता में तीन साल से तिल को बिना ताड़ बनाए किसी भी सोशल मुद्दे को 360 डिग्री समझाने की कोशिश करते हैं.

अमर उजाला, फिरकी डॉट इन से अपने पत्रकारीय सफर की शुरुआत की है. पाठकों तक सरल शब्दों में खबरें पहुंचाना उद्देश्य रहा है. लेखन की इस दुनिया में दिलचस्पी इसलिए बढ़ गई, क्योंकि बचपन से ही काफी ज्यादा बातूनी रहे हैं. फिलहाल, टीवी9 में फीचर राइटिंग करते हुए सोशल मीडिया की नब्ज पकड़ने में माहिर हो गए है. अजीबोगरीब खबरों को गजब तरीके से लिखकर आप सबके सामने पेश करते हैं.Read More



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