हमलावरों ने जालंधर के आरटीआई एक्टिविस्ट और वकील सिमरनजीत सिंह को निशाना बनाकर हमला किया और कई राउंड फायरिंग की। पुलिस ने घटनास्थल से .32 बोर की पिस्तौल और 12 बोर की राइफल बरामद कर जांच शुरू कर दी है।

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पंजाब में एक और टारगेट किलिंग की घटना सामने आई है। शनिवार को जालंधर-लुधियाना हाईवे पर आरटीआई एक्टिविस्ट और वकील सिमरनजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। अज्ञात हमलावरों ने एलपीयू जालंधर लुधियाना हाईवे के पास चहेरू के नजदीक उन पर घात लगाकर फायरिंग की गई। शुरुआती जांच के मुताबिक हमला सिमरनजीत को निशाना बनाकर ही किया गया था। हमलावर पहले से घात लगाए उनका इंतजार कर रहे थे। सिमरनजीत जैसे ही वहां पहुंचे, तो पहले से मौजूद हमलावरों ने उन पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।
सिमरनजीत सिंह की हत्या के पीछे की सटीक वजह फिलहाल सामने नहीं आई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस हत्यारों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की कोशिश में जुट गई है। पुलिस ने मौके से कई हथियार बरामद किए हैं।
जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला ने बताया कि कपूरथला कंट्रोल रूम को घटनास्थल पर एक शव पड़े होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। शुरुआती जांच में पुलिस को मौके से .32 बोर की एक पिस्तौल और 12 बोर की एक राइफल बरामद हुई। मामले का पता लगाने और सुराग जुटाने के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है।
सिमरनजीत सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही हत्या की वजह का पता लगाने के लिए पुलिस हर एक एंगल से जांच करने की बात कह रही है। जांच आगे बढ़ने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि यह घटना किसी आपसी दुश्मनी में हुई या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है।


























