International
oi-Sumit Jha
Imran
Khan
Sisters:
पाकिस्तान
के
पूर्व
प्रधानमंत्री
इमरान
ख़ान
और
सेना
प्रमुख
फ़ील्ड
मार्शल
आसिम
मुनीर
के
बीच
चल
रहा
टकराव
अब
सार्वजनिक
हो
गया
है।
रावलपिंडी
की
अडियाला
जेल
में
बंद
इमरान
ख़ान
की
बहनों
को
उनसे
साप्ताहिक
मुलाक़ात
करने
से
रोक
दिया
गया।
इसके
विरोध
में,
तीनों
बहनें
और
समर्थक
जेल
गेट
के
पास
11
घंटे
तक
धरने
पर
बैठी
रहीं।
कड़ाके
की
ठंड
में,
रावलपिंडी
पुलिस
ने
आधी
रात
को
बिजली
काटकर
वॉटर
कैनन
का
इस्तेमाल
किया
और
उन्हें
जबरन
हटा
दिया,
जिससे
कई
पीटीआई
कार्यकर्ताओं
को
चोटें
आईं।
यह
कार्रवाई
इमरान
ख़ान
द्वारा
आसिम
मुनीर
पर
लगातार
मानवाधिकार
उल्लंघन
और
भ्रष्टाचार
का
आरोप
लगाने
के
बाद
हुई
है।

कड़ाके
की
ठंड
में
वॉटर
कैनन
का
प्रयोग
इमरान
ख़ान
की
बहनें
(नौरीन,
अलीमा
और
डॉ
उज्मा)
मंगलवार
दोपहर
को
इस्लामाबाद
हाईकोर्ट
के
आदेश
के
तहत
अपने
भाई
से
मिलने
अडियाला
जेल
पहुंची
थीं,
लेकिन
उन्हें
जेल
गेट
से
50
मीटर
दूर
बैरिकेड
पर
रोक
दिया
गया।
विरोध
में
तीनों
बहनें
और
पीटीआई
समर्थक
11
घंटे
तक
धरने
पर
बैठे
रहे।
रात
लगभग
2:20
बजे,
जब
तापमान
9
डिग्री
सेल्सियस
था,
रावलपिंडी
पुलिस
ने
कार्यकर्ताओं
को
तितर-बितर
करने
के
लिए
बिजली
काटकर
वॉटर
कैनन
से
बौछारें
शुरू
कर
दीं,
जिसमें
कुछ
कार्यकर्ताओं
को
चोटें
आईं।
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कुख्यात
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फंसे
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Khan,
भुट्टो
को
यहीं
दी
गई
थी
फांसी
जेल
मुलाकातों
पर
पाबंदी
और
विरोध
इमरान
ख़ान
की
बहनें
हर
सप्ताह
उनसे
मिलती
थीं
और
उनके
संदेशों
को
सार्वजनिक
करती
थीं।
लेकिन
मई
में
आसिम
मुनीर
के
फील्ड
मार्शल
बनने
के
बाद,
जब
इमरान
ख़ान
ने
सार्वजनिक
रूप
से
उन
पर
निशाना
साधना
शुरू
किया,
तो
मुलाकातों
पर
पाबंदी
लगा
दी
गई।
12
नवंबर
से
3
दिसंबर
तक
बहनों
को
मिलने
नहीं
दिया
गया।
जब
4
दिसंबर
को
एक
बहन
को
मिलने
की
इजाज़त
मिली
और
इमरान
ख़ान
ने
फिर
से
मुनीर
पर
आतंकवाद
का
ज़िम्मेदार
ठहराते
हुए
संदेश
सार्वजनिक
किया,
तो
अगले
ही
दिन
पाबंदी
फिर
से
लगा
दी
गई।
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Update:
जेल
में
बंद
इमरान
से
मिलीं
बहन
उजमा,
बताई
पाक
सरकार
के
जुल्म
की
पूरी
आंखोंदेखी!
इमरान
बनाम
आसिम
मुनीर
की
सीधी
लड़ाई
इमरान
ख़ान
ने
अपनी
साप्ताहिक
मुलाकातों
का
इस्तेमाल
करते
हुए
शहबाज़
शरीफ़
के
बजाय
सीधे
फ़ील्ड
मार्शल
आसिम
मुनीर
को
निशाना
बनाना
शुरू
कर
दिया।
उन्होंने
जनता
को
बताया
कि
देश
का
असली
मुखिया
आसिम
मुनीर
है,
जो
मानवाधिकार
उल्लंघन
और
भ्रष्टाचार
के
लिए
जिम्मेदार
है।
पाकिस्तानी
सेना
के
प्रवक्ता
ने
प्रेस
कॉन्फ्रेंस
में
इमरान
ख़ान
को
‘राष्ट्रीय
सुरक्षा
के
लिए
खतरा’
और
‘ज़हनी
मरीज’
बताकर
इस
टकराव
को
आधिकारिक
बना
दिया।
यही
कारण
है
कि
इमरान
ख़ान
के
परिवार
से
मिलने
पर
पाबंदी
लगी
हुई
है।
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अफवाह
से
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में
बवाल,
बेटे
ने
मांगा
जिंदा
होने
का
सबूत,
सरकार
ने
क्या
कहा?
सेहत
पर
सस्पेंस
और
नवाज़
शरीफ़
से
तुलना
इमरान
ख़ान
की
बहनों
को
न
मिलने
देने
से
उनकी
सेहत
को
लेकर
अफवाहें
फैल
गईं।
हाल
ही
में
डॉक्टरों
की
टीम
(PIMS)
अडियाला
जेल
गई
थी
और
कुछ
ज़रूरी
टेस्ट
किए,
लेकिन
पाकिस्तानी
सरकार
जाँच
के
नतीजों
को
सार्वजनिक
करने
को
तैयार
नहीं
है।
इस
पर
इमरान
ख़ान
की
बहन
अलीमा
ख़ानम
नियाज़ी
ने
निशाना
साधा
और
कहा
कि
जब
नवाज़
शरीफ़
जेल
में
थे,
तब
उनके
साथ
उनका
अपना
डॉक्टर
था,
लेकिन
इमरान
ख़ान
को
एक
साल
में
एक
बार
भी
उनके
डॉक्टर
से
मिलने
नहीं
दिया
गया।
English summary
Imran khan vs asim munir adiala jail protest water cannon