नल्लामाला क्षेत्र में है ये बरगद का पेड़.
Andhra Pradesh: प्रकृति की अनूठी और अद्भुत रचनाएं हमेशा से ही इंसानों को हैरान करती रही हैं. घने जंगलों और ऊंचे पहाड़ों से घिरा नल्लामाला का वन क्षेत्र अपने ऐतिहासिक रहस्यों और अनोखी जैव विविधता के लिए जाना जाता है. हाल ही में, पुरातत्व विभाग (Archaeology Department) के अधिकारियों ने नल्लामाला क्षेत्र में ऐतिहासिक धरोहरों की पहचान करने के लिए एक विशेष सर्वेक्षण (Survey) किया. इस सर्वे के दौरान आंध्र प्रदेश स्थित नल्लामाला के पलुतला गांव के जंगलों में एक ऐसा विशालकाय बरगद (उदलमरी) का पेड़ मिला है, जिसे देखकर हर कोई दंग है. यह वृक्ष आज एक बड़ी प्राकृतिक धरोहर के रूप में सबका ध्यान खींच रहा है.
इस बरगद के पेड़ का आकार और इसके आयाम किसी को भी हैरत में डाल सकते हैं. यह महावृक्ष जंगल के बीच एक विशाल किले की तरह खड़ा है. यह पेड़ लगभग 100 फीट लंबा और 60 फीट चौड़ा है. इस पेड़ के मुख्य तने का घेरा (परिधि) लगभग 40 फीट का है.
इस पेड़ की हैं बेहद खूबसूरत जड़ें
पेड़ की चोटी से लेकर जमीन तक फैली दर्जनों शाखाएं और जड़ें (बरोह) एक तरफ जहां जंगल की खूबसूरती बढ़ाती हैं. वहीं, दूसरी तरफ देखने वालों में कौतूहल और रोमांच पैदा करती हैं. इस पेड़ के नीचे खड़ा इंसान इतना छोटा नजर आता है, मानो कोई चींटी हो.
7 पीढ़ियों का इतिहास और 200 साल से पूजा
स्थानीय आदिवासियों और जनजातियों के अनुसार, इस पेड़ का इतिहास बेहद पुराना और गौरवशाली है. स्थानीय लोगों का दावा है कि यह पेड़ लगभग दो से तीन सौ वर्षों से यहां खड़ा है और उनके पूर्वज पिछले 7 पीढ़ियों से इसकी देखरेख कर रहे हैं. इस विशाल वृक्ष के नीचे उनके ग्राम देवता की प्राचीन प्रतिमा स्थापित है, जहां पिछले 200 वर्षों (दो शताब्दियों) से लगातार पूरी श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की जा रही है. आदिवासियों का कहना है कि पूरे क्षेत्र में इतना बड़ा और ऐतिहासिक पेड़ दूसरा कोई नहीं है.
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पर्यावरण संरक्षण की बड़ी जरूरत
आज के आधुनिक युग और कंक्रीट के जंगलों के बीच, नल्लामाला जैसे घने वनों को छोड़कर शहरों या सामान्य बस्तियों में ऐसे विशाल वृक्षों का मिलना नामुमकिन है. सदियों से पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने और जैव विविधता को सहेजने वाले इस ऐतिहासिक पेड़ को संरक्षित करना सरकार और समाज दोनों की बड़ी जिम्मेदारी है. पलुतला गाँव आने वाले पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के लिए यह पेड़ किसी अजूबे से कम नहीं है.



























