बिहार के एक कोचिंग सेंटर में महापाप हुआ। यहां एक टीचर ने अपनी छात्रा को हवस का शिकार बनाया और उसका गंदा वीडियो भी बना लिया। आरोप है कि लड़की के पिता के मोबाइल पर गंदी तस्वीरें भी भेजी गई हैं।
बिहार के समस्तीपुर जिले में एक टीचर ने बड़ी ही घिनौनी वारदात को अंजाम दिया है। यहां विभूतिपुर थाना क्षेत्र से गुरु-शिष्य के रिश्ते को कलंकित करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। थाना क्षेत्र के एक कोचिंग संस्थान के शिक्षक पर अपनी ही छात्रा के साथ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप सामने आया है। वही यह भी आरोप है कि उसने दुष्कर्म का वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी भी दी। मामले का खुलासा तब हुआ जब लड़की के पिता के मोबाइल और अन्य मोबाइल पर 17 जुलाई को अश्लील फोटो भी उसने भेज दिया।
इस संबंध में लड़की की मां ने महिला थाना, समस्तीपुर में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगायी है। जिसमें बताया है कि उसकी नाबालिग पुत्री करीब दो वर्ष पूर्व आरोपी शिक्षक के कोचिंग संस्थान में दसवीं की पढ़ाई करती थी। शिक्षक छुट्टी के बाद छात्रा को बहला-फुसलाकर शाम को रोक लेता था। 15 अप्रैल 2026 को शाम में कोचिंग से अन्य छात्रों के जाने के बाद, आरोपी ने शादी का झांसा देकर जबरन दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
इतना ही नहीं, आरोपी ने इस घिनौनी करतूत का आपत्तिजनक वीडियो भी बना लिया और उसके बल पर पीड़िता को मुंह खोलने पर बदनाम करने की धमकी देने लगा। लोक-लाज और डर के कारण पीड़िता सहमी हुई थी। उसने कहा है उसके पति पटना में मजदूरी करते है। दशमी पास करने के बाद मेरी पुत्री पटना चली गई। जब पटना से लौटी तो पुनः फोन पर धमकी देकर बुला लिया और नशीला पदार्थ पिलाकर फिर दुष्कर्म किया तथा एक अन्य शिक्षक के सहयोग से फिर विडियो बना लिया और यौन शोषण करते रहा। पीड़िता की मां ने महिला थानाध्यक्ष से आरोपी शिक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
पुलिस को चकमा देकर कोर्ट से पॉक्सो का आरोपी फरार
इधर समस्तीपुर में ही व्यवहार न्यायालय परिसर में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब पॉक्सो एक्ट के एक मामले में न्यायिक हिरासत में बंद विचाराधीन कैदी पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया। पेशी के लिए मंडल कारा से कोर्ट लाया गया कैदी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। घटना के बाद पूरे कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। सूचना मिलते ही नगर थाना, मुफस्सिल थाना और डीआईयू की टीम मौके पर पहुंची तथा फरार कैदी की तलाश में व्यापक अभियान शुरू कर दिया।
देर शाम तक पुलिस को उसकी गिरफ्तारी में सफलता नहीं मिल सकी। फरार विचाराधीन कैदी की पहचान उजियारपुर थाना क्षेत्र के नाजिरपुर गांव निवासी विजय सिंह के पुत्र रोशन कुमार उर्फ साजन के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार वह मुफस्सिल थाना में दर्ज पॉक्सो एक्ट के एक मामले में करीब एक वर्ष से मंडल कारा में न्यायिक हिरासत में बंद था। सोमवार को उसी मामले में उसकी पेशी निर्धारित थी, जिसके लिए उसे कोर्ट हाजत से न्यायालय लाया गया था।
पुलिस को धक्का देकर भागा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर करीब 12 बजे पुलिसकर्मी रोशन कुमार को कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया पूरी कर रहे थे। इसी दौरान जैसे ही उसकी हथकड़ी खोली गई, उसने अचानक मौका देखकर पुलिस को धक्का दिया और तेजी से भाग निकला। कोर्ट परिसर में मौजूद अधिवक्ता सुमित कुमार ने बताया कि रोशन कुमार उर्फ साजन के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज है। इसी मामले में उसे पहले गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। सोमवार को न्यायालय में पेशी के दौरान वह पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया। इधर घटना की जानकारी मिलते ही लाइन डीएसपी सुनील कुमार भी न्यायालय परिसर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। डीएसपी ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से पूछताछ कर घटनाक्रम की जानकारी ली।
इसके बाद फरार कैदी की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमों को संभावित ठिकानों पर रवाना किया गया। इधर सदर एसडीपीओ-1 संजय कुमार पांडे ने बताया कि रोशन कुमार उर्फ साजन को करीब एक वर्ष पहले पॉक्सो एक्ट के मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। सोमवार को उसे पेशी के लिए जिला न्यायालय लाया गया था, जहां से वह पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें गठित कर संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। मामले में नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
घटना के बाद मची अफरा-तफरी, शुरू हुई घेराबंदी
कैदी के फरार होने की सूचना मिलते ही कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने तत्काल कोर्ट परिसर के सभी निकास मार्गों पर चौकसी बढ़ा दी और आसपास के इलाकों में घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। डीआईयू की टीम ने कोर्ट परिसर एवं आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगालनी शुरू कर दी, ताकि फरार कैदी की गतिविधियों का पता लगाया जा सके। इस घटना ने एक बार फिर न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस समय कैदी को पेशी के लिए कोर्ट ले जाया जा रहा था, उसी दौरान उसके फरार हो जाने से सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों की सतर्कता पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आखिर सुरक्षा में चूक कहां हुई और किन परिस्थितियों में आरोपी भागने में सफल रहा।
