वसई की सड़क बनी समंदर, बाढ़ के पानी में शख्स ने ऐसे चलाई बाइक, वीडियो वायरल!

सड़क है या समंदर?Image Credit source: Instagram/@__sahil.r_

मुंबई की बारिश (Mumbai Rain) हर साल अपनी एक नई और चौंकाने वाली तस्वीर लेकर आती है. मायानगरी में जब भी बादल बरसते हैं, तो सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती हैं. लेकिन इस बार सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे देखकर आप अपनी आंखों पर भरोसा नहीं कर पाएंगे. वीडियो देखने के बाद लोग पूछ रहे हैं, भाई, ये बंदा सड़क पर बाइक चला रहा है या किसी नदी के बीच में?

सड़क गायब, सिर्फ बिजली के खंभे बने सहारा

यह हैरान कर देने वाला नजारा मुंबई के पास वसई इलाके का बताया जा रहा है. इंस्टाग्राम पर @_sahil.r नाम के अकाउंट से शेयर किए गए इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक शख्स अपनी बाइक लेकर पानी से लबालब सड़क पर निकल पड़ा है. कथित तौर पर यह रास्ता वसई का सनसिटी रोड है, जो भारी बारिश के कारण पूरी तरह से डूब चुका है.

वीडियो में दूर-दूर तक सड़क का नामोनिशान नहीं दिख रहा है, हर तरफ सिर्फ और सिर्फ मटमैला पानी भरा हुआ है. बाइक चलाने वाले शख्स के लिए सिर्फ सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे ही एकमात्र सहारा थे, जिससे उसे अंदाजा लग रहा था कि रास्ता किधर है. आस-पास पेड़ न होने के कारण यह इलाका बिल्कुल किसी गहरी झील जैसा लग रहा था.

सोशल मीडिया पर तहलका मचा रहा वीडियो

यह वीडियो इंटरनेट पर आग की तरह फैल गया है. खबर लिखे जाने तक इसे 1 करोड़ से ज्यादा बार देखा जा चुका है और करीब 4 लाख लोग इसे लाइक कर चुके हैं. वीडियो देखकर लोग हैरान भी हैं और चिंतित भी. कुछ लोग इस पर मजे ले रहे हैं, तो कुछ मुंबई के इस इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशासन पर गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. एक यूजर ने चुटकी लेते हुए लिखा, अरे भाई…सड़क से जाओ, नदी से क्यों जा रहे हो?

लोगों का फूटा गुस्सा, ‘यह विकास नहीं, विनाश है’

वीडियो पर आए कमेंट्स सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लोग इसके पीछे की गंभीर वजहों पर भी चर्चा कर रहे हैं. एक यूजर ने गंभीर चिंता जताते हुए लिखा कि यह हाल सिर्फ बारिश की वजह से नहीं है. कंक्रीट के जंगलों को बनाने के लिए बड़े पैमाने पर पेड़ काटे गए हैं. पेड़ों की जड़ें पानी और मिट्टी को थामकर रखती हैं. जब पेड़ ही नहीं बचेंगे, तो बाढ़ और जलभराव जैसी मुसीबतें आना तय है. यह भी पढ़ें:जब समंदर बनी पटरियों पर दौड़ी वंदे भारत, मुंबई की बारिश का यह वीडियो उड़ा रहा है सबके होश!

एक अन्य यूजर ने प्रशासन पर निशाना साधते हुए लिखा, हमारी सरकार और तेजी से जंगल काटने की उनकी नीतियों की बदौलत, अब हम मुंबई में कहीं से भी समुद्र का नजारा देख सकते हैं. यह भी पढ़ें: Viral Video: मुंबई में किराए पर घर चाहिए? तो भूल जाइए सैलरी स्लिप, मकान मालिक मांग रहे हैं ये अनोखा नंबर!

यहां देखिए वायरल वीडियो

Disclaimer: यह खबर वायरल सोशल मीडिया पोस्ट और नेटिजन्स की प्रतिक्रियाओं पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इस पोस्ट में किए गए किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है.

अभिषेक राय

अभिषेक राय (Abhishek Roy) अभी TV9 भारतवर्ष के डिजिटल विंग में असिस्टेंट न्यूज एडिटर (Assistant News Editor) हैं. पत्रकारिता में उन्हें 14 साल से ज्यादा का अनुभव है और इस फील्ड में उनकी अपनी एक अलग पहचान है. अपने करियर में उन्होंने कई बड़े मीडिया संस्थानों में काम किया है.

शुरुआत में वे भोपाल के ‘पीपुल्स समाचार’ अखबार (Peoples Samachar) से जुड़े. यहां उन्होंने प्रिंट मीडिया का काम सीखा. इसके बाद वे दैनिक भास्कर (Dainik Bhaskar) ग्रुप में लंबे समय तक रहे. खास बात ये कि उन्होंने भास्कर के अखबार और वेबसाइट, दोनों जगह काम किया. इससे उन्हें पुरानी और नई, दोनों तरह की पत्रकारिता का अनुभव मिला. अभिषेक ने अहमदाबाद के ‘जानो दुनिया’ (Jano Duniya) न्यूज चैनल में भी काम किया. यहां उन्होंने टीवी मीडिया में अपनी काबिलियत दिखाई.

अभिषेक को राजनीति और विदेशी मामलों की अच्छी समझ है. वे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक घटनाक्रमों और वैश्विक कूटनीति को बहुत ही बारीकी से समझते हैं. हालांकि, वर्तमान में डिजिटल मीडिया की बदलती मांग को देखते हुए वे अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं. इन दिनों वे ट्रेंडिंग खबरों, वायरल टॉपिक्स और हटके कंटेंट पर काम कर रहे हैं.

अभिषेक के लिए पत्रकारिता महज एक पेशा या सिर्फ पाठकों तक सूचनाएं या खबरें पहुंचाना नहीं है. उनका विजन और उद्देश्य इससे कहीं अधिक व्यापक है. वे मानते हैं कि एक पत्रकार के रूप में उनकी जिम्मेदारी है कि पाठकों को हर बार कुछ नया और अनूठा पढ़ने को मिले. कंटेंट ऐसा हो जो पाठकों की सोच के दायरे को विस्तृत करे और उन्हें एक नया नजरिया दे.

अभिषेक को पत्रकारिता के साथ-साथ ट्रैवलिंग का भी शौक है. भागदौड़ भरी जिंदगी से जब भी फुर्सत मिलती है, वे पहाड़ों की तरफ निकल जाते हैं और सुकून के पल बिताते हैं.

Read More



Exit mobile version