शख्स ने गिनाए लेऑफ के फायदेImage Credit source: Instagram/@midlifereboot43
अक्सर करियर के बीच में नौकरी छूट जाना किसी झटके से कम नहीं होता. अचानक से EMI, घर के खर्चे और भविष्य की चिंता घेर लेती है. लेकिन सोशल मीडिया पर midlifereboot43 नाम से इंस्टाग्राम चलाने वाले एक व्यक्ति ने इस पूरी सिचुएशन को एक बिल्कुल अलग नजरिए से देखा है. 18 साल तक कॉर्पोरेट की दुनिया में लीडरशिप रोल निभाने वाले इस शख्स का मानना है कि 40 की उम्र में लेऑफ (Layoff) होना असल में एक बड़ा रीसेट बटन दबाने जैसा है, जिससे आंखें खुल जाती हैं.
सच्चे दोस्तों की पहचान
जब आपकी नौकरी की सैलरी क्रेडिट होने का मैसेज आना बंद होता है, तब असली और नकली रिश्तों का फर्क समझ आता है. शख्स का कहना है कि लेऑफ होते ही दोस्ती का पर्दा उठ जाता है. जो लोग वाकई आपके दोस्त हैं, वे आपको चाय-कॉफी पर बाहर ले जाएंगे, आपका हाल-चाल पूछेंगे. वहीं दूसरी तरफ सिर्फ औपचारिकता निभाने वाले लोग एक लाइन का ‘सो सॉरी’ मैसेज भेजकर गायब हो जाते हैं.
पैसों का असली पाठ
जब महीने की पहली तारीख को अकाउंट में जीरो बैलेंस दिखता है, तब इंसान को समझ आता है कि लाइफस्टाइल का दिखावा क्या है और असली जरूरत क्या है. इस शख्स के मुताबिक, अचानक से इनकम बंद होने से इंसान फालतू के खर्चों पर तुरंत लगाम लगा लेता है. यह एक कड़वा, लेकिन बहुत ही जरूरी फाइनेंशियल रियलिटी चेक है जो आमतौर पर सैलरी आते रहने पर लोग नहीं समझ पाते.
कॉर्पोरेट का मोहभंग
तीसरा और सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे काम के प्रति आपकी सोच हमेशा के लिए बदल जाती है. शख्स ने बताया कि जब उन्होंने दोबारा टीमों को संभालना शुरू किया, तो वे छोटी-छोटी बातों पर तनाव लेना छोड़ चुके थे. उन्हें समझ आ गया था कि कॉर्पोरेट नौकरी और उसकी सिक्योरिटी बस एक भ्रम है. जब सब कुछ अस्थायी है, तो बिना वजह का स्ट्रेस क्यों लेना?
सोशल मीडिया पर क्या बोले लोग?
जैसे ही यह वीडियो शेयर हुआ, इंटरनेट पर लोगों ने इस सोच की जमकर तारीफ की. कई यूजर्स ने कमेंट किया कि यकीनन यह अनुभव दर्दनाक हो सकता है, लेकिन इससे मिलने वाले सबक जिंदगीभर काम आते हैं. यह भी पढ़ें:ऑफर लेटर आने से पहले ही चली गई जॉब अमेरिका में 6 महीने में नौकरी गंवाने वाली भारतीय महिला की रुला देने वाली कहानी
यहां देखिए वायरल वीडियो



























