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2 साल की बच्ची के एडमिशन पर 1.5 लाख डोनेशन! लोग बोले- ये तो लूट है

उद्यमी प्रितेश लखानी के X पोस्ट पर छिड़ी बहसImage Credit source: X/@priteshlakhani/GettyImages

2 Year Old Preschool Admission 1.5 Lakh Donation: सोचिए, आपकी बच्ची सिर्फ 2 साल की है और आप उसके लिए प्ले-स्कूल ढूंढ रहे हैं और स्कूल वाले बोले- एडमिशन चाहिए तो 1.5 लाख रुपए डोनेशन दो. आप क्या करेंगे? ऐसा ही कुछ हुआ एक बिजनेसमैन के साथ और अब उनकी पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.

प्रितेश लखानी नाम के एक बिजनेसमैन अपनी 2 साल की बेटी के लिए एक अच्छा प्री-स्कूल देख रहे थे. वो ऐसा स्कूल चाहते थे जहां बेटी को बार-बार स्कूल न बदलना पड़े. लेकिन जब उन्होंने एक स्कूल के बारे में पता किया तो उन्हें झटका लग गया. वहां एक दूसरे पेरेंट ने बताया कि बिना 1.5 लाख रुपए डोनेशन के एडमिशन मिलना मुश्किल है.

लखानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर अपना गुस्सा निकाला. उन्होंने लिखा कि आजकल स्कूल खुद को कंपनी जैसा समझने लगे हैं. पहले बच्चों और माता-पिता का इंटरव्यू लेते हैं, फिर उन्हें रिजेक्ट करते हैं और फिर मनमानी फीस वसूलते हैं.

लोगों ने क्या कहा?

जैसे ही उनकी पोस्ट वायरल हुई, कमेंट्स की बाढ़ आ गई. कई पेरेंट्स ने अपना दर्द बताया. एक ने लिखा, मेरे Tier-3 शहर में भी नर्सरी के लिए 3 लाख तक डोनेशन मांगा जाता है. ज्यादातर लोगों का यही कहना था कि अब पढ़ाई कम, धंधा ज्यादा बन गई है.

अब होमस्कूलिंग के बारे में सोच रहे हैं पेरेंट्स

इतनी ज्यादा फीस देखकर कई माता-पिता अब सोच रहे हैं कि बच्चों को घर पर ही पढ़ाया जाए. यानी होमस्कूलिंग ही बेहतर है. लेकिन सवाल अब भी यही है- क्या 2 साल के बच्चे की पढ़ाई इतनी महंगी होनी चाहिए? बचपन की शिक्षा तो बच्चे की नींव होती है. अगर यही इतनी महंगी हो जाएगी तो आम आदमी अपने बच्चे को कैसे पढ़ाएगा?

अभिषेक राय

अभिषेक राय

अभिषेक राय (Abhishek Roy) अभी TV9 भारतवर्ष के डिजिटल विंग में असिस्टेंट न्यूज एडिटर (Assistant News Editor) हैं. पत्रकारिता में उन्हें 14 साल से ज्यादा का अनुभव है और इस फील्ड में उनकी अपनी एक अलग पहचान है. अपने करियर में उन्होंने कई बड़े मीडिया संस्थानों में काम किया है.

शुरुआत में वे भोपाल के ‘पीपुल्स समाचार’ अखबार (Peoples Samachar) से जुड़े. यहां उन्होंने प्रिंट मीडिया का काम सीखा. इसके बाद वे दैनिक भास्कर (Dainik Bhaskar) ग्रुप में लंबे समय तक रहे. खास बात ये कि उन्होंने भास्कर के अखबार और वेबसाइट, दोनों जगह काम किया. इससे उन्हें पुरानी और नई, दोनों तरह की पत्रकारिता का अनुभव मिला. अभिषेक ने अहमदाबाद के ‘जानो दुनिया’ (Jano Duniya) न्यूज चैनल में भी काम किया. यहां उन्होंने टीवी मीडिया में अपनी काबिलियत दिखाई.

अभिषेक को राजनीति और विदेशी मामलों की अच्छी समझ है. वे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक घटनाक्रमों और वैश्विक कूटनीति को बहुत ही बारीकी से समझते हैं. हालांकि, वर्तमान में डिजिटल मीडिया की बदलती मांग को देखते हुए वे अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं. इन दिनों वे ट्रेंडिंग खबरों, वायरल टॉपिक्स और हटके कंटेंट पर काम कर रहे हैं.

अभिषेक के लिए पत्रकारिता महज एक पेशा या सिर्फ पाठकों तक सूचनाएं या खबरें पहुंचाना नहीं है. उनका विजन और उद्देश्य इससे कहीं अधिक व्यापक है. वे मानते हैं कि एक पत्रकार के रूप में उनकी जिम्मेदारी है कि पाठकों को हर बार कुछ नया और अनूठा पढ़ने को मिले. कंटेंट ऐसा हो जो पाठकों की सोच के दायरे को विस्तृत करे और उन्हें एक नया नजरिया दे.

अभिषेक को पत्रकारिता के साथ-साथ ट्रैवलिंग का भी शौक है. भागदौड़ भरी जिंदगी से जब भी फुर्सत मिलती है, वे पहाड़ों की तरफ निकल जाते हैं और सुकून के पल बिताते हैं.

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