सीएम फडणवीस भी हुए इस बच्ची के मुरीद!
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महाराष्ट्र में सूखे से जूझ रहे किसानों के लिए एक छोटी बच्ची की चिंता ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भावुक कर दिया. बच्ची ने किसानों की मदद के लिए अपनी गुल्लक तोड़ दी. ऐसे समय में जब राज्य के कई हिस्सों में किसान भारी संकट में हैं, ये घटना दया और निस्वार्थ सेवा की मिसाल बन गई है.
नन्ही वर्षा का बड़ा दिल
वर्षा तिमांडे नाम की इस बच्ची और उसके छोटे भाई ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 3,575 रुपए जमा कराए हैं. ये पैसे दोनों ने महीनों तक अपनी गुल्लक में जोड़े थे, जिससे वो खिलौने या टॉफियां लेने वाले थे. दोनों बच्चों ने कहा कि उनका ये छोटा सा योगदान किसानों की थोड़ी मदद कर सकेगा, जो पानी की कमी, फसल खराब होने और कर्ज जैसी दिक्कतों से जूझ रहे हैं.
फडणवीस ने बच्ची के इस कदम पर तुरंत ध्यान दिया. उन्होंने ये कहानी अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम पर शेयर की और किसानों के लिए उसकी चिंता की तारीफ की. मुख्यमंत्री से बात करते हुए वर्षा ने बताया था कि सूखे से परेशान किसानों की मदद के लिए वो कुछ करना चाहती है.
सीएम फडणवीस हुए भावुक
वर्षा ने मुख्यमंत्री से कहा कि किसानों को इस मुश्किल समय से बाहर आने के लिए मदद की जरूरत है और वो अपनी तरफ से कुछ करना चाहती थी. उसने कहा कि उसका छोटा सा योगदान किसानों के जीवन में थोड़ी खुशी लाएगा. फडणवीस ने कहा कि भाई-बहन का अपनी बचत दान करना उन्हें बहुत छू गया. उन्होंने कहा, ये सिर्फ पैसे नहीं, बल्कि बड़ी संवेदना का प्रतीक है.
उन्होंने कहा कि वो खासतौर पर वर्षा की संवेदनशीलता से बहुत प्रभावित हुए हैं. फडणवीस ने किसानों को ‘बलिराजा’ कहा, जो देश का पेट भरने वालों के लिए सम्मान का शब्द है. उन्होंने कहा कि जब किसान संकट में हैं, तब बच्चों का ये भाव बहुत मायने रखता है और दिखाता है कि इंसानियत अभी भी जिंदा है.
मुख्यमंत्री ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, नन्हे हाथों का बड़ा योगदान, किसानों के लिए प्यार का दिल से किया गया इशारा. पोस्ट के साथ एक वीडियो भी था, जिसमें बच्चे अपनी गुल्लक के पैसे गिनते और अपनी बात कहते दिख रहे थे.
यहां देखिए वीडियो



















