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oi-Siddharth Purohit
Bangladesh Election Result: बांग्लादेश के 299 संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों में गुरुवार शाम मतदान खत्म होते ही वोटों की गिनती शुरू हो गई। दशकों की राजनीतिक अस्थिरता के बाद यह चुनाव देश के लोकतंत्र के लिए बड़ी परीक्षा माना जा रहा है। चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक शुरुआती रुझान आधी रात तक आ सकते हैं, जबकि अंतिम नतीजे शुक्रवार सुबह तक साफ होने की उम्मीद है।
BNP बनाम जमात गठबंधन, 84-पॉइंट पैकेज पर जनमत
इस चुनाव में सीधी टक्कर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और इस्लामी जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच है। ओपिनियन पोल BNP को बढ़त दिखा रहे हैं। खास बात यह है कि चुनाव अंतरिम प्रमुख मोहम्मद यूनुस के 84 सूत्रीय सुधार पैकेज पर जनमत संग्रह (रेफरेंडम) के साथ हो रहे हैं। यानी जनता सिर्फ सरकार ही नहीं, सुधार एजेंडा पर भी अपनी राय दे रही है।

18 महीने पहले गिरी थी शेख हसीना सरकार
करीब 18 महीने पहले छात्रों के बड़े आंदोलन के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार गिर गई थी। उनकी पार्टी अवामी लीग को इस बार चुनाव से बैन कर दिया गया है। ऐसे में 13वें संसदीय चुनाव में BNP को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
तारिक रहमान पर सबकी नजर
पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के 60 साल के बेटे तारिक रहमान, जो 17 साल बाद देश लौटे हैं, इस चुनाव में अहम चेहरा बने हुए हैं। माना जा रहा है कि अगर BNP जीतती है तो उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी।
दोपहर तक 48% मतदान, शाम 4 बजे बंद हुए पोल
चुनाव आयोग के मुताबिक दोपहर दो बजे तक 48 फीसदी मतदान दर्ज हुआ। भारतीय समयानुसार शाम 4 बजे मतदान आधिकारिक रूप से बंद कर दिया गया। हालांकि जो मतदाता समय से पहले कतार में खड़े थे, उन्हें वोट डालने दिया गया। दोपहर तक 32 प्रतिशत से ज्यादा लोग मतदान कर चुके थे।
वोटों की गिनती कैसे होती है?
बांग्लादेश में मतदान खत्म होते ही तय कानूनी प्रक्रिया के तहत गिनती शुरू हो जाती है। पहले पीठासीन अधिकारी एजेंटों की मौजूदगी में बैलेट बॉक्स सील करते हैं। अप्रयुक्त मतपत्र अलग गिने जाते हैं। फिर पोलिंग सेंटर पर ही मतपत्रों की गिनती होती है। डाले गए वोटों की संख्या का मतदाता सूची से मिलान किया जाता है ताकि आंकड़े बराबर हों।
वैध और अवैध वोट का फैसला
बैलेट बॉक्स खोलने के बाद हर मतपत्र की अलग जांच होती है। अगर मुहर साफ तौर पर एक ही चुनाव चिन्ह पर लगी हो तो वोट वैध माना जाता है। अगर एक से ज्यादा निशान हों या मुहर साफ न हो तो उसे अवैध घोषित किया जा सकता है। किसी विवाद की स्थिति में अंतिम फैसला पीठासीन अधिकारी लेते हैं।
‘स्टेटमेंट ऑफ रिजल्ट’ से आधिकारिक नतीजों तक
गिनती पूरी होने के बाद हर केंद्र पर ‘स्टेटमेंट ऑफ रिजल्ट’ तैयार किया जाता है। एजेंटों के सामने नतीजे घोषित होते हैं और उन्हें कॉपी दी जाती है। इसके बाद परिणाम रिटर्निंग ऑफिसर को भेजे जाते हैं, जो सभी केंद्रों का डेटा जोड़कर अनौपचारिक नतीजे घोषित करते हैं। अंत में निर्वाचन आयोग गजट अधिसूचना जारी कर आधिकारिक परिणाम घोषित करता है।
झेनाइदह-1 सीट पर BNP की बढ़त
झेनाइदह-1 (शैलकुपा) सीट से BNP उम्मीदवार एमडी असदुज्जमान ने अनौपचारिक नतीजों में जीत दर्ज की। उन्हें ‘शीफ ऑफ पैडी’ (धान की बालियां) चिन्ह पर 1,71,598 वोट मिले। उनके प्रतिद्वंद्वी जमात-ए-इस्लामी के अबू सालेह एमडी मतीउर रहमान को ‘दरिपल्ला’ (तराजू) चिन्ह पर 55,577 वोट मिले। इस सीट पर कुल 3,25,278 रजिस्टर्ड मतदाता हैं। रिटर्निंग ऑफिसर एमडी अब्दुल्ला अल मसूद ने शाम करीब 8 बजे अनौपचारिक नतीजे घोषित किए।
कुमिल्ला-4 सीट पर चुनाव का बहिष्कार
कुमिल्ला-4 (देबिद्वार) सीट से BNP समर्थित और गण अधिकार परिषद के उम्मीदवार ए. जसीम उद्दीन ने मतदान खत्म होने के बाद चुनाव बहिष्कार का ऐलान किया। उन्होंने 2 मिनट 11 सेकंड के फेसबुक लाइव में आरोप लगाया कि बारोशलघर, रसूलपुर, यूसुफपुर, सुबिल, मशिकारा और फतेहपुर यूनियनों में बैलेट बॉक्स छीने गए, एजेंटों को निकाला गया और पैसे बांटकर वोट खरीदे गए। उन्होंने प्रशासन पर सहयोग न करने का भी आरोप लगाया।
शेख हसीना ने कहा- ‘फर्जी चुनाव’
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने चुनाव को “मतदाताओं के बिना, अवैध और असंवैधानिक” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि 11 फरवरी की शाम से ही मतदान केंद्रों पर कब्जा, गोलीबारी, पैसे बांटने और रिजल्ट शीट पर जबरन हस्ताक्षर कराने की घटनाएं हुईं। उनका दावा है कि 12 फरवरी की सुबह से ढाका समेत कई जगहों पर वोटिंग सेंटर खाली रहे।
गोपालगंज में बम विस्फोट
मतदान के दौरान हिंसा की भी खबरें आईं। डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक गोपालगंज के निचूपारा इलाके के रेशमा इंटरनेशनल स्कूल मतदान केंद्र पर सुबह करीब 9 बजे देशी बम विस्फोट हुआ। इसमें अंसार के दो जवान- सुकांतो मजूमदार और जमाल मोल्ला-और 13 साल की अमेना खानम घायल हुईं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोहम्मद सरवर हुसैन ने बताया कि घायलों को मामूली चोटें आईं और मतदान प्रभावित नहीं हुआ। पहले दो घंटों में वहां 198 वोट डाले गए।
मुंशीगंज में भी धमाका
ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार मुंशीगंज के मोल्लाकांडी यूनियन स्थित मखाती गुरुचरण हाई स्कूल में सुबह करीब 11 बजे एक और देशी बम विस्फोट हुआ। पुलिस के मुताबिक सुबह 10 बजे BNP समर्थित उम्मीदवार कमरुज्जमां और स्वतंत्र उम्मीदवार मोहिउद्दीन के समर्थकों के बीच झड़प हुई थी। हालांकि किसी के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई।
खुलना में झड़प में BNP नेता की मौत
खुलना सदर के आलिया मदरसा पोलिंग बूथ पर दो पक्षों के बीच झड़प और हाथापाई के बाद BNP नेता मोहिबुज्जमां कोच्चि की मौत हो गई। स्थानीय BNP नेताओं का आरोप है कि धक्का दिए जाने के बाद वह बीमार पड़ गए।
लोकतंत्र की दिशा तय करेगा यह चुनाव
13वां संसदीय चुनाव सिर्फ सत्ता बदलने का मामला नहीं है, बल्कि बांग्लादेश की राजनीतिक दिशा तय करने वाला अहम मोड़ माना जा रहा है। एक तरफ 84-पॉइंट सुधार पैकेज है, दूसरी तरफ बड़े आरोप-प्रत्यारोप और हिंसा की घटनाएं। अब देश और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अंतिम नतीजों पर टिकी हैं, जो तय करेंगे कि बांग्लादेश किस राजनीतिक रास्ते पर आगे बढ़ेगा।
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