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oi-Puja Yadav
Bangladesh Election Voting: भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में आम चुनावों के लिए मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह चुनाव कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि यह शेख हसीना के लगभग 15 साल लंबे शासन के गिरने के बाद पहला आम चुनाव है।
साल 2024 में हुए हिंसक जनआंदोलन के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता छोड़नी पड़ी थी, जिसके बाद देश एक लंबे राजनीतिक संक्रमण के दौर से गुजर रहा है।

इन चुनावों को बांग्लादेश के लोकतांत्रिक भविष्य के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। राजनीतिक स्थिरता, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और आर्थिक सुधार जैसे मुद्दे इस चुनाव के केंद्र में हैं।
Bangladesh Election 2026 के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 10 लाख सुरक्षाकर्मियों की तैनाती
मतदान को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए बांग्लादेश सरकार ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। चुनाव आयोग के अनुसार, पूरे देश में करीब 10 लाख सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। इनमें पुलिस, अर्धसैनिक बल और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवान शामिल हैं। सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया में सामने आए वीडियो में मतदान केंद्रों के बाहर भारी सुरक्षा बल तैनात दिखाई दे रहे हैं। राजधानी ढाका के गुलशन मॉडल स्कूल और कॉलेज में बनाए गए एक मतदान केंद्र पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं, जहां लोग शांतिपूर्वक अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।
Sheikh Hasina Fall: 2024 के आंदोलन के बाद बदला सियासी समीकरण
गौरतलब है कि 2024 में बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर हिंसक आंदोलन हुए थे। इन आंदोलनों में सरकार पर तानाशाही, चुनावी धांधली और विपक्ष को दबाने के आरोप लगे थे। हालात इतने बिगड़ गए कि शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद से हटना पड़ा। इसके बाद अंतरिम व्यवस्था के तहत देश को चुनाव की ओर ले जाया गया। अब यह चुनाव उस राजनीतिक उथल-पुथल के बाद जनता की पहली सीधी राय माना जा रहा है।
BNP vs Jamaat में बीएनपी सबसे मजबूत दावेदार
रिपोर्ट्स और हालिया सर्वेक्षणों के मुताबिक, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) इस चुनाव में सबसे मजबूत दावेदार के रूप में उभरी है। सर्वे में पार्टी को 50 प्रतिशत से अधिक समर्थन मिलने का दावा किया जा रहा है। BNP की कमान अब तारीक रहमान के हाथों में है, जो करीब 17 साल के आत्मनिर्वासन के बाद दिसंबर 2025 में बांग्लादेश लौटे थे। उनके नेतृत्व में पार्टी ने संगठन को फिर से मजबूत किया है और जमीनी स्तर पर व्यापक चुनाव प्रचार किया गया।
जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व में 11 दलों का गठबंधन
BNP के नेतृत्व वाले गठबंधन को टक्कर देने के लिए जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व में 11 राजनीतिक दलों का एक गठबंधन मैदान में है। यह गठबंधन खुद को एक वैकल्पिक राजनीतिक शक्ति के रूप में पेश कर रहा है। हालांकि, जमात-ए-इस्लामी को लेकर अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर आशंकाएं जताई जा रही हैं।
इन चिंताओं को खारिज करते हुए जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख ने स्पष्ट कहा है कि उनकी पार्टी किसी भी प्रकार के धार्मिक या सामाजिक भेदभाव के खिलाफ है और सत्ता में आने पर सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की जाएगी।
अल्पसंख्यक सुरक्षा और लोकतंत्र बड़ा मुद्दा
इस चुनाव में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा, मानवाधिकार, प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती जैसे मुद्दे अहम बने हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय और मानवाधिकार संगठनों की भी इस चुनाव पर करीबी नजर है। मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतगणना शुरू की जाएगी।
चुनाव आयोग ने पारदर्शी मतगणना और समय पर नतीजे घोषित करने का भरोसा दिलाया है। शेख हसीना के बाद के दौर में यह चुनाव तय करेगा कि बांग्लादेश किस राजनीतिक दिशा में आगे बढ़ेगा-स्थिरता, सुधार और लोकतांत्रिक पुनर्निर्माण की ओर या फिर नए सियासी संघर्षों की ओर।
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English summary
Bangladesh Election Voting: Following the fall of Sheikh Hasina, voting has begun for the general elections in Bangladesh. Polling booths across the country are witnessing heavy crowds, and strict security arrangements have been made. Learn all the details related to the elections.