International
oi-Siddharth Purohit
Fake
Medicine:
मध्य
प्रदेश
के
छिंदवाड़ा
में
हुए
खांसी
की
दवा
(Cough
Cyrup)
पीने
के
बाद
हुई
24
शिशुओं
की
मौत
ने
देश
के
केंद्रीय
औषधि
मानक
नियंत्रण
संगठन
(CDSCO)
की
गंभीर
कमियों
को
उजागर
कर
दिया
है।
साल
2023
से
2025
के
बीच
नकली
और
दूषित
दवाओं
से
जुड़े
कई
मामले
सामने
आए
हैं,
लेकिन
अधिकांश
मामलों
में
दोषियों
को
या
तो
बहुत
कम
सज़ा
मिली
या
कोई
कार्रवाई
नहीं
हुई।
हाल
ही
में
गुजरात
के
कच्छ
में
अधिकारियों
ने
एक
ऐसी
फैक्ट्री
पकड़ी
जहां
“सस्ते
और
घटिया”
तत्वों
से
नकली
कोलगेट
टूथपेस्ट,
सेंसोडाइन,
ईनो
और
यहां
तक
कि
सिगरेट
तक
बनाई
जा
रही
थीं।
उत्तर
प्रदेश
में
200
करोड़
की
नकली
दवाओं
का
भंडाफोड़
अगस्त
2025
में
उत्तर
प्रदेश
के
खाद्य
सुरक्षा
एवं
औषधि
विभाग
और
एसटीएफ
ने
आगरा
और
लखनऊ
में
बड़े
पैमाने
पर
छापेमारी
की।
इस
दौरान
200
करोड़
रुपये
से
अधिक
की
नकली
दवाएं
जब्त
हुईं
और
कई
विक्रेता
गिरफ्तार
किए
गए।
जांच
में
पता
चला
कि
यह
नेटवर्क
चेन्नई
और
पुदुचेरी
से
नकली
दवाएं
मंगाकर
उन्हें
मधुमेह,
दर्द
निवारक,
सर्दी
और
खांसी
की
नामी
ब्रांडेड
दवाओं
के
रूप
में
बेच
रहा
था।
आगरा
के
एक
व्यापारी
ने
जांच
में
देरी
के
लिए
1
करोड़
रुपये
रिश्वत
देने
की
भी
कोशिश
की।

कानपुर
में
434
नकली
दवाओं
की
फैक्ट्री
पकड़ी
गई
कानपुर
पुलिस
ने
60
घंटे
लंबे
अभियान
में
दो
अवैध
फैक्ट्रियों
का
भंडाफोड़
किया।
यहां
434
प्रकार
की
नकली
दवाएं
तैयार
की
जा
रही
थीं,
जिनकी
कीमत
लगभग
4.5
करोड़
रुपये
थी।
आरोपी
लोग
जटिल
कंप्यूटर
रिकॉर्ड
का
इस्तेमाल
करके
इन
दवाओं
को
भारत,
अफ्रीका
और
अफगानिस्तान
तक
बेच
रहे
थे
ताकि
पकड़े
न
जा
सकें।
पंजाब
में
प्रतिबंधित
दवाओं
पर
हड़कंप
पंजाब
में
दर्जनों
मरीज़ों
की
तबीयत
बिगड़ने
के
बाद
अक्टूबर
2025
में
स्वास्थ्य
विभाग
ने
आठ
इंट्रावेनस
(IV)
तरल
पदार्थों
और
इंजेक्शनों
पर
प्रतिबंध
लगा
दिया।
इनमें
नॉर्मल
सलाइन,
डेक्सट्रोज
5
प्रतिशत,
सिप्रोफ्लोक्सासिन
और
बुपिवाकेन-डेक्सट्रोज
मिक्स
शामिल
थे।
इस
प्रतिबंध
से
राज्य
के
अस्पताल
प्रभावित
हुए
और
कई
प्रमुख
कंपनियों
के
उत्पाद
भी
वापस
लिए
गए।
स्वास्थ्य
मंत्री
ने
जांच
का
आदेश
दिया
और
दोषियों
पर
कड़ी
कार्रवाई
का
आश्वासन
दिया।
राजस्थान
में
सैकड़ों
दवा
सैंपल
फेल
राजस्थान
के
औषधि
नियामक
ने
भी
चिंताजनक
आंकड़े
साझा
किए।
इंडिया
टुडे
की
एक
जांच
के
मुताबिक,
राज्य
में
सैकड़ों
दवाएं-जिनमें
एमोक्सिसिलिन,
सिप्रोफ्लोक्सासिन,
एंटीहिस्टामिन,
मधुमेह
और
दर्द
निवारक
दवाएं
शामिल
थीं-गुणवत्ता
परीक्षण
में
फेल
हो
गईं।
कई
नकली
दवाएं
रिपोर्ट
आने
से
पहले
ही
मरीज़ों
तक
पहुँच
चुकी
थीं।
नकली
दवाएं
और
जानलेवा
हेल्थ
सिस्टम
विशेषज्ञ
चेतावनी
देते
हैं
कि
नकली
दवाओं
में
अक्सर
गलत
खुराक
या
जहरीले
तत्व
होते
हैं।
नकली
एंटासिड
(जैसे
ईनो)
से
एलर्जी,
रक्तस्राव
या
अल्सर
का
खतरा
हो
सकता
है।
नकली
एंटीबायोटिक्स
संक्रमण
का
इलाज
नहीं
कर
पातीं
और
अंगों
को
नुकसान
पहुंचाने
का
कारण
बन
सकती
हैं।
फर्जी
टूथपेस्ट
मसूड़ों
और
दातों
को
नुकसान
पहुंचा
रहे
हैं,
जबकि
नकली
सिगरेट
या
मसाले
में
कैंसर
समेत
दूसरी
बीमारियां
पैदा
करने
वाले
तत्व
पाए
गए
हैं।
देश
नहीं
विदेशों
में
भी
बदनाम
हैं
भारतीय
दवाएं
राजस्थान
की
एक
रिपोर्ट
के
मुताबिक,
सैकड़ों
बच्चे
अनजाने
में
नकली
दवाएं
खा
चुके
हैं।
2022
में
भारत
निर्मित
खांसी
की
सिरप
(Cough
Syrup)
से
गाम्बिया
में
70
और
उज़्बेकिस्तान
में
19
बच्चों
की
मौत
हुई
थी।
WHO
और
अन्य
स्वास्थ्य
एजेंसियों
ने
इसकी
वजह
भारत
की
कंपनी
मेडन
फार्मास्युटिकल्स
द्वारा
बनाई
गई
खांसी
और
जुकाम
की
सिरप
को
बताया।
इस
साल
पंजाब
को
भी
दूषित
सलाइन
और
रिंगर
लैक्टेट
वापस
लेने
पड़े।
डॉक्टरों
ने
कहा,
“अगर
IV
तरल
पदार्थ
की
गुणवत्ता
सुनिश्चित
नहीं
की
जा
सकती,
तो
मरीज़ों
की
जान
खतरे
में
रहती
है।”
बचने
क्या
है
विकल्प?
ग्राहकों
को
सतर्क
रहना
चाहिए
और
केवल
अधिकृत
फ़ार्मेसी
से
दवाएं
खरीदनी
चाहिए।
पैकेट
पर
क्यूआर
कोड,
स्क्रैच-ऑफ
लेबल,
बैच
नंबर
और
समाप्ति
तिथि
जांचें।
अजीब
पैकेजिंग
या
वर्तनी
की
गलतियों
से
सावधान
रहें।
किसी
भी
संदिग्ध
उत्पाद
की
सूचना
स्थानीय
औषधि
विभाग
या
उपभोक्ता
हेल्पलाइन
पर
दें।
कितनी
सख्त
है
सरकार?
लगातार
हो
रहे
घोटालों
के
बाद
केंद्रीय
स्वास्थ्य
मंत्रालय
ने
कई
कंपनियों
के
लाइसेंस
रद्द
किए
हैं।
मार्च
2023
में
स्वास्थ्य
मंत्री
मनसुख
मंडाविया
ने
कहा
कि
नकली
दवा
बनाने
वालों
को
“बख्शा
नहीं
जाएगा।” WHO
द्वारा
भारत
बने
सिरप
को
शिशु
मृत्यु
से
जोड़ने
के
बाद
सरकार
ने
80
मिलियन
डॉलर
की
राशि
जांच
और
लैब
में
सुधार
के
लिए
आवंटित
की।
नए
नियम
और
कानूनी
जवाबदेही
केंद्रीय
औषधि
मानक
नियंत्रण
संगठन
(CDSCO)
अब
वितरकों
और
व्यापारियों
पर
भी
कानूनी
जिम्मेदारी
तय
करने
की
तैयारी
कर
रहा
है।
प्रस्ताव
है
कि
अगर
कोई
केमिस्ट
या
वितरक
नकली
दवाओं
को
सिर्फ़
स्टोर
या
बेचता
भी
है,
तो
उसे
सज़ा
दी
जा
सके।
यह
कदम
उस
loophole
को
खत्म
करेगा
जो
अब
तक
उन्हें
चालान
दिखाकर
बचने
देता
था।
हालांकि
अब
तक
ऐसा
कोई
नियम
धरातल
पर
कितना
सख्ती
से
लागू
है
इसके
साक्ष्य
मिलने
में
कोई
साफ
डेटा
सामने
नहीं
आ
सका
है।
QR
कोड
और
सख्त
सोर्सिंग
नियमों
की
योजना
सरकार
सभी
दवाओं
पर
यूनिक
क्यूआर
कोड
लगाने
पर
विचार
कर
रही
है
ताकि
उपभोक्ता
और
डॉक्टर
तुरंत
उसकी
असलियत
जांच
सकें।
फार्मेसियों
को
केवल
अधिकृत
विक्रेताओं
से
दवाएं
खरीदने
का
नियम
लागू
किया
जा
सकता
है।
ग्रामीण
जिलों
में
मोबाइल
लैब
स्थापित
कर
गुणवत्ता
परीक्षण
बढ़ाने
की
योजना
भी
है।
फार्मेसी
और
अस्पतालों
पर
होगी
कार्रवाई?
डॉक्टरों
और
अस्पतालों
को
केवल
प्रमाणित
आपूर्तिकर्ताओं
से
दवाएं
लेनी
होंगी
और
ब्रांड,
बैच
नंबर
और
QR
कोड
का
रिकॉर्ड
रखना
होगा।
संदिग्ध
बैच
मिलने
पर
तुरंत
रिपोर्ट
करनी
होगी।
कर्मचारियों
को
पैकेजिंग
स्कैन
करने
और
रिपोर्टिंग
सिस्टम
पर
प्रशिक्षण
दिया
जाएगा।
इसके
बावजूद
अगर
नियमों
के
विरुद्ध
काम
होता
पाया
जाता
है
तो
सख्त
कार्रवाई
होगी।
फर्जी
दवा
बनाने
वालों
पर
शिंकजा
कसने
की
तैयारी
सरकार
ने
टीवी
और
सोशल
मीडिया
के
जरिए
नकली
ऑनलाइन
फार्मेसी
के
खिलाफ
अभियान
शुरू
करने
की
योजना
बनाई
है।
सीमा
शुल्क,
पुलिस
और
नारकोटिक्स
विभाग
के
बीच
सहयोग
बढ़ाकर
अंतरराज्यीय
गिरोहों
पर
शिकंजा
कसने
की
तैयारी
भी
चल
रही
है।
भारत
की
साख
और
जिम्मेदारी
दोनों
दांव
पर
भारत
सस्ती
दवाओं
और
उच्चस्तरीय
चिकित्सा
सुविधाओं
के
कारण
ग्लोबल
स्वास्थ्य
केंद्र
बन
चुका
है।
लेकिन
विशेषज्ञ
चेतावनी
देते
हैं
कि
प्रतिष्ठा
के
साथ
जिम्मेदारी
भी
आती
है।
परीक्षण
क्षमता
बढ़ाना,
सीरियलाइजेशन
लागू
करना
और
ट्रांसपेरेंट
सिस्टम
लाना
ही
मरीज़ों
का
विश्वास
बनाए
रख
सकते
हैं।
यदि
अधिकारी
और
उद्योग
सतर्क
रहें,
तो
भारत
सुरक्षित,
उच्च
गुणवत्ता
वाली
दवाओं
के
साथ
विश्वसनीय
स्वास्थ्य
गंतव्य
बना
रहेगा।
इस
खबर
पर
आपकी
क्या
राय
है,
हमें
कमेंट
में
बताएं।

Bengaluru-Mumbai train: बेंगलुरु-मुंबई सुपरफास्ट ट्रेन हो रही शुरू, 18 घंटे से बहुत कम हो जाएगा सफर का समय

Salman Khan Pakistan: सलमान खान को पाकिस्तान ने ‘आतंकी’ घोषित किया, क्या है पूरा मामला?

Satish Shah: ‘उसे अल्जाइमर, बीवी के लिए जीना चाहता था’, दोस्त सतीश के बारे में एक्टर सचिन ने खोला बड़ा राज

Satish Shah funeral: पंचत्तव में विलीन हुए सतीश शाह, 74 साल के एक्टर को किसने दी मुखाग्नि?

Premanand Maharaj Secrets: कानपुर के अनिरुद्ध पांडेय कैसे बन गए वृंदावन के प्रेमानंद महाराज? 8 अनसुने राज

Kal Ka Match Kon Jeeta 25 October: कल का मैच कौन जीता- भारत vs ऑस्ट्रेलिया

Kal Ka Mausam: छठ पूजा का तीसरा दिन तूफान-बारिश के साए में? दिल्ली में धुंध तो, बिहार-UP में कैसा रहेगा मौसम?

PM Kisan Yojana की 21वीं किस्त से पहले रिकॉर्ड रजिस्ट्रेशन, कब आएंगे किसानों के खाते में पैसे?

Bihar Chunav 2025: ‘कमरे के अंदर हर आदमी अश्लील’, ये क्या बोल गए Khesari Lal Yadav? मचा हंगामा

Bihar Chunav: चिराग पासवान की सीट पर NDA ने उतारा ‘नया खिलाड़ी’, निर्दलीय उम्मीदवार को दिया समर्थन

Bihar Chunav: इन 6 जिलों के EVM में नहीं दिखेगा ‘कमल का फूल’, जानें BJP ने यहां क्यों नहीं उतारे उम्मीदवार?

IND vs AUS: सिडनी में धमाकेदार जीत के बाद भारत को बड़ा झटका, टीम का मैच विनर खिलाड़ी हुआ बाहर

Gold Rate Today: कम हो गए सोने के दाम? छठ के बीच गोल्ड-सिल्वर के रेट में हुआ कितना बदलाव?

Cyclone Montha: तीन राज्यों पर मंडराया चक्रवात ‘मोंथा’ का खतरा, भयंकर तबाही की आशंका, रेड अलर्ट जारी

Mumbai Metro: मुंबई में भीड़-भाड़ से मिलेगी मुक्ति! अब इस लाइन पर जमीन के नीचे दौड़ेगी नई मेट्रो!

























