International
oi-Siddharth Purohit
India-EU
FTA
2026
Liquor
Benefits:
भारत
और
यूरोपीय
संघ
(EU)
ने
करीब
18
साल
के
लंबे
इंतज़ार
के
बाद
आखिरकार
एक
मुक्त
व्यापार
समझौते
(Free
Trade
Agreement
–
FTA)
पर
सफलतापूर्वक
सहमति
बना
ली
है।
इस
ऐतिहासिक
समझौते
के
तहत
दोनों
पक्षों
ने
बड़े
स्तर
पर
इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट
ड्यूटी
घटाने
और
कई
मामलों
में
पूरी
तरह
खत्म
करने
पर
सहमति
जताई
है।
यूरोपीय
संघ
का
मानना
है
कि
यह
डील
भारतीय
बाजार
में
उसके
एक्सपोर्ट
को
तेज़ी
से
बढ़ाएगी
और
मौजूदा
वैश्विक
व्यापार
संकट
के
दौर
में
दोनों
अर्थव्यवस्थाओं
के
रिश्ते
और
मजबूत
करेगी।
90%
से
ज्यादा
EU
प्रोडक्ट्स
पर
टैरिफ
में
कटौती
यूरोपीय
संघ
के
मुताबिक,
इस
समझौते
के
बाद
भारत
में
आने
वाले
90%
से
अधिक
यूरोपीय
सामानों
पर
लगने
वाले
आयात
शुल्क
या
तो
पूरी
तरह
खत्म
हो
जाएंगे
या
उनमें
भारी
कटौती
की
जाएगी।
EU
का
अनुमान
है
कि
इस
FTA
के
चलते
2032
तक
भारत
को
होने
वाला
उसका
एक्सपोर्ट
दोगुना
हो
सकता
है।
इस
समझौते
में
भारत
के
कार्बन
उत्सर्जन
(कार्बन
से
निकलने
वाला
प्रदूषण)
घटाने
के
प्रयासों
के
लिए
Climate
Financing
को
भी
शामिल
किया
गया
है।

लाखों
नौकरियों
को
मिलेगा
सहारा
फिलहाल,
भारत
को
किए
जाने
वाले
यूरोपीय
संघ
के
एक्सपोर्ट
से
लगभग
8
लाख
यूरोपीय
नौकरियों
को
समर्थन
मिलता
है।
EU
का
कहना
है
कि
इस
नए
FTA
से
आने
वाले
समय
में
और
भी
नई
नौकरियां
पैदा
होंगी।
यह
डील
सिर्फ
व्यापार
तक
सीमित
नहीं
है,
बल्कि
रोजगार
और
आर्थिक
स्थिरता
को
भी
मजबूत
करेगी।
ग्रीन
ट्रांजिशन
के
लिए
500
मिलियन
यूरो
की
मदद
भारत
में
हरित
बदलाव
(Green
Transition)
को
तेज़
करने
और
ग्रीनहाउस
गैस
उत्सर्जन
कम
करने
में
मदद
के
लिए
यूरोपीय
संघ
अगले
दो
सालो
में
500
मिलियन
यूरो
(5400
करोड़
भारतीय
रुपए)
की
वित्तीय
सहायता
देगा।
इसका
मकसद
भारत
को
क्लीन
एनर्जी
और
पर्यावरण-अनुकूल
तकनीकों
की
ओर
तेज़ी
से
आगे
बढ़ने
में
सहयोग
करना
है।
किन
सेक्टर्स
को
मिलेगा
सबसे
ज्यादा
फायदा
यह
FTA
कई
अहम
सेक्टर्स
को
कवर
करता
है।
इनमें
शराब
(Alcohol),
खाद्य
उत्पाद
(Food
Products),
रसायन
(Chemicals),
मशीनरी,
फार्मास्यूटिकल्स
और
एयरोस्पेस
जैसे
क्षेत्र
शामिल
हैं।
यूरोपीय
संघ
का
दावा
है
कि
इस
डील
से
उसके
एक्सपोर्टकों
को
हर
साल
करीब
4
बिलियन
यूरो
की
टैरिफ
बचत
होगी।
EU
इसे
भारत
द्वारा
किसी
भी
व्यापारिक
साझेदार
को
दी
गई
अब
तक
की
सबसे
बड़ी
व्यापारिक
छूट
मान
रहा
है।
FTA
के
तहत
कई
खास
प्रोडक्ट्स
पर
भारी
टैरिफ
कटौती
की
गई
है,
जिनमें
शराब
और
मोटर
वाहन
सेक्टर
सबसे
अहम
हैं।
बीयर
पर
लगने
वाला
110%
आयात
शुल्क
घटाकर
50%
कर
दिया
जाएगा।
स्पिरिट्स
पर
शुल्क
150%
से
घटकर
40%
होगा,
जबकि
वाइन
पर
यह
150%
से
घटकर
20%
से
30%
के
बीच
रह
जाएगा।
कौन-कौन
सी
शराब
होगी
सस्ती?
Scotch/
Single
Malts-
Chivas
Regal
(सिवास
रीगल)
Johnny
Walker
(जॉनी
वॉकर)
Glenfiddich
(ग्लेनफिडिक)
Dewar’s
(ड्यूअर्स)
100
Pipers
(हंड्रेड
पाइपर्स)
Whiskey-
Ballantine’s
(बैलेनटाइन)
Royal
Salute
(रॉयल
सेल्युट)
The
Glenlivet
(द
ग्लेनलिवेट)
Diageo
(डिआगो)
The
Macallan
(द
मैकेलन)
Pernod
Ricard-
(एब्सॉल्युट
वोदका,
जेमसन
व्हिस्की
आदि
ब्रांड्स)
Black
&
White
(ब्लैक
एंड
व्हाइट)
Beer
Heineken
(हैनिकेन)
Pilsner
(पिल्सनर)
Krombacher
(क्रॉम्बैकर)
Beck’s
Ice
(बैक्स
आइस)
Bavarian
Classics
(बावेरियन
क्लास)
Warsteiner
(वॉरस्टीनर)
Craft
&
Speciality
(क्राफ्ट
एंड
स्पेशियलटी)
इन
व्हिस्की
और
बीयर
ब्रांड्स
के
अंतर्गत
आने
वाली
सभी
किस्म
की
शराबें
सस्ती
होने
की
संभावना
है।
इसके
अलावा
भी
कई
ब्रांड्स
हैं
जो
सस्ते
होंगे।
कस्टम
प्रोसेस
होगी
आसान
और
सस्ती
इस
समझौते
में
सीमा
शुल्क
प्रक्रियाओं
को
सरल
बनाने
का
भी
प्रावधान
किया
गया
है।
इसका
सीधा
फायदा
यह
होगा
कि
यूरोपीय
कंपनियों
के
लिए
भारत
में
सामान
भेजना
तेज़,
आसान
और
सस्ता
हो
जाएगा।
यूरोपीय
संघ
इसे
भारत
के
साथ
अब
तक
का
सबसे
बड़ा
व्यापारिक
अवसर
मान
रहा
है।
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खबर
पर
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English summary
India-EU FTA 2026 Liquor Benefits: Free Trade Agreement to Make Alcohol Cheaper, Boost Trade and Jobs