International
oi-Sumit Jha
Iran
Crown
Prince
Reza
Pahlavi:
ईरान
में
विरोध
प्रदर्शनों
की
आग
अब
सभी
31
प्रांतों
के
111
शहरों
में
फैल
चुकी
है,
जिसने
1979
की
क्रांति
के
बाद
सबसे
बड़ा
संकट
खड़ा
कर
दिया
है।
प्रदर्शनकारी
न
केवल
मौजूदा
शासन
के
अंत
की
मांग
कर
रहे
हैं,
बल्कि
निर्वासित
क्राउन
प्रिंस
रजा
पहलवी
की
वापसी
के
नारे
लगा
रहे
हैं।
अमेरिकी
राष्ट्रपति
डोनाल्ड
ट्रंप
द्वारा
प्रदर्शनकारियों
को
खुला
समर्थन
देने
और
खामेनेई
शासन
को
गंभीर
परिणाम
भुगतने
की
चेतावनी
ने
‘तख्तापलट’
की
संभावनाओं
को
हवा
दे
दी
है।
इंटरनेट
और
संचार
ठप
होने
के
बावजूद,
ईरान
की
सड़कों
पर
‘शाह
की
वापसी’
के
नारे
गूंज
रहे
हैं।

क्राउन
प्रिंस
रजा
पहलवी
के
समर्थन
में
गूंज
उठे
नारे
ईरान
के
प्रदर्शनों
में
सबसे
चौंकाने
वाला
मोड़
तब
आया
जब
31
प्रांतों
के
111
शहरों
में
निर्वासित
क्राउन
प्रिंस
रजा
पहलवी
के
समर्थन
में
नारे
गूंजने
लगे।
अब
तक
ईरान
में
शाह
के
पक्ष
में
बोलना
मौत
की
सजा
के
बराबर
था,
लेकिन
अब
जनता
निडर
होकर
‘शाह
पहलवी
वापस
आएंगे’
और
‘यह
आखिरी
लड़ाई
है’
के
नारे
लगा
रही
है।
रजा
पहलवी
की
एक
अपील
पर
हजारों
लोग
सड़कों
पर
उतर
आए
हैं,
जो
दर्शाता
है
कि
जनता
अब
वर्तमान
शासन
के
विकल्प
के
रूप
में
पूर्व
राजशाही
की
ओर
देख
रही
है।
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ईरान
छोड़कर
भागने
की
तैयारी
में
खामेनेई,
इस
देश
में
ले
सकते
हैं
शरण,
ब्रिटिश
अखबार
का
दावा
Iran
Protests:
रजा
पहलवी
को
क्यों
छोड़ना
पड़ा
था
देश?
क्राउन
प्रिंस
रजा
पहलवी
ईरान
के
अंतिम
राजा
(शाह)
मोहम्मद
रेजा
पहलवी
के
सबसे
बड़े
बेटे
और
पहलवी
राजवंश
के
उत्तराधिकारी
हैं।
1979
की
इस्लामिक
क्रांति
के
दौरान
जब
उनके
पिता
का
तख्तापलट
हुआ,
तब
उन्हें
अपना
देश
छोड़कर
जाना
पड़ा।
वर्तमान
में
वह
अमेरिका
में
निर्वासित
जीवन
जी
रहे
हैं
और
ईरानी
विपक्षी
आंदोलन
के
प्रमुख
चेहरे
हैं।
वह
ईरान
में
‘इस्लामिक
रिपब्लिक’
को
समाप्त
कर
लोकतांत्रिक
सुधारों
और
धर्मनिरपेक्षता
की
वकालत
करते
हैं।
प्रदर्शनकारियों
के
बीच
उनकी
लोकप्रियता
हाल
के
दिनों
में
काफी
बढ़ी
है।
रजा
पहलवी
का
बड़ा
राजनीतिक
संकेत
अमेरिका
में
दशकों
से
निर्वासित
जीवन
जी
रहे
क्राउन
प्रिंस
रेजा
पहलवी
ने
इस
आंदोलन
का
नेतृत्व
करने
की
घोषणा
कर
दी
है।
उन्होंने
साफ
कहा
है
कि
वह
तानाशाही
से
मुक्ति
दिलाने
के
लिए
ईरान
लौटने
को
तैयार
हैं।
पहलवी
की
अपील
के
बाद
ही
ईरान
के
भीतर
प्रदर्शनों
में
तेजी
आई
है।
उन्होंने
अंतरराष्ट्रीय
समुदाय,
विशेषकर
यूरोपीय
देशों
से
चुप्पी
तोड़ने
और
ईरानी
जनता
को
तकनीकी
व
राजनयिक
सहायता
प्रदान
करने
का
आग्रह
किया
है
ताकि
उनकी
आवाज
दुनिया
तक
पहुंच
सके।
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रूस
या
मैक्सिको
कहां
भागने
वाले
हैं
खामेनेई?
पूरे
ईरान
में
फैली
प्रदर्शन
की
आग,
देखें
रिपोर्ट
डोनाल्ड
ट्रंप
की
सीधी
चेतावनी
अमेरिकी
राष्ट्रपति
डोनाल्ड
ट्रंप
ने
इस
आंदोलन
को
वैश्विक
मंच
पर
लाकर
ईरान
सरकार
की
मुश्किलें
बढ़ा
दी
हैं।
ट्रंप
ने
साफ
कर
दिया
है
कि
अगर
ईरानी
लोगों
की
आवाज
दबाने
के
लिए
ताकत
का
इस्तेमाल
हुआ,
तो
अमेरिका
हाथ
पर
हाथ
धरकर
नहीं
बैठेगा।
विशेषज्ञों
का
मानना
है
कि
ट्रंप
प्रशासन
इस
आंदोलन
के
जरिए
ईरान
में
शासन
परिवर्तन
की
जमीन
तैयार
कर
रहा
है।
ट्रंप
की
इस
सक्रियता
ने
ईरानी
रिवॉल्यूशनरी
गार्ड
और
धार्मिक
नेतृत्व
को
रक्षात्मक
स्थिति
में
ला
खड़ा
किया
है।
English summary
who is reza pahlavi iran protests 2026 donald trump secret plan regime change khamenei vs shah return