International
oi-Divyansh Rastogi
Japan
Earthquake
News:
उत्तरी
जापान
के
तट
को
दहला
देने
वाला
6.7
तीव्रता
का
शक्तिशाली
भूकंप
रविवार
(9
नवंबर
2025)
शाम
को
एक
बार
फिर
‘प्रशांत
अग्नि
वलय’
(Ring
of
Fire)
की
भयावहता
को
याद
दिला
गया।
इवाते
प्रांत
के
पास
प्रशांत
महासागर
में
केंद्रित
इस
भूकंप
ने
इमारतों
को
हिला
दिया,
बुलेट
ट्रेनें
रुक
गईं
और
बिजली
आपूर्ति
बाधित
हो
गई।
जापान
मौसम
विज्ञान
एजेंसी
(JMA)
ने
तुरंत
1
मीटर
तक
ऊंची
सुनामी
की
चेतावनी
जारी
की,
जो
घंटों
तक
जारी
रही।
हालांकि,
अभी
तक
कोई
मौत
या
बड़ी
क्षति
की
खबर
नहीं
है,
लेकिन
विशेषज्ञों
का
कहना
है
कि
यह
भूकंप
जापान
की
टेक्टॉनिक
प्लेट्स
की
लगातार
टकराहट
का
नतीजा
है।
आखिर
क्यों
जापान
को
बार-बार
ऐसे
झटके
झेलने
पड़ते
हैं?
आइए,
इसकी
वजह
और
पूरी
घटना
को
विस्तार
से
समझते
हैं…

Japan
Earthquake
News:
शाम
5
बजे
का
‘झटका’,
10
किमी
गहराई
से
धरती
हिली
जापान
समयानुसार
रविवार
(9
नवंबर
2025)
शाम
5:03
बजे
(भारतीय
समयानुसार
सुबह
करीब
1:33
बजे)
इवाते
प्रांत
के
तट
से
70
किमी
दूर
प्रशांत
महासागर
में
6.7
तीव्रता
(USGS
के
अनुसार
6.8)
का
भूकंप
आया।
इसका
केंद्र
सैनरिकु
तट
के
पास
था,
जो
महज
10
किलोमीटर
की
गहराई
पर
था-ऐसी
उथली
गहराई
वाले
भूकंप
ज्यादा
विनाशकारी
साबित
होते
हैं।
JMA
के
अनुसार,
इवाते
के
कुछ
इलाकों
में
झटके
की
तीव्रता
जापान
के
7-ग्रेड
शिंडो
स्केल
पर
4
तक
पहुंच
गई,
जिससे
लोग
घरों
से
बाहर
भागे।
भूकंप
के
बाद
कई
आफ्टरशॉक
महसूस
किए
गए,
जिनमें
5.0
से
ऊपर
के
कम
से
कम
5
झटके
शामिल
थे।
NHK
ने
लोगों
को
तटीय
क्षेत्रों
से
दूर
रहने
की
सलाह
दी।
ओफुनाटो
शहर
और
ओमिनाटो
बंदरगाह
पर
10
सेंटीमीटर
ऊंची
लहरें
दर्ज
की
गईं,
जबकि
कुजी
में
यह
20
सेंटीमीटर
तक
पहुंची।
मियाको
और
कामाइशी
में
भी
छोटी
सुनामी
लहरें
देखी
गईं।
JMA
ने
चेतावनी
दी
कि
लहरें
घंटों
तक
आ
सकती
हैं
और
समय
के
साथ
ऊंची
हो
सकती
हैं।
|
मुख्य आंकड़े |
डिटेल |
|---|---|
| तीव्रता |
6.7 (JMA); 6.8 (USGS) |
| समय |
9 नवंबर 2025, शाम 5:03 बजे (जापान समय) |
| केंद्र |
इवाते तट से 70 किमी दूर, प्रशांत महासागर; गहराई: 10 किमी |
|
सुनामी चेतावनी |
1 मीटर तक ऊंची लहरें; 1 घंटे बाद तक जारी |
|
प्रभावित इलाके |
इवाते प्रांत (ओफुनाटो, कुजी, मियाको, कामाइशी) |
| क्षति |
बुलेट ट्रेनें रुकीं; बिजली कटौती; कोई मौत की खबर नहीं |
Tsunami
Warning
News
Update:
ट्रेनें
रुकीं,
बिजली
गुल-लेकिन
न्यूक्लियर
प्लांट्स
सुरक्षित
JMA
ने
उत्तरी
तट
(इवाते)
के
लिए
सुनामी
सलाह
जारी
की,
जिसमें
1
मीटर
(3
फीट)
तक
ऊंची
लहरों
की
आशंका
जताई
गई।
NHK
ने
तटीय
इलाकों
से
दूर
रहने
और
आफ्टरशॉक
की
तैयारी
करने
को
कहा।
JR
ईस्ट
रेलवे
ने
बताया
कि
बुलेट
ट्रेन
सेवाएं
अस्थायी
रूप
से
रुक
गईं।
क्योडो
न्यूज
के
अनुसार,
कुछ
इलाकों
में
बिजली
आपूर्ति
बाधित
हो
गई।
अच्छी
खबर
यह
कि
इवाते
के
पास
स्थित
ओनागावा
न्यूक्लियर
पावर
प्लांट
में
कोई
असामान्यता
नहीं
पाई
गई।
तोहोकू
इलेक्ट्रिक
पावर
कंपनी
ने
पुष्टि
की
कि
रेडिएशन
लेवल
सामान्य
है।
2011
के
फुकुशिमा
हादसे
की
यादें
ताजा
हो
गईं,
लेकिन
जापान
की
मजबूत
तैयारी
ने
किसी
बड़ी
अनहजोरी
को
रोका।
Why
Japan
Earthquakes
‘Hotspot’:
‘रिंग
ऑफ
फायर’
की
वजह
से
90%
वैश्विक
झटके
जापान
दुनिया
का
सबसे
भूकंप-प्रवण
देश
है,
जहां
सालाना
1,500
से
ज्यादा
भूकंप
आते
हैं।
इसका
मुख्य
कारण
प्रशांत
‘रिंग
ऑफ
फायर’
है-एक
40,000
किमी
लंबा
घोड़े
की
नाल
आकार
का
क्षेत्र,
जो
प्रशांत
महासागर
के
किनारों
पर
फैला
है।
यह
क्षेत्र
पृथ्वी
के
75%
सक्रिय
ज्वालामुखियों
और
90%
भूकंपों
का
घर
है।
जापान
यहां
उत्तर
अमेरिकी,
प्रशांत,
यूरेशियन
और
फिलीपींस
सागर
टेक्टॉनिक
प्लेट्स
के
जंक्शन
पर
स्थित
है।
ये
प्लेट्स
लगातार
आपस
में
टकराती,
खिसकती
और
नीचे
धंसती
(सबडक्शन)
रहती
हैं,
जिससे
तनाव
जमा
होता
है
और
अचानक
रिलीज
होने
पर
भूकंप
आता
है।
इवाते
क्षेत्र
में
प्रशांत
प्लेट
उत्तर
अमेरिकी
प्लेट
के
नीचे
धंस
रही
है,
जो
इस
भूकंप
का
ट्रिगर
बनी।
विशेषज्ञों
के
अनुसार,
18%
वैश्विक
भूकंप
इसी
क्षेत्र
से
आते
हैं।
|
रिंग ऑफ फायर के तथ्य |
डिटेल |
|---|---|
| लंबाई |
40,000 किमी (प्रशांत महासागर के किनारे) |
| भूकंप |
दुनिया के 90% भूकंप; जापान में सालाना 1,500+ |
| ज्वालामुखी |
75% सक्रिय ज्वालामुखी |
|
जापान का हिस्सा |
4 प्लेट्स का जंक्शन; सबडक्शन जोन |
|
ऐतिहासिक उदाहरण |
2011 तोहोकू (9.0 तीव्रता, 18,000+ मौतें) |
2011
की
यादें:
तबाही
का
सबक,
आज
की
तैयारी
यह
भूकंप
2011
के
विनाशकारी
तोहोकू
भूकंप
(9.0
तीव्रता)
की
याद
दिलाता
है,
जिसमें
सैनरिकु
तट
पर
40
मीटर
ऊंची
सुनामी
आई।
18,000
से
ज्यादा
लोग
मारे
गए,
फुकुशिमा
न्यूक्लियर
प्लांट
लीक
हुआ
और
235
अरब
डॉलर
का
नुकसान
हुआ।
इवाते,
मियागी
और
फुकुशिमा
सबसे
प्रभावित
थे।
जापान
ने
तब
से
सख्त
बिल्डिंग
कोड,
अर्ली
वॉर्निंग
सिस्टम
और
सुनामी
दीवारें
बनाईं,
जो
आज
कारगर
साबित
हो
रही
हैं।
विशेषज्ञ
सायेको
किता
(इंटरनेशनल
इंस्टीट्यूट
ऑफ
सिस्मोलॉजी)
कहती
हैं,
‘जापान
की
भौगोलिक
स्थिति
इसे
लगातार
खतरे
में
रखती
है,
लेकिन
हमारी
तैयारी
जान
बचाती
है।’
आगे
क्या?
आफ्टरशॉक
का
खतरा,
लेकिन
जापान
तैयार
JMA
ने
आफ्टरशॉक
की
चेतावनी
जारी
रखी
है।
सुनामी
सलाह
अब
हटा
ली
गई
है,
लेकिन
तटीय
इलाकों
में
सतर्कता
बरती
जा
रही
है।
कोई
घायल
या
मौत
की
पुष्टि
नहीं
हुई,
लेकिन
नुकसान
का
आकलन
जारी
है।
जापान
की
आपदा
प्रबंधन
प्रणाली-जो
दुनिया
की
सबसे
उन्नत
है-एक
बार
फिर
परीक्षा
में
खरी
उतरी।
यह
घटना
फिर
साबित
करती
है
कि
‘रिंग
ऑफ
फायर’
की
आग
कभी
ठंडी
नहीं
पड़ती।
जापान
जैसे
देशों
के
लिए
यह
चेतावनी
है,
तैयारी
ही
सुरक्षा
है।
अपडेट्स
के
लिए
बने
रहें।
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तेज
झटके,
दहशत
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आए
लोग
English summary
Japan Earthquake 6.7 Magnitude Shakes Northern Coast with Tsunami Warning 2025, Know Reason News Hindi