World News

Khamenei Net Worth: लंदन में बंगला- दुबई में प्रॉपर्टी, खामेनेई के पास विदेशों में अकूत संपत्ति देख भड़के ईरान | Khamenei net worth london-billionaire-row-khamenei-son-mojtaba-assets-investigation

International

oi-Siddharth Purohit


Khamenei
Net
Worth:

उत्तरी
लंदन
की
एक
पेड़-लाइन
वाली
सड़क
है,
जिसे
“बिलियनेयर
रो”
कहा
जाता
है,
वहां
कई
आलीशान
हवेलियां
ऊंची
झाड़ियों
और
काले
दरवाजों
के
पीछे
छिपी
हुई
हैं।
इन
घरों
के
बाहर
रोज़
स्कूल
के
बच्चे
आते-जाते
दिखते
हैं,
वहीं
काली

SUV

में
निजी
सुरक्षा
गार्ड
लगातार
गश्त
करते
रहते
हैं।
बाहर
से
सब
कुछ
शांत
दिखता
है,
लेकिन
इन
लक्जरी
घरों
के
पीछे
एक
ऐसा
अंतरराष्ट्रीय
नेटवर्क
छुपा
है,
जिसके
तार
तेहरान
से
दुबई
और
फ्रैंकफर्ट
तक
जुड़े
हुए
हैं।

ब्लूमबर्ग
की
जांच:
असली
मालिक
कौन?

ब्लूमबर्ग
द्वारा
देखे
गए
दस्तावेजों
और
जानकारियों
के
मुताबिक,
इन
संपत्तियों
का
असली
स्वामित्व
कई
शेल
कंपनियों
के
ज़रिये
अप्रत्यक्ष
रूप
से
ईरान
के
सर्वोच्च
नेता
अयातुल्ला
अली
खामेनेई
के
दूसरे
बेटे
मोजतबा
खामेनेई
से
जुड़ा
हुआ
है।

Khamenei Net Worth

कौन
हैं
मोजतबा
खामेनेई?

56
साल
के
मौलवी
मोजतबा
खामेनेई
को
उनके
पिता
का
संभावित
उत्तराधिकारी
माना
जाता
है।
पश्चिमी
खुफिया
एजेंसियों
और
मामले
से
जुड़े
लोगों
के
अनुसार,
वह
एक
बड़े
और
जटिल
निवेश
साम्राज्य
की
देखरेख
करते
हैं,
हालांकि
वह
सार्वजनिक
रूप
से
बहुत
कम
दिखाई
देते
हैं।

सीधे
नाम
पर
कुछ
नहीं,
लेकिन
कंट्रोल
पूरा

सूत्रों
के
अनुसार,
मोजतबा
खामेनेई
अपनी
संपत्ति
सीधे
अपने
नाम
पर
नहीं
रखते।
लेकिन
2011
से
जुड़े
कई
बड़े
सौदों
में
उनकी
सीधी
भूमिका
रही
है।
उनकी
वित्तीय
ताकत
फारसी
खाड़ी
में
शिपिंग,
स्विस
बैंक
खातों
और
ब्रिटेन
में
100
मिलियन
पाउंड
(करीब
1300
करोड़
भारतीय
रुपए)
से
ज्यादा
की
लक्जरी
संपत्तियों
तक
फैली
हुई
है।

अमेरिकी
प्रतिबंधों
के
बावजूद
चलता
रहा
नेटवर्क

सूत्र
बताते
हैं
कि
2019
में
अमेरिकी
प्रतिबंध
लगने
के
बावजूद
यह
कॉरपोरेट
नेटवर्क
पश्चिमी
बाजारों
में
अरबों
डॉलर
भेजने
में
कामयाब
रहा।
इसमें
लंदन
के
सबसे
महंगे
इलाकों
की
रियल
एस्टेट
भी
शामिल
है,
जहां
2014
में
एक
घर
33.7
मिलियन
यूरो
(370
करोड़
भारतीय
रुपए)
में
खरीदा
गया
था।

दुबई
से
यूरोप
तक
फैली
संपत्तियां

इस
नेटवर्क
में
दुबई
के
“बेवर्ली
हिल्स”
कहे
जाने
वाले
इलाके
का
एक
विला,
फ्रैंकफर्ट
और
स्पेन
के
मयोर्का
तक
फैले
हाई-एंड
यूरोपीय
होटल
भी
शामिल
हैं।

पैसा
कहां
से
आया?

ब्लूमबर्ग
द्वारा
देखे
गए
दस्तावेजों
के
मुताबिक,
इन
सौदों
के
लिए
फंड
यूके,
स्विट्ज़रलैंड,
लिकटेंस्टीन
और
UAE
के
बैंक
खातों
के
ज़रिये
भेजा
गया।
सूत्रों
का
कहना
है
कि
यह
पैसा
मुख्य
रूप
से
ईरानी
तेल
की
बिक्री
से
आया
था।
गौर
करने
वाली
बात
है
कि
किसी
भी
दस्तावेज
में
खामेनेई
का
नाम
सीधे
तौर
पर
नहीं
है।
ज्यादातर
संपत्तियां
ईरानी
बिजनेसमैन
अली
अंसारी
के
नाम
पर
दर्ज
हैं,
जिन
पर
अक्टूबर
में
यूके
ने
प्रतिबंध
लगाए
थे।

दिखावे
का
दावा
और
हकीकत
हसरतों
से
भरी

ईरानी
सरकारी
मीडिया
खामेनेई
परिवार
को
सादा
और
धार्मिक
जीवन
जीने
वाला
बताता
है।
1979
की
इस्लामी
क्रांति
में
इस
परिवार
की
अहम
भूमिका
रही
थी।
लेकिन
विदेशी
संपत्तियों
का
यह
नेटवर्क
इस
छवि
से
मेल
नहीं
खाता।

बढ़ती
गरीबी
के
बीच
छुपी
दौलत

ईरान
में
बढ़ती
गरीबी,
विरोध
प्रदर्शन
और
हजारों
लोगों
की
मौत
के
बीच
मोजतबा
खामेनेई
की
छुपी
हुई
दौलत
पर
सवाल
उठ
रहे
हैं।
इससे
राजशाही
समर्थक
आवाज़ों
को
भी
बल
मिला
है।
ईरान
में
गुस्सा
अक्सर
“आगाज़ादेह”
शब्द
पर
फूटता
है,
जिसका
मतलब
है
सत्ता
में
बैठे
लोगों
के
वो
बच्चे,
जो
राजनीतिक
रिश्तों
की
वजह
से
अकूत
संपत्ति
जमा
करते
हैं।
आसान
भाषा
में
कहें
तो
नेपो
किड्स।

एक
साल
की
ब्लूमबर्ग
जांच

ब्लूमबर्ग
न्यूज़
की
एक
साल
लंबी
जांच
में
इंटरव्यू,
रियल
एस्टेट
रिकॉर्ड
और
गोपनीय
दस्तावेज
शामिल
हैं।
इसमें
होटल
समझौते,
बैंक
ट्रांसफर
और
कॉरपोरेट
स्वामित्व
के
सबूत
मौजूद
हैं।
मोजतबा
खामेनेई
की
बढ़ती
ताकत
ऐसे
समय
में
सामने
आई
है,
जब
ईरान
प्रतिबंधों,
सैन्य
दबाव
और
क्षेत्रीय
संघर्षों
के
चलते
रणनीतिक
रूप
से
कमजोर
स्थिति
में
है।

प्रतिबंधों
के
बावजूद
कैसे
बाहर
गया
पैसा?

पिछले
दो
दशकों
में
ईरान
पर
लगे
सख्त
प्रतिबंधों
के
बावजूद,
ढीले
वित्तीय
नियमों
और
कमजोर
निगरानी
की
वजह
से
यह
नेटवर्क
चलता
रहा।
ट्रम्प
के
2025
में
सत्ता
में
लौटने
के
बाद
दबाव
और
बढ़
गया।
वाशिंगटन
इंस्टीट्यूट
के
फरज़िन
नादिमी
कहते
हैं
कि
मोजतबा
खामेनेई
का
ईरान
और
विदेशों
में
कई
संस्थाओं
पर
वास्तविक
कंट्रोल
है।
उनके
मुताबिक,
अली
अंसारी
इस
नेटवर्क
का
सबसे
अहम
कड़ी
हैं।

अंसारी
का
जवाब

अंसारी
ने
अपने
वकील
के
ज़रिये
कहा
कि
उनका
मोजतबा
खामेनेई
से
कोई
वित्तीय
या
व्यक्तिगत
संबंध
नहीं
है
और
वह
यूके
प्रतिबंधों
को
चुनौती
देंगे।
खामेनेई
परिवार,
ईरान
का
विदेश
मंत्रालय,
UAE,
EU
और
अमेरिकी
ट्रेज़री
विभाग-
सभी
ने
टिप्पणी
करने
से
इनकार
किया।

IRGC
से
जुड़ाव
और
प्रतिबंध

यूके
ने
अंसारी
को
“भ्रष्ट
ईरानी
बैंकर”
बताते
हुए
उन
पर
IRGC
को
वित्तीय
मदद
देने
का
आरोप
लगाया।
IRGC
सीधे
सर्वोच्च
नेता
को
रिपोर्ट
करती
है
और
पहले
से
प्रतिबंधित
है।
वहीं,
इस
नेटवर्क
के
पास
फ्रैंकफर्ट,
मयोर्का,
पेरिस
और
टोरंटो
में
महंगी
संपत्तियां
और
फाइव-स्टार
होटल
हैं।
2020
में
टोरंटो
का
पेंटहाउस
10.5
मिलियन
कनाडाई
डॉलर
में
बेचा
गया।

सिस्टम
के
दुरुपयोग
का
आरोप

फ्रैंकफर्ट
की
डिप्टी
मेयर
नर्गिस
एस्कंदारी-ग्रुनबर्ग
का
कहना
है
कि
ईरानी
शासन
जर्मनी
की
वित्तीय
प्रणाली
का
दुरुपयोग
कर
रहा
है।
साथ
ही,
यूरोपीय
अधिकारी
चेतावनी
दे
रहे
हैं
कि
अगर
EU
ने
भी
प्रतिबंध
लगाए,
तो
इन
संपत्तियों
की
जल्दबाज़ी
में
बिक्री
हो
सकती
है।
सवाल
यह
है
कि
क्या
पश्चिमी
देश
अब
सच
में
सख्त
कार्रवाई
करेंगे?

इस
खबर
पर
आपकी
क्या
राय
है,
हमें
कमेंट
में
बताएं।

  • Ajit Pawar Jet Crash: लैंडिंग के दौरान क्या हुआ, कैसे टूटा संपर्क? उड्डयन मंत्रालय ने 10 प्वाइंट में बताया

    Ajit Pawar Jet Crash: लैंडिंग के दौरान क्या हुआ, कैसे टूटा संपर्क? उड्डयन मंत्रालय ने 10 प्वाइंट में बताया

  • T20 World Cup से पहले भारत आएंगे बांग्लादेशी खिलाड़ी? मिली सरकारी क्लीयरेंस, फैंस हैरान

    T20 World Cup से पहले भारत आएंगे बांग्लादेशी खिलाड़ी? मिली सरकारी क्लीयरेंस, फैंस हैरान

  • Uttarakhand Weather मौसम को लेकर बड़ा अपडेट, फरवरी तक जारी रह सकता है बर्फबारी का दौर जानिए कहां और कब

    Uttarakhand Weather मौसम को लेकर बड़ा अपडेट, फरवरी तक जारी रह सकता है बर्फबारी का दौर जानिए कहां और कब

  • UGC New Rule 2026: यूजीसी का नया नियम क्या है? जनरल कैटेगरी क्यों भड़की? क्या बढ़ेगा भेदभाव? 10 सवाल का जवाब

    UGC New Rule 2026: यूजीसी का नया नियम क्या है? जनरल कैटेगरी क्यों भड़की? क्या बढ़ेगा भेदभाव? 10 सवाल का जवाब

  • Rajasthan News Today: राजस्थान में इंसानियत हुई शर्मसार, महिला की लातों से पिटाई लेकिन लोग बने रहे दर्शक

    Rajasthan News Today: राजस्थान में इंसानियत हुई शर्मसार, महिला की लातों से पिटाई लेकिन लोग बने रहे दर्शक

  • Ajit Pawar Last Post : प्लेन क्रैश से कुछ मिनट पहले क्या लिखा था अजित पवार ने? आखिरी पोस्ट बना चर्चा का विषय

    Ajit Pawar Last Post : प्लेन क्रैश से कुछ मिनट पहले क्या लिखा था अजित पवार ने? आखिरी पोस्ट बना चर्चा का विषय

  • Ajit Pawar Demise: 70,000 करोड़ का वो राज जो साथ ले गए अजित दादा! क्या था सिंचाई घोटाले जिससे जुड़ा उनका नाम

    Ajit Pawar Demise: 70,000 करोड़ का वो राज जो साथ ले गए अजित दादा! क्या था सिंचाई घोटाले जिससे जुड़ा उनका नाम

  • Ajit Pawar plane crash: कौन थीं Pinki Mali? जिनकी प्‍लेन क्रैश के दौरान अजित पवार के साथ हुई मौत

    Ajit Pawar plane crash: कौन थीं Pinki Mali? जिनकी प्‍लेन क्रैश के दौरान अजित पवार के साथ हुई मौत

  • Uttarakhand News मिशन 2027 को लेकर कांग्रेस की प्लानिंग तैयार, हाईकमान से ​मीटिंग के बाद जानिए क्या बनी रणनीति

    Uttarakhand News मिशन 2027 को लेकर कांग्रेस की प्लानिंग तैयार, हाईकमान से ​मीटिंग के बाद जानिए क्या बनी रणनीति

  • Aaj Ka Meen Rashifal: किसी नए रिश्ते की शुरुआत होगी, पढ़ें आज का मीन राशिफल

    Aaj Ka Meen Rashifal: किसी नए रिश्ते की शुरुआत होगी, पढ़ें आज का मीन राशिफल

  • Vishnu Tiwari: जेल की दीवारें खा गई जवानी, मजदूरी करने को मजबूर विष्णु ने क्यों उठाए New UGC Act पर सवाल?

    Vishnu Tiwari: जेल की दीवारें खा गई जवानी, मजदूरी करने को मजबूर विष्णु ने क्यों उठाए New UGC Act पर सवाल?

  • Ajit Pawar Plane Crash: कौन हैं ये Maharaj-ज्योतिषी, पहले ही की थी क्रैश की भविष्यवाणी? आगे भी मौतें?

    Ajit Pawar Plane Crash: कौन हैं ये Maharaj-ज्योतिषी, पहले ही की थी क्रैश की भविष्यवाणी? आगे भी मौतें?

  • UGC Old Rule: सुप्रीम कोर्ट ने UGC का 2012 वाला नियम किया लागू,  यूजीसी नए-पुराने रूल्स का हर अंतर समझिए

    UGC Old Rule: सुप्रीम कोर्ट ने UGC का 2012 वाला नियम किया लागू, यूजीसी नए-पुराने रूल्स का हर अंतर समझिए

  • Ajit Pawar plane crash: कौन थे कैप्टन सुमित और शांभवी पाठक? जो उड़ा रहे थे अजित पवार का बदकिस्मत विमान

    Ajit Pawar plane crash: कौन थे कैप्टन सुमित और शांभवी पाठक? जो उड़ा रहे थे अजित पवार का बदकिस्मत विमान

  • Jaipur Airport News: एविएशन सेक्टर की सुरक्षा पर गंभीर सवाल! एयर इंडिया फ्लाइट की लैंडिंग फेल

    Jaipur Airport News: एविएशन सेक्टर की सुरक्षा पर गंभीर सवाल! एयर इंडिया फ्लाइट की लैंडिंग फेल

What's your reaction?

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts