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Viral: ‘8 महीने से 5 घंटे से ज्यादा नहीं सोया हूं…’ इस Rapido राइडर की वायरल कहानी कलेजा चीर देगी

रैपिडो राइडरImage Credit source: X/@shekhu04

Emotional Story: जिंदगी कई बार ऐसे इम्तिहान लेती है कि सुनकर ही इंसान अंदर तक हिल जाए. दिल्ली-NCR से सामने आई यह कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है. जब हम और आप ऑफिस के थोड़े से काम या नींद पूरी न होने का रोना रोते हैं, वहीं हमारे बीच एक ऐसा शख्स भी है जो पिछले 8 महीनों से सिर्फ 5 घंटे सो रहा है. वजह है एक मजबूर पिता का अपने दिव्यांग बच्चे के इलाज और परिवार को पालने का कभी न टूटने वाला जज्बा. आइए जानते हैं इस रैपिडो राइडर (Rapido Rider) की पूरी कहानी.

दिल को पिघला देने यह कहानी तब सामने आई जब शिखर नाम के एक X (पहले ट्विटर) यूजर को ऑफिस के लिए देर हो रही थी. उन्होंने मेट्रो के बजाय रैपिडो बुक की. राइडर भी तुरंत पहुंच गया और नीचे आने में 5 मिनट की देरी होने पर उसने शिखर को तीन बार फोन किया. जब शिखर बाइक पर बैठे, तो उन्होंने मजाक में पूछा कि अरे भाई इतनी हड़बड़ी किस बात की. राइडर का जवाब चौंकाने वाला था, भैया…मुझे भी ऑफिस के लिए लेट हो रहा है.

20,000 रुपए की सैलरी, 10 हजार की दवाई

शिखर को पहले लगा कि राइडर उनके मजे ले रहा है, लेकिन बातचीत बढ़ी तो एक कड़वा सच सामने आया. राइडर ने बताया कि वह एक प्राइवेट कंपनी में 20 हजार महीने की नौकरी करता है. घर में पत्नी और तीन बच्चे हैं. उनका एक बच्चा जन्मजात दिव्यांग है, जिसके इलाज और दवाइयों में हर महीने 10,000 रुपए यानी सैलरी का आधा हिस्सा खर्च हो जाता है. इसी खर्च को पूरा करने के लिए इस पिता ने अपनी नींद और आराम को ताक पर रखकर रैपिडो चलाना शुरू किया.

रोंगटे खड़े कर देने वाला डेली रूटीन

इस राइडर का 24 घंटे का शेड्यूल किसी को भी सोचने पर मजबूर कर देगा. सुबह 6 बजे से 9 बजे तक वह बाइक लेकर निकलता है और रैपिडो चलाता है. इसके बाद 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक अपनी प्राइवेट नौकरी पर पहुंचता है और पूरा दिन काम करता है. ऑफिस के बाद से रात 11 बजे तक वह फिर सड़कों पर उतर जाता है और देर रात तक लोगों को उनकी मंजिल तक पहुंचाता है. यह भी पढ़ें: Viral: ‘मैं स्कूल का बच्चा नहीं हूं…’ बीमार Gen Z कर्मचारी ने Boss को दिया ऐसा जवाब, इंटरनेट पर मचा गदर!

सोशल मीडिया पर लोग हुए भावुक

जब शिखर ने पूछा कि इतनी भागदौड़ में वह सोता कब है, तो उसने मुस्कुराकर कहा, पिछले 8 महीनों से 5 घंटे से ज्यादा नहीं सोया हूं. अब भगवान की यही मर्जी है, तो यही सही. शिखर ने अपनी पोस्ट में लिखा कि सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि इतने संघर्ष के बाद भी उस राइडर के चेहरे पर कोई शिकायत या शिकन नहीं थी. वह मुस्कुराते हुए अपनी जिंदगी की जंग लड़ रहा था. यह पोस्ट देखते ही देखते वायरल हो गई. लोग इस राइडर के जज्बे को सलाम कर रहे हैं. किसी ने उसे असली हीरो बताया, तो किसी ने लिखा कि परिवार के लिए किया गया यह संघर्ष किसी इबादत से कम नहीं है. यह भी पढ़ें: Viral: 15 रुपए का ऑर्डर, 500 की टिप…महिला की दरियादिली देख रो पड़ा Blinkit डिलीवरी बॉय! देखें वीडियो

अभिषेक राय

अभिषेक राय

अभिषेक राय (Abhishek Roy) अभी TV9 भारतवर्ष के डिजिटल विंग में असिस्टेंट न्यूज एडिटर (Assistant News Editor) हैं. पत्रकारिता में उन्हें 14 साल से ज्यादा का अनुभव है और इस फील्ड में उनकी अपनी एक अलग पहचान है. अपने करियर में उन्होंने कई बड़े मीडिया संस्थानों में काम किया है.

शुरुआत में वे भोपाल के ‘पीपुल्स समाचार’ अखबार (Peoples Samachar) से जुड़े. यहां उन्होंने प्रिंट मीडिया का काम सीखा. इसके बाद वे दैनिक भास्कर (Dainik Bhaskar) ग्रुप में लंबे समय तक रहे. खास बात ये कि उन्होंने भास्कर के अखबार और वेबसाइट, दोनों जगह काम किया. इससे उन्हें पुरानी और नई, दोनों तरह की पत्रकारिता का अनुभव मिला. अभिषेक ने अहमदाबाद के ‘जानो दुनिया’ (Jano Duniya) न्यूज चैनल में भी काम किया. यहां उन्होंने टीवी मीडिया में अपनी काबिलियत दिखाई.

अभिषेक को राजनीति और विदेशी मामलों की अच्छी समझ है. वे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक घटनाक्रमों और वैश्विक कूटनीति को बहुत ही बारीकी से समझते हैं. हालांकि, वर्तमान में डिजिटल मीडिया की बदलती मांग को देखते हुए वे अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं. इन दिनों वे ट्रेंडिंग खबरों, वायरल टॉपिक्स और हटके कंटेंट पर काम कर रहे हैं.

अभिषेक के लिए पत्रकारिता महज एक पेशा या सिर्फ पाठकों तक सूचनाएं या खबरें पहुंचाना नहीं है. उनका विजन और उद्देश्य इससे कहीं अधिक व्यापक है. वे मानते हैं कि एक पत्रकार के रूप में उनकी जिम्मेदारी है कि पाठकों को हर बार कुछ नया और अनूठा पढ़ने को मिले. कंटेंट ऐसा हो जो पाठकों की सोच के दायरे को विस्तृत करे और उन्हें एक नया नजरिया दे.

अभिषेक को पत्रकारिता के साथ-साथ ट्रैवलिंग का भी शौक है. भागदौड़ भरी जिंदगी से जब भी फुर्सत मिलती है, वे पहाड़ों की तरफ निकल जाते हैं और सुकून के पल बिताते हैं.

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