Viral Video: पहली बारिश की सौंधी खुशबू का राज जानिए, क्यों आनंद महिंद्रा ने इसे कहा दिल का चोर

पहली बारिश की खूशबू को क्या कहते हैं Image Credit source: Social Media

क्या आपने कभी सोचा है कि गर्मी के लंबे और थका देने वाले दिनों के बाद जब पहली बारिश की बूंदें सूखी धरती पर गिरती हैं, तो जो मनमोहक खुशबू वातावरण में फैल जाती है, उसका भी कोई नाम होता है? यह सुगंध, जो अनगिनत यादों और भावनाओं फिर से जगा देती है, उसे क्या कहते हैं? अगर नहीं तो इस शब्द को लेकर महिंद्रा समूह के चेयरमैन और प्रसिद्ध उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसके बारे में एक पोस्ट शेयर की है.

आनंद महिंद्रा ने अपनी पोस्ट में बताया कि उन्हें हाल ही में पता चला कि बारिश के बाद मिट्टी से उठने वाली इस खास खुशबू को पेट्रिकोर कहा जाता है. इस शब्द ने उनकी जिज्ञासा बढ़ाई और उन्होंने इसके इतिहास तथा अर्थ को जानने की कोशिश की. खोजबीन के दौरान उन्हें पता चला कि ‘पेट्रिकोर’ शब्द दो प्राचीन ग्रीक शब्दों से मिलकर बना है.

क्या है आखिर इस शब्द का मतलब?

पहला शब्द है ‘पेट्रा’, जिसका अर्थ पत्थर या चट्टान होता है. दूसरा शब्द है ‘इकोर’, जिसे ग्रीक पौराणिक कथाओं में देवताओं की नसों में बहने वाले दिव्य द्रव के रूप में देखा जाता है. मान्यता के अनुसार देवताओं के शरीर में रक्त नहीं बल्कि इकोर बहता था. इन दोनों शब्दों को मिलाकर बना ‘पेट्रिकोर’ एक ऐसा शब्द है जो बारिश के बाद धरती से उठने वाली सुगंध का Represent करता है. महिंद्रा ने अपने बात रखते हुए कहा कि इस शब्द का अर्थ मोटे तौर पर ‘पत्थरों का खून’ समझा जा सकता है. हालांकि उन्होंने ये भी माना कि इतनी काव्यात्मक व्याख्या भी उस भावना को पूरी तरह समझा नहीं पाएगी, जो भारत में पहली बारिश के साथ जुड़ी होती है.

यह भी पढ़ें: पेट्रोल पंप पर महिला कर्मचारी की चालाकी कैमरे में कैद, एक मिनट से कम समय में ठग लिए ग्राहक के 200 रुपये!

भारत में मानसून केवल मौसम का बदलाव नहीं है, बल्कि यह एक भावनात्मक अनुभव है. भीषण गर्मी से परेशान लोग बारिश की पहली फुहार का बेसब्री से इंतजार करते हैं. जब आसमान से पहली बूंदें गिरती हैं और मिट्टी की सौंधी महक हवा में घुलती है, तो मानो पूरा वातावरण जिंदा हो उठता है. इसी भाव को व्यक्त करते हुए आनंद महिंद्रा ने मज़ाकिया लेकिन दिल को छू लेने वाला सुझाव दिया कि इस खुशबू को पेट्रिकोर की जगह दिल का चोर कहना अधिक उपयुक्त होगा, क्योंकि यह सुगंध सचमुच लोगों का दिल चुरा लेती है. उनकी यह बात सोशल मीडिया पर लोगों को काफी पसंद आई और देखते ही देखते पोस्ट पर रिएक्शन की बाढ़ आ गई.

यहां देखिए वीडियो

आयुष कुमार

आयुष कुमार, टीवी9 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं. अशोक और चाणक्य की धरती बिहार से हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की तालीम हासिल की है. पत्रकारिता में तीन साल से तिल को बिना ताड़ बनाए किसी भी सोशल मुद्दे को 360 डिग्री समझाने की कोशिश करते हैं.

अमर उजाला, फिरकी डॉट इन से अपने पत्रकारीय सफर की शुरुआत की है. पाठकों तक सरल शब्दों में खबरें पहुंचाना उद्देश्य रहा है. लेखन की इस दुनिया में दिलचस्पी इसलिए बढ़ गई, क्योंकि बचपन से ही काफी ज्यादा बातूनी रहे हैं. फिलहाल, टीवी9 में फीचर राइटिंग करते हुए सोशल मीडिया की नब्ज पकड़ने में माहिर हो गए है. अजीबोगरीब खबरों को गजब तरीके से लिखकर आप सबके सामने पेश करते हैं.Read More



Exit mobile version