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Viral Video: शराबी ने प्रेमानंद महाराज को दिया ऐसा ‘ज्ञान’, सुनकर संत भी प्रणाम करने पर हुए मजबूर

प्रेमानंद महाराज ने शराबी को किया प्रणाम Image Credit source: Instagram

वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज इन दिनों अपनी तबीयत को लेकर चर्चा में हैं. कुछ समय से वह अपनी नियमित रात्रि पदयात्रा पर नहीं जा रहे हैं, जिससे उनके भक्त चिंतित हैं. हालांकि अब उनकी तबीयत में काफी सुधार बताया जा रहा है. इसके बावजूद हर शाम भक्त बड़ी संख्या में आश्रम पहुंचते हैं, सिर्फ एक झलक पाने के लिए. प्रेमानंद जी के प्रति लोगों की आस्था इतनी गहरी है कि देश ही नहीं, विदेशों से भी श्रद्धालु उन्हें देखने आते हैं. सोशल मीडिया पर भी उनके प्रवचन और वीडियो खूब देखे जा रहे हैं.

प्रेमानंद जी महाराज अपने सत्संगों में सरल भाषा में गूढ़ आध्यात्मिक बातें समझाने के लिए जाने जाते हैं. वे न केवल भक्ति का मार्ग दिखाते हैं बल्कि जीवन जीने की कला भी सिखाते हैं. उनके प्रवचन के बाद भक्त अक्सर अपनी समस्याएं लेकर प्रश्न पूछते हैं, जिनका उत्तर महाराज बड़ी सहजता और करुणा से देते हैं. हाल ही में उनके एकांतिक वार्तालाप का एक वीडियो सामने आया, जिसने सभी को हैरान कर दिया. इसमें उन्होंने अपने जीवन का एक पुराना प्रसंग सुनाया-जब उन्होंने एक शराबी को प्रणाम किया था.

क्या हुआ था उस दिन?

महाराज ने बताया कि यह बात तब की है जब वे लगभग 22 से 24 वर्ष के थे. एक दिन वे गंगा तट पर बैठे हुए मंत्र जप कर रहे थे और गंगा की लहरों की शांति का आनंद ले रहे थे. तभी अचानक एक व्यक्ति वहाँ आ गया, जो पूरी तरह शराब के नशे में था. उसके पास आने से पहले ही उसकी गंध से साफ था कि उसने शराब पी रखी है. वह व्यक्ति बोला अरे, खड़ा हो! महाराज ने सोचा देखते हैं क्या चाहता है. वे बिना कुछ कहे खड़े हो गए और हाथ जोड़ लिए.

वह शराबी बोला कि चलो मेरे साथ महाराज ने सोचा कि देखते हैं कहां ले जाता है. वह उन्हें पास के बैकुंठ धाम की ओर ले गया, जो ब्रह्माव्रत बिठूर के पास स्थित है. वहां भगवान की संगमरमर की मूर्ति स्थापित थी. शराबी ने मूर्ति की ओर इशारा करते हुए पूछा कि ये कौन हैं. महाराज ने कहा कि भगवान…उस व्यक्ति ने फिर पूछा कि भगवान किसके बने हैं? महाराज ने उत्तर दिया कि संगमरमर के उसने अगला प्रश्न किया और जिस पर तुम खड़े हो वो क्या है? महाराज ने कहा कि वो भी संगमरमर ही है.

इंस्टा पर किया शेयर

इस पर शराबी ने गहरी बात कही कि तो समझ लो एक संगमरमर का पत्थर पैरों तले रौंदा जा रहा है, और दूसरा भगवान बनकर पूजा जा रहा है. फर्क बस इतना है कि जिसे काटा गया, तराशा गया, लेकिन वो टूटा नहीं. जो पत्थर कठिन परिश्रम और चोटें झेलकर भी नहीं टूटा, वही आज भगवान बन गया.

यहां देखिए वीडियो

महाराज कहते हैं कि उस पल मुझे लगा कि यह कोई साधारण शराबी नहीं, बल्कि भगवान स्वयं किसी रूप में आकर मुझे शिक्षा दे रहे हैं. उन्होंने उस व्यक्ति को साष्टांग प्रणाम किया, जैसे किसी संत को करते हैं. महाराज ने बताया कि उस दिन उन्हें एक बड़ी सीख मिली. यदि कोई व्यक्ति सही बात कहता है, तो उसके शब्दों को ग्रहण करने में संकोच नहीं करना चाहिए, चाहे वह कोई भी हो. इस वीडियो को इंस्टा पर bhajanmarg_official नाम के अकाउंट द्वारा शेयर किया गया है. जिसे खबर लिखे जाने तक हजारों लोग देख चुके हैं.



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