उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी मर्डर केस की जांच सीबीआई ने अपने हाथ में ले ली है। साथ ही, इस मामले में दिल्ली स्थित स्पेशल क्राइम ब्रांच ने एक वीआईपी के खिलाफ केस दर्ज किया है। सीबीआई की टीम के दो सदस्य सोमवार देर रात उत्तराखंड पहुंचे ताकि लड़की की हत्या से जुड़े कथित वीआईपी एंगल की डिटेल में जांच कर सकें।
Following the recommendation of the Uttarakhand government, the Central Bureau of Investigation (CBI), Delhi Special Crime Branch (Branch-2), has registered a case in Delhi in connection with the murder of Ankita Bhandari.
Ankita Bhandari, who was working as a receptionist at…— ANI (@ANI) February 3, 2026
यह केस उस वक्त फिर से सुर्खियों में आया जब बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उनकी कथित पत्नी उर्मिला सनावर से जुड़े वायरल ऑडियो क्लिप और वीडियो सामने आए। एक फेसबुक लाइव के दौरान, सनावर ने हत्या में एक वीआईपी के कथित तौर पर शामिल होने का जिक्र किया, जिससे नया विवाद और पब्लिक में बहस शुरू हो गई। इन घटनाओं से राजनीतिक तनाव बढ़ गया और कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी पार्टियों और कई संगठनों ने मामले की सीबीआई जांच की मांग फिर से शुरू कर दी।
विपक्ष के बढ़ते दबाव और लोगों में बढ़ते गुस्से से दबाव में आई उत्तराखंड की बीजेपी सरकार के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 9 जनवरी को इस मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश की। सीबीआई जांच की घोषणा करते हुए सरकार ने दोहराया कि किसी भी व्यक्ति को, चाहे वह किसी भी रसूख या पद पर हो, कानून से बचने नहीं दिया जाएगा और ज़ोर दिया कि पूरा सच सामने लाना उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
बता दें कि 19 साल की रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या से 2022 में पूरे उत्तराखंड में बहुत गुस्सा फैल गया। अंकिता भंडारी 18 सितंबर, 2022 को वनतंत्र रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम कर रही थीं, जब उनकी हत्या कर दी गई। उनकी बॉडी चिल्ला शक्ति नहर में फेंक दी गई और लगभग एक हफ्ते बाद मिली थी। यह रिजॉर्ट एक बीजेपी नेता के बेटे का था।
स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम द्वारा पूरी जांच के बाद, मामले में 500 पेज की चार्जशीट फाइल की गई, जिसमें 97 गवाहों के नाम थे, जिनमें से 47 ने कोर्ट के सामने गवाही दी। इस मामले में अदालत ने मुख्य आरोपी वनतंत्रा रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्या, साथ ही सह-आरोपी सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी ठहराया और उम्रकैद की सजा सुनाई। पुलकित आर्या को हत्या, सबूतों से छेड़छाड़, उत्पीड़न और अनैतिक तस्करी सहित कई गंभीर आरोपों के तहत दोषी पाया गया।
