पंडाल से सामने आया दिल छू लेने वाला वीडियो Image Credit source: @prochistories/Instagram
कोलकाता की दुर्गा पूजा अपने भव्य पंडालों, खूबसूरत मूर्तियों और शानदार सजावट के लिए जानी जाती है. लेकिन इस बार एक पंडाल में लोगों का ध्यान किसी बड़ी सजावट या खास आयोजन ने नहीं, बल्कि एक छोटी-सी नेमप्लेट ने खींचा. इस पर लिखे कुछ शब्दों ने लोगों के दिल को छू लिया और सोशल मीडिया पर एक प्यारी-सी चर्चा शुरू हो गई.
यह मामला कोलकाता के हटखोला इलाके का है, जहां दुर्गा पूजा के दौरान एक शख्स पंडाल घूमने पहुंचा था. इसी दौरान उसकी नजर मां दुर्गा की खूबसूरत प्रतिमा के नीचे लगे एक छोटे से साइनबोर्ड पर पड़ी. उस पर मूर्ति बनाने वाले कलाकार का नाम लिखा था, लेकिन जिस अंदाज में नाम लिखा गया था, वह आम तौर पर देखने को नहीं मिलता.
साइनबोर्ड पर लिखा था, स्वपन पॉल एंड डॉटर (Swapan Paul and Daughter)
आमतौर पर कारोबार या किसी पारिवारिक काम के नाम के साथ एंड सन्स यानी और बेटे लिखा हुआ दिखाई देता है. कई बार इससे परिवार के बेटों की भागीदारी और उनके योगदान का पता चलता है. लेकिन यहां कहानी कुछ अलग थी. कलाकार स्वपन पॉल ने अपने नाम के साथ बेटे की जगह बेटी का नाम जोड़कर यह साफ कर दिया कि उनके काम में उनकी बेटी भी अहम जगह रखती है.
यह छोटी-सी बात देखने में भले ही साधारण लगे, लेकिन इसके पीछे छिपा भाव काफी खास है. एक पिता ने अपनी बेटी को अपने काम से जोड़कर उसे वह पहचान दी, जो अक्सर ऐसे मौकों पर बेटों के नाम को मिलती है. इसमें न किसी बड़े भाषण की जरूरत थी और न ही किसी खास ऐलान की. बस एक छोटी-सी नेमप्लेट ने अपनी बात कह दी.
इस खूबसूरत पल का वीडियो इंस्टाग्राम यूजर प्रोची स्टोरीज (Prochi Stories) ने शेयर किया. वीडियो में मां दुर्गा की प्रतिमा के नीचे लगे साइनबोर्ड को करीब से दिखाया गया है. इसके साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वपन पॉल और उनकी बेटी को ढूंढने में मदद करें, ताकि इस पिता-बेटी की कहानी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच सके. वीडियो के कैप्शन में उन्होंने बताया कि यह छोटा-सा कदम उन्हें काफी भावुक कर गया. उनके लिए यह सिर्फ एक नाम लिखने का तरीका नहीं था, बल्कि प्यार, गर्व और बराबरी का संदेश था.
यह भी पढ़ें: राहुकाल देखते हैं, मौसम का अपडेट नहीं! कोडाइकनाल में बाढ़ के बाद यूजर्स ने सैलानियों की लगाई क्लास?
सोशल मीडिया पर भी लोगों ने इस पहल की तारीफ की. एक यूजर ने कहा कि इस पोस्ट का मकसद पिता और बेटी के खास रिश्ते का जश्न मनाना है. वहीं, एक अन्य व्यक्ति ने पूर्वी भारत में देखने को मिलने वाले ऐसे समावेशी विचारों की सराहना की. इस इलाके में रहने वाले एक यूजर ने भी खुशी जताई कि उनके आसपास के दुर्गा पूजा आयोजन में एक कलाकार ने अपनी बेटी को इस तरह पहचान दी.
यहां देखिए वीडियो
