विंटर आर्क ट्रेंडImage Credit source: Pexels
अक्टूबर शुरू होते ही सोशल मीडिया पर एक नया शब्द फिर दिखाई देने लगता है विंटर आर्क. नाम सुनकर लगता है जैसे सर्दियों से जुड़ा कोई नया चैलेंज हो. लेकिन इसका मतलब है साल के आखिरी तीन महीनों को अपने ट्रांसफॉरमेशन के लिए इस्तेमाल करना, ताकि 1 जनवरी तक नए साल के रिजॉल्यूशन की शुरुआत जीरो से न करनी पड़े.यानी जब बाकी लोग कहें- इस साल कुछ बदलना है, और विंटर आर्क चैलेंज वाले कहें चेंज हैज आलरेडी बिगेन.
विंटर आर्क है क्या?
विंटर आर्क सोशल मीडिया से पॉपुलर सेल्फ-इम्प्रूवमेंट और लाइफस्टाइल ट्रेंड है. कोई सेट पैटर्न या डिसाइडेट फॉर्मूला नहीं है. बस लोग अक्टूबर से जनवरी के 90 दिनों के लिए कुछ पर्सनल गोल्स तय करते हैं.
किसी का गोल रोज पढ़ना, किसी का कुछ लिखना, किसी का फिटनेस और किसी का माइंडलेस स्क्रॉलिंग बंद करना भी हो सकता है. कोई स्क्रीन टाइम कम करना चाहता है, कोई स्लीपिंग रूटीन ठीक करना चाहता है, कोई वॉक के लिए स्ट्रगल कर रहा है तो कोई पसंद की दूसरी एक्टिविटी शुरू करता है. मेन बात ये है कि न्यू ईयर रिजॉल्यूशन का इंतजार क्यों किया जाए जब बदलाव आज से पॉसिबल है?
‘आर्क’ नाम क्यों?
आर्क शब्द फिल्मों, वेब सीरीज और कॉमिक्स में यूज कैरेक्टर आर्क से आया है. मतलब कहानी का वो हिस्सा जब कैरेक्टर धीरे-धीरे बदलता है. विंटर आर्क का भी आइडिया है कि अक्टूबर से दिसंबर तक आपकी कहानी बदले और जनवरी तक आप अपनी कुछ आदतों में बदलाव देख सकें.
किसके बीच हुआ फेमस?
यह ट्रेंड खासतौर पर युवा सोशल मीडिया यूजर्स और फिटनेस, वेलनेस और सेल्फ-इम्प्रूवमेंट कंटेंट देखने वालों के बीच लोकप्रिय हुआ. इसकी चर्चा 2024 में भी तेजी से बढ़ी. ट्रेंड को फेमस बनाने वालों में टिकटॉक क्रिएटर कार्ली बर्गेस का नाम खास है. उनके विंटर आर्क वीडियो को कुछ ही हफ्तों में 45 लाख से ज्यादा व्यूज मिले थे.
90 दिन ही क्यों?
विंटर आर्क को 90 दिन यानि तीन महीने का बताया गया है. फिटनेस एक्सपर्ट कोम्पल कपूर गौर कहती हैं अच्छी पैकेजिंग से सेल बढ़ जाती है आजकल आईबॉल्स चाहिए इसलिए विंटर आर्क नाम अच्छा है. इस चैलेंज में कुछ भी गलत नहीं है. छोटी-छोटी चीजें हैं लेकिन फिटनेस एक लाइफ टाइम जर्नी हैं. तीन महीने वो होते हैं जब आपको बेसिक चेंज महसूस होते हैं. 6 महीने में दिखते हैं, लेकिन कम से कम 9 महीनें लगते हैं बदलाव में.
कोम्पल गौढ़ तीन का फंडा बहुत डीटेल में समझाती हैं. तीन महीने इसलिए, क्योंकि तीन महीने फोकस और टाइम लाइन को छोटा करता है. तीन महीने बाद पहला पड़ाव पार होता है तो फील गुड होता है ये फैक्टर एडिक्टिव होता है. पहले स्टेप के लिए ये बहुत अच्छा है. कोम्पल कहती हैं वो तो लोगों को तीन हफ्ते का लक्ष्य देकर शुरूआत करती हैं.
क्या है तीन का फंडा?
फिटनेस एक्सपर्ट कोम्पल कहती हैं, बॉडी के किसी भी मूवमेंट के लिए तीन सेंकेंड जरूरी है. तीन मिनट में एक्सरसाइज का एक-एक सेट पूरा होता है. हफ्ते के तीन घंटे वेट ट्रेनिंग करले तो मसल अच्छी हो जाती है. मसल एक्सरसाइज करते हैं तो मसल रिपेयर मसल सोरनेस ठीक होने में 72 घंटे यानि तीन दिन लगते हैं. किसी भी आदत को बनाने में तीन हफ्ते यानि 21 दिन ही लगते हैं और तीन महीने का विंटर आर्क चैलेंज इसीलिए फोकस बनाने के लिए बहुत अच्छा है.
क्यों पापुलर है ट्रेंड?
ये साइकोलॉजिकल गेम है, डेडलाइन तय है. साल खत्म होने में करीब तीन महीने हैं. सोशल मीडिया पर दूसरे लोग अपनी प्रोग्रेस शेयर कर रहे हैं, और सबसे बड़ा फायदा जनवरी की भीड़ से पहले शुरुआत. न्यू ईयर रिजॉल्यूशन अक्सर ‘अगले साल से’ शुरू होता है. विंटर आर्क उसी सोच को उलट देता है. अगले साल नहीं अभी.
फिटनेस के लिए कितना सही?
विंटर आर्क ट्रेंड फेमस है, क्योंकि यंग जेनरेशन में रूटीन, सेल्फ-इम्प्रूवमेंट और टाइम मैनेजमेंट कंटेंट की डिमांड बढ़ी है. लेकिन किसी वायरल चैलेंज की सक्सेस कंटेंट वायरल होने या व्यूज से तय नहीं होती. रियल टेस्ट कैमरा बंद होने और पोस्ट किए जाने के बाद का है, क्योंकि जनवरी में नया इंसान बनने का दावा करना आसान है. अक्टूबर से छोटी-सी आदत शुरू करके दिसंबर तक उसे निभाना रियल विंटर आर्क चैलेंज है.
