दिल्ली के तिगड़ी इलाके से एक अविवाहित गर्भवती युवती की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके पिता और जीजा को गिरफ्तार किया है। पुलिस को जांच में पता चला है कि आरोपी पिता को सामाजिक बदनामी का डर था क्योंकि उसकी बेटी शादी से पहले ही गर्भवती थी।
दक्षिणी दिल्ली के तिगड़ी थाना क्षेत्र में ऑनर किलिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पांच महीने की गर्भवती 18 वर्षीय अविवाहित बेटी की हत्या के लिए उसके पिता ने अपने ही दामाद के साथ मिलकर एक खौफनाक साजिश रची।
आरोपियों ने युवती को उत्तर प्रदेश के आगरा में बसोनी के पास चंबल नदी किनारे ले जाकर उससे आत्महत्या का नाटक कराया, फोटो-वीडियो बनाए और फिर जबरन नदी में डुबोकर उसकी हत्या कर दी। दिल्ली लौटकर पिता ने पड़ोसियों को वही फोटो दिखाकर बेटी के आत्महत्या करने की झूठी कहानी सुनाई। शक होने पर पड़ोसी की सूचना पर पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी पिता व बड़े दामाद को दबोच लिया।
गर्भावस्था बनी वजह
तिगड़ी निवासी टेंट व्यवसायी आरोपी की 18 वर्षीय बेटी का इलाके के ही एक 17 वर्षीय किशोर से प्रेम संबंध था। करीब एक महीने पहले पिता को पता चला कि बेटी पांच महीने की गर्भवती है। उसने बेटी पर अबॉर्शन कराने का दबाव बनाया, लेकिन बेटी अबॉर्शन के लिए तैयार नहीं हुई। इसके बाद बदनामी के डर से उसने बेटी की हत्या करने की साजिश रची।
मगरमच्छों के भरोसे सबूत मिटाने की साजिश
आरोपी ने हत्या के लिए चंबल नदी को इसलिए चुना ताकि मगरमच्छ उसके शव को खा जाएं और पोस्टमॉर्टम की नौबत ही न आए। 29 जुलाई को दोनों आरोपी तय योजना के अनुसार युवती को धोखे से अपने साथ चंबल नदी पर ले गए। वहां फर्जी सबूत बनाने के लिए डूबने का नाटक कर वीडियो बनाए।
पड़ोसी के शक ने खोला राज
31 जुलाई को दिल्ली वापस लौटकर आरोपी ने पड़ोसियों को फोटो दिखाते हुए बेटी के कूदकर जान देने की बात कही। एक पड़ोसी को उसकी कहानी पर शक हुआ और उसने पुलिस को इसकी सूचना दे दी। पूछताछ में आरोपी के बयानों के विरोधाभास और तकनीकी जांच के सामने आरोपी टूट गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गोताखोरों की मदद से चंबल नदी में युवती के शव की तलाश जारी है।
काउंसलिंग से खुला यौन शोषण का राज
वहीं दिल्ली की बुराड़ी थाना पुलिस ने चार साल की बच्ची के कथित यौन शोषण के मामले में पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले का खुलासा लेडी हार्डिंग अस्पताल में मनोचिकित्सक की दो चरणों की काउंसलिंग के बाद हुआ। इलाज के बाद भी सुधार नहीं होने पर दूसरे डॉक्टर ने यौन उत्पीड़न की आशंका जताते हुए अस्पताल भेजा था।
