40 कोबरा सांपों का रेस्क्यू.
Nagpur Cobra Snake Rescue: नागपुर जिले के रामटेक के पास नेरला गांव में उस समय भारी सनसनी फैल गई, जब गांव के रहने वाले राजू धोमाने के घर में एक के बाद एक कुल 40 कोबरा सांप के बच्चे रेंगते हुए दिखाई दिए. एक ही छत के नीचे इतने सारे जहरीले नागों की मौजूदगी की खबर जंगल में आग की तरह पूरे गांव में फैल गई, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया.
घर में कोबरा के बच्चों का झुंड देखकर राजू धोमाने के परिवार ने बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत इसकी सूचना स्थानीय सर्प मित्रों और वन विभाग (Forest Department) को दी. जानकारी मिलते ही चाचेर इलाके की ‘वाइल्ड चैलेंजर’ संस्था के प्रमुख सर्प प्रेमी रतन कुंभारे अपने साथी दोस्तों के साथ तुरंत राजू धोमाने के घर पहुंचे.
घर के अलग-अलग कोनों में छिपे 40 कोबरा के बच्चों को पकड़ना बेहद जोखिम भरा काम था. लेकिन रतन कुंभारे और उनकी टीम ने अपनी कुशलता का परिचय देते हुए, बिना किसी सांप को नुकसान पहुंचाए, बेहद सावधानी से सभी 40 बच्चों को एक-एक कर सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया.
फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की मौजूदगी में पंचनामा, प्राकृतिक आवास में छोड़े गए नाग
सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन (वन्यजीव संरक्षण) के नियमों का पूरी तरह पालन किया गया. सर्प प्रेमी रतन कुंभारे ने तुरंत रामटेक फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के अधिकारियों को इसकी आधिकारिक सूचना दी. वन विभाग के दफ्तर में एसीएफ (ACF) गोविंद कुमार लुचे और रेंज ऑफिसर राहुल शिंदे की मौजूदगी में बकायदा इस पूरे रेस्क्यू का पंचनामा तैयार किया गया.
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कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद सभी 40 कोबरा के बच्चों को इंसानी आबादी से दूर उनके प्राकृतिक आवास (जंगल) में सुरक्षित और खुशी-खुशी छोड़ दिया गया. इस बेहद खतरनाक और सूझबूझ से भरे ऑपरेशन के सफल होने के बाद राजू धोमाने के परिवार और वन विभाग ने सर्प प्रेमी रतन कुंभारे और उनकी टीम का आभार जताया है, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर एक बड़े खतरे को टाल दिया.
