दुल्हन बनी मगरमच्छ, दूल्हा बना शहर का मेयर; वजह जानकर सिर पकड़ लेंगे आप!

जब शादी की कसमें खाने मंडप में पहुंची मादा मगरमच्छ!Image Credit source: Instagram/@ghantaa

सोचिए, एक शानदार शादी का माहौल हो, चारों तरफ संगीत गूंज रहा हो, मेहमान झूम रहे हों और दूल्हा बने शहर के मेयर साहब सफेद गाउन पहने अपनी दुल्हनियां का इंतजार कर रहे हों. लेकिन जैसे ही दुल्हन की एंट्री होती है, तो वह कोई महिला नहीं, बल्कि एक असली मगरमच्छ निकलती है. सुनने में आपको भले ही अजीब लगे, लेकिन यह सोलह आने सच है. मेक्सिको (Mexico) के ओक्साका (Oaxaca) राज्य के एक छोटे से कस्बे सैन पेड्रो हुआमेलुला में हर साल ऐसी ही एक अनोखी शादी धूमधाम से कराई जाती है, जिसका वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.

आखिर मगरमच्छ से शादी क्यों करते हैं मेयर?

यह अजीबोगरीब शादी कोई पब्लिसिटी स्टंट या अंधविश्वास नहीं है, बल्कि 230 साल से भी ज्यादा पुरानी एक बेहद पवित्र आदिवासी परंपरा है. इस साल कस्बे के मेयर डैनियल गुटिरेज ने एना सिंटिया रामिरेज अहुमाडा नाम की एक मगरमच्छ से पूरे रीति-रिवाज के साथ शादी रचाई.स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस शादी का उद्देश्य अपनी धरती माता और प्रकृति के प्रति सम्मान जताना है. यहां के लोग मानते हैं कि इस प्रतीकात्मक शादी को करने से प्रकृति खुश होती है, जिससे इलाके में अच्छी बारिश होती है, फसलें लहलहाती हैं और मछुआरों को समुद्र से भरपूर मछलियां मिलती हैं. आसान शब्दों में कहें, तो यह परंपरा इंसानों और प्रकृति के बीच तालमेल बिठाकर सुख-समृद्धि पाने का एक अनोखा जरिया है.

इस रस्म के पीछे है एक लोककथा

इस रस्म के पीछे एक बहुत पुरानी आदिवासी लोककथा भी है. कहा जाता है कि सदियों पहले चोंटल और हुआवे नाम के दो स्वदेशी समुदायों के बीच भयंकर दुश्मनी थी. तब चोंटल राजा और हुआवे राजकुमारी की शादी ने इस लड़ाई को हमेशा के लिए खत्म कर दिया और दोनों कबीलों में शांति स्थापित की. आज के समय में शहर का मेयर चोंटल राजा का प्रतिनिधित्व करता है, और उस मादा मगरमच्छ को हुआवे राजकुमारी माना जाता है. इसलिए यह शादी दो संस्कृतियों की एकता और शांति का भी प्रतीक है.

आम दुल्हनों की तरह सजती है मगरमच्छ

शादी के दिन इस मगरमच्छ दुल्हन के साथ बिल्कुल किसी राजकुमारी जैसा व्यवहार किया जाता है. उसे सुंदर सफेद वेडिंग गाउन पहनाया जाता है और रंग-बिरंगे फूलों व रिबन से सजाया जाता है. बाकायदा बैंड-बाजे के साथ उसे पूरे शहर में घुमाया जाता है, जहां लोग उसे अपनी गोद में लेकर नाचते हैं. जुलूस के दौरान किसी को चोट न पहुंचे और जानवर भी सुरक्षित रहे, इसलिए मगरमच्छ के जबड़े को एक रस्सी से धीरे से बांध दिया जाता है.

ये है इस अनोखी शादी का सबसे खास पल

शादी की रस्मों के बाद सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाला पल तब आता है, जब मेयर साहब अपनी इस अनोखी दुल्हन को चूमते हैं. सोशल मीडिया पर इसी पल की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं. स्थानीय लोगों के लिए यह चुंबन केवल एक रस्म नहीं, बल्कि प्रकृति की रक्षा करने और उसे सहेजने का एक वादा है. यह भी पढ़ें: रोबोट ‘भैया’ को आया गुस्सा! अचानक स्टाफ को लगा कुंगफू स्टाइल में मारने, वीडियो वायरल

यहां देखिए वायरल वीडियो

अभिषेक राय

अभिषेक राय (Abhishek Roy) अभी TV9 भारतवर्ष के डिजिटल विंग में असिस्टेंट न्यूज एडिटर (Assistant News Editor) हैं. पत्रकारिता में उन्हें 14 साल से ज्यादा का अनुभव है और इस फील्ड में उनकी अपनी एक अलग पहचान है. अपने करियर में उन्होंने कई बड़े मीडिया संस्थानों में काम किया है.

शुरुआत में वे भोपाल के ‘पीपुल्स समाचार’ अखबार (Peoples Samachar) से जुड़े. यहां उन्होंने प्रिंट मीडिया का काम सीखा. इसके बाद वे दैनिक भास्कर (Dainik Bhaskar) ग्रुप में लंबे समय तक रहे. खास बात ये कि उन्होंने भास्कर के अखबार और वेबसाइट, दोनों जगह काम किया. इससे उन्हें पुरानी और नई, दोनों तरह की पत्रकारिता का अनुभव मिला. अभिषेक ने अहमदाबाद के ‘जानो दुनिया’ (Jano Duniya) न्यूज चैनल में भी काम किया. यहां उन्होंने टीवी मीडिया में अपनी काबिलियत दिखाई.

अभिषेक को राजनीति और विदेशी मामलों की अच्छी समझ है. वे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक घटनाक्रमों और वैश्विक कूटनीति को बहुत ही बारीकी से समझते हैं. हालांकि, वर्तमान में डिजिटल मीडिया की बदलती मांग को देखते हुए वे अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं. इन दिनों वे ट्रेंडिंग खबरों, वायरल टॉपिक्स और हटके कंटेंट पर काम कर रहे हैं.

अभिषेक के लिए पत्रकारिता महज एक पेशा या सिर्फ पाठकों तक सूचनाएं या खबरें पहुंचाना नहीं है. उनका विजन और उद्देश्य इससे कहीं अधिक व्यापक है. वे मानते हैं कि एक पत्रकार के रूप में उनकी जिम्मेदारी है कि पाठकों को हर बार कुछ नया और अनूठा पढ़ने को मिले. कंटेंट ऐसा हो जो पाठकों की सोच के दायरे को विस्तृत करे और उन्हें एक नया नजरिया दे.

अभिषेक को पत्रकारिता के साथ-साथ ट्रैवलिंग का भी शौक है. भागदौड़ भरी जिंदगी से जब भी फुर्सत मिलती है, वे पहाड़ों की तरफ निकल जाते हैं और सुकून के पल बिताते हैं.

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