जिस उम्र में लोग गाड़ी चलाना छोड़ देते हैं, उस उम्र में ट्रक दौड़ाती हैं 72 साल की दादी, हुनर ने सोशल मीडिया पर मचा दी धूम

72 साल की दादी का गजब कॉन्फिडेंसImage Credit source: Instagram/ indiaculturalhub

हते हैं कि कुछ नया सीखने की कोई उम्र नहीं होती. अगर मन में कुछ करने का जुनून हो, तो उम्र भी रास्ता नहीं रोक सकती. जम्मू की 72 साल की विद्या कौर ने इस बात को सच साबित कर दिखाया है. जिस उम्र में ज्यादातर लोग गाड़ी चलाने का ख्याल भी छोड़ देते हैं, उस उम्र में विद्या न सिर्फ कार चलाती हैं, बल्कि भारी गाड़ियां चलाने में भी माहिर हैं. उनका ड्राइविंग करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोग उनके जज्बे को सलाम कर रहे हैं.

विद्या कौर की कहानी उन लोगों के लिए किसी मोटिवेशन से कम नहीं है, जो उम्र बढ़ने के साथ अपने सपनों को पीछे छोड़ देते हैं. उनकी जिंदगी में जिम्मेदारियां कम नहीं थीं. महज 19 साल की उम्र में उनकी शादी हो गई थी. इसके बाद परिवार और घर-गृहस्थी की जिम्मेदारियों में उनका काफी समय बीता. वह पेशे से टीचर भी रहीं और आगे चलकर प्रिंसिपल की जिम्मेदारी भी संभाली. लेकिन इन सबके बीच कार चलाना सीखने की उनकी इच्छा हमेशा बनी रही.

सीखने की कोई उम्र नहीं!

काफी सालों तक अपने इस शौक को मन में रखने के बाद उन्होंने आखिरकार इसे पूरा करने का फैसला किया. करीब 40 साल बाद, जब वह 59 साल की थीं, तब ड्राइविंग सीखने के लिए स्कूल पहुंच गईं. उन्हें उम्मीद थी कि वहां से गाड़ी चलाना सीखने का मौका मिलेगा, लेकिन जवाब सुनकर उन्हें निराशा हुई. ड्राइविंग स्कूल में उनसे कहा गया कि इस उम्र में शहर की व्यस्त सड़कों पर गाड़ी चलाना उनके लिए मुश्किल हो सकता है. इसलिए उन्हें ड्राइविंग सीखने से मना कर दिया गया.

हालांकि, विद्या ने इस बात को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया. उन्होंने तय कर लिया कि अगर ड्राइविंग स्कूल उन्हें नहीं सिखाएगा, तो वह कोई दूसरा रास्ता तलाश लेंगी. कुछ समय बाद उन्होंने कार खरीद ली और अपने पड़ोसी से मदद मांगी. पड़ोसी उन्हें गाड़ी चलाना सिखाने के लिए तैयार हो गए. इसके बाद शुरू हुई उनकी मेहनत और प्रैक्टिस. विद्या रोजाना गाड़ी चलाने का अभ्यास करती थीं. उन्होंने गियर बदलने, क्लच और ब्रेक संभालने से लेकर स्टीयरिंग पर कंट्रोल रखने तक हर चीज को धीरे-धीरे सीखा. उनकी मेहनत रंग लाई और करीब एक महीने में वह कार चलाने लगीं. आज उनका आत्मविश्वास इतना बढ़ गया है कि वह जम्मू की सड़कों पर कार के साथ-साथ ट्रक भी चलाती हैं.

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इतना ही नहीं, पैरलल पार्किंग जैसी मुश्किल मानी जाने वाली ड्राइविंग स्किल में भी वह अच्छी पकड़ रखती हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में विद्या का बेफिक्र अंदाज लोगों का ध्यान खींच रहा है. गाड़ी चलाते समय उनका अपने पल्लू को ठीक करते रहना भी लोगों को काफी पसंद आ रहा है. वीडियो देखने वाले यूजर्स उन्हें प्यार से ‘बैडी दादी’ कह रहे हैं, तो कुछ लोग उनके लिए ‘गो गर्ल’ जैसे कमेंट कर रहे हैं.

यहां देखिए वीडियो

आयुष कुमार

आयुष कुमार, टीवी9 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं. अशोक और चाणक्य की धरती बिहार से हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की तालीम हासिल की है. पत्रकारिता में तीन साल से तिल को बिना ताड़ बनाए किसी भी सोशल मुद्दे को 360 डिग्री समझाने की कोशिश करते हैं. अमर उजाला, फिरकी डॉट इन से अपने पत्रकारीय सफर की शुरुआत की है. पाठकों तक सरल शब्दों में खबरें पहुंचाना उद्देश्य रहा है. लेखन की इस दुनिया में दिलचस्पी इसलिए बढ़ गई, क्योंकि बचपन से ही काफी ज्यादा बातूनी रहे हैं. फिलहाल, टीवी9 में फीचर राइटिंग करते हुए सोशल मीडिया की नब्ज पकड़ने में माहिर हो गए है. अजीबोगरीब खबरों को गजब तरीके से लिखकर आप सबके सामने पेश करते हैं.

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