इंटरनेशनल ड्रग्स सिंडिकेट के सरगना और भगोड़े आरोपी वीरेंद्र सिंह बसोया को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से गिरफ्तार कर भारत वापस लाया गया है। दिल्ली से दुबई-लंदन तक बसोया की बेनामी संपत्ति का जाल फैला है। एनसीबी और अन्य एजेंसियां उसके वित्तीय साम्राज्य को ध्वस्त करने के लिए जांच में जुटीं हैं।
दिल्ली के छोटे से गांव पिलंजी में कमरों का किराया वसूलकर गुजारा करने वाला एक साधारण शख्स, कुछ ही वर्षों में हजारों करोड़ रुपये के अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट का सरगना बन जाए, यह किसी डार्क क्राइम-थ्रिलर फिल्म के सीन जैसा लगता है, लेकिन यह हकीकत है कुख्यात माफिया वीरेंद्र बसोया की।
दिल्ली-एनसीआर से लेकर दुबई और लंदन तक फैले उसके बेनामी वित्तीय साम्राज्य को ध्वस्त करने के लिए एनसीबी व अन्य एजेंसियां जांच में जुट गई हैं। संपत्तियों की जब्ती के लिए सफेमा के तहत कार्रवाई की तैयारी है। जांच में सामने आया है कि भुगतान के लिए क्रिप्टोकरेंसी, एन्क्रिप्टेड ऐप्स, शेल कंपनियों और हवाला चैनलों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
इंटरपोल के नोटिस के आधार पर गिरफ्तारी
बसोया को जून, 2026 में यूएई में इंटरपोल के रेड नोटिस के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। भारतीय एजेंसियों ने यूएई अधिकारियों से लगातार समन्वय कर भारत वापसी सुनिश्चित की। यह कार्रवाई एनसीबी के ‘ऑपरेशन ग्लोबल हंट’ के तहत हुई है। बता दें, इससे पहले मोहम्मद सलीम डोला को तुर्किये और नवीन चिकर को मलेशिया से भारत लाया जा चुका है। दिल्ली से लेकर गुजरात, पंजाब और विदेश तक फैले करीब 13 हजार करोड़ रुपये के ड्रग्स नेटवर्क में वीरेंद्र बसोया को जांच एजेंसियां कथित मास्टरमाइंड के रूप में देख रही थीं। इस नेटवर्क में वीरेंद्र के अलावा सैंडिप संसार धुने को भी एजेंसी ने कथित किंगपिन बताया है। जांच में इसके कनेक्शन ब्रिटेन, मलेशिया, पाकिस्तान, थाईलैंड और दुबई तक सामने आए हैं।
यूं खुला राज
स्पेशल सेल ने एक अक्टूबर, 2024 को महिपालपुर एक्सटेंशन में छापेमारी की थी। यहां से 3 लोगों को गिरफ्तार कर 547 किलो कोकीन और 39.706 किलो हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया। फिर 3 अक्टूबर को जतिंदर सिंह गिल उर्फ जस्सी को गिरफ्तार कर उसकी गाड़ी से 1.096 किलो मादक पदार्थ बरामद किया। जांच में गाड़ी वीरेंद्र बसोया के भाई रविंदर के नाम पर होने का पता चला, जिसके बाद खुलासा हुआ कि यह पूरा सिंडिकेट वीरेंद्र का है।
बेटे की शादी के बाद फरार
2023 में बसोया के बेटे ऋषभ की शादी नोएडा से जुड़े एक पूर्व विधायक की बेटी से हुई थी। शादी एक आलीशान फार्म हाउस में हुई थी। इसके अगले ही दिन पुणे पुलिस ने उसके घर में रेड की, लेकिन वीरेंद्र परिवार समेत विदेश भाग गया था। फिर दिल्ली ड्रग्स केस में वीरेंद्र का नाम सामने आने पर लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया। जांच में वीरेंद्र के भाई रविंदर और बेटे ऋषभ का नाम भी सामने आया है। रविंदर को पुलिस ने 2024 में गिरफ्तार किया था, जबकि ऋषभ के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है। वह नवंबर, 2025 से विदेश में है और गिरफ्तारी से बच रहा है।
अमित शाह, केंद्रीय गृहमंत्री, ”मोदी सरकार विदेशों में छिपे ड्रग तस्करों का लगातार पता लगा रही है और सख्त रवैया अपनाते हुए पूरे नेटवर्क को खत्म कर रही है। नशीले पदार्थों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति में एनसीबी ने नया मील का पत्थर स्थापित किया है। ड्रग तस्करी के सरगना वीरेंद्र सिंह बसोया को यूएई से वापस लाने में सफलता हासिल की है।”

























