सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो.
Fake Plaster Viral Video: इंदौर शहर की हीरा नगर थाना पुलिस एक बार फिर बड़े विवादों में घिर गई है. सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे दो अलग-अलग वीडियो ने पुलिस की कार्यप्रणाली, आरोपियों के फर्जी मेडिकल और कथित दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. कार में तोड़फोड़ के आरोप में पकड़े गए आरोपियों के हाथों पर बंधे प्लास्टर और पट्टियों को लेकर सामने आई सच्चाई ने पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है.
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिख रहे विरोधाभास ने इस पूरे मामले को तूल दे दिया है. कार तोड़फोड़ मामले में गिरफ्तार आरोपियों को लेकर पुलिस का दावा था कि भागने के दौरान गिरने से उन्हें चोटें आई थीं. पहले सामने आए वीडियो में आरोपी पुलिसकर्मियों का सहारा लेकर लंगड़ाते हुए चलते और हाथों पर पट्टियां बंधे दिखे थे. जेल के बाहर का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें वही आरोपी एकदम सामान्य तरीके से बिना किसी सहारे के चलते दिखाई दे रहे हैं.
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आरोपी अपने हाथों पर बंधी पट्टियां और प्लास्टर खुद ही निकालकर फेंक रहे हैं. इससे पुलिस की इस थ्योरी पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या आरोपियों को सच में चोट लगी थी या यह सब महज एक ड्रामा था.
20 हजार रुपये की रिश्वत वसूली का भी आरोप
वीडियो वायरल होने के साथ ही पुलिसकर्मियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं. सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करने वाले व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि संबंधित पुलिसकर्मियों ने इस पूरे मामले में आरोपियों से 20,000 रुपये की रिश्वत वसूली थी. हालांकि, इन आरोपों की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही पुलिस विभाग की ओर से इस पर कोई विस्तृत बयान आया है.
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अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त का बयान और जांच के निर्देश
मामला तूल पकड़ते ही वरिष्ठ अधिकारियों ने संज्ञान लिया है. इंदौर के एडिशनल डीसीपी (Addl. DCP) राजेश दंडोतिया ने बताया कि वायरल वीडियो और सामने आए तथ्यों का संज्ञान लिया गया है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वायरल वीडियो की सत्यता और पुलिसकर्मियों की भूमिका की गहराई से जांच की जा रही है. जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर नियमानुसार निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी.
